अर्द्धकुंभ मेले से बाहर होंगे फर्जी शंकराचार्य - अमर उजाला

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दो टूक कहा है कि अर्द्धकुंभ मेले में किसी भी फर्जी शंकराचार्य को संगम की रेती पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा, वह चाहे तो संत, कल्पवासी के रूप में अपनी धार्मिक आस्थाओं का निर्वाह कर सकता है। परिषद की ओर से ऐसे कथित शंकराचार्यो की सूची बनाकर उसे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को भेजने सहित शासन-प्रशासन को देकर उनके मेले में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। यदि किन्हीं कारणों से प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो परिषद के आह्वान पर नागा संन्यासी उन्हें मेला क्षेत्र से बाहर का रास्ता दिखाएंगे। Sponsored Links Sponsored Links · Promoted ...

अयोध्या में मंदिर निर्माण को अब संतों का नया फार्मूला, अखाड़ा परिषद की बैठक में प्रस्ताव पास - Patrika

आचार्य नरेन्द्र गिरी बोले, 10 दिन से एक माह के अंदर तैयार हो जाएगा नया फार्मूला। सभी पक्ष हैं सहमत। इलाहाबाद. संगम नगरी इलाहाबाद के बोट क्लब स्थित मौजगिरी आश्रम में रविवार को अखिल भारतीय अखाडा़ परिषद की बैठक हुई। बैठक में सभी पक्षों की सहमति से राम मंदिर निर्माण के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हो गया। इस दौरान 2019 में लगने वाले अर्धकुंभ को लेकर भी कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई। इसके लिए भी प्रस्ताव तैयार किया गया। राम मंदिर निर्माण को लेकर पिछले काफी समय से संतों में चर्चा का विषय रहा है। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश आने के बाद अब आपसी सहमति के लिए रास्ता ...

VIDEO: राम मंदिर मसले पर अखाड़ा परिषद मध्यस्थता को तैयार - Hindustan हिंदी

रामजन्मभूमि के मुद्दे को जल्द सुलझाने के लिए अखाड़ा प्रतिनिधियों की ओर से सार्थक पहल शुरू हो गई है। इसके लिए दस दिन के आपसी सहमति से फार्मूला तैयार कर लिया जाएगा। इसमें हिन्दू-मुस्लिम दोनों पक्ष के प्रतिनिधियों से राय ली जाएगी। यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से रविवार को मौजिगिरि आश्रम में आयोजित बैठक में लिया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की ओर से मौजिगिरि आश्रम में अखाड़ा प्रतिनिधियों की हुई बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि फर्जी स्वंभू शंकराचार्यों पर रोक लागाई जाए। परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने कहा कि किसी के घर जाकर ...

आम सहमति से जल्द बनेगा राम मंदिर, अर्धकुंभ में फर्जी शंकराचार्यों की नो इंट्री: नरेंद्र गिरी - दैनिक भास्कर

इलाहाबाद. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में सभी पक्षों की सहमति से राम मंदिर निर्माण के लिए प्रस्ताव पास हुआ। अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा क‍ि आम सहमति से जल्द राम मंदिर निर्माण होगा। सभी पक्षों से बात की जा रही है। इसके अलावा प्रयाग में 2019 में लग रहे अर्द्धकुंभ में फर्जी शंकराचार्यों को प्रवेश नहीं मिलेगा। रव‍िवार को इलाहाबाद में हुई बैठक में उन्होंने ये बातें कही। आगे पढ़‍िए और क्या हुआ बैठक में... -रामजन्म भूमि के प्रमुख पक्षकार श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े के महंत धर्मदास ने कहा क‍ि रामजन्म भूमि से जुड़े सभी पक्षकार (हिन्दू-मुस्लिम) राम मंदिर निर्माण के ...

हिंदू धार्मिक नेताओं की सभा में राम मंदिर का मुद्दा भी उठा - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) | Updated: Apr 30, 2017, 10:10PM IST. और जानें: soccer-conte | Chelsea. इलाहाबाद, 30 अप्रैल :भाषा: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की यहां हुई बैठक में साधू सन्यासियों ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर एक भव्य राम मंदिर निर्माण करने का संकल्प आज दोहराया। परिषद ने घोषणा की कि इस संबंध में अगली कार्रवाई पर निर्णय के लिए अयोध्या में एक बैठक की जाएगी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में देशभर के 13 अखाड़ों से आए प्रतिनिधियों ने 2019 में होने वाले कुंभ मेले से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

अखाड़ा परिषद का फैसलाः अर्द्धकुंभ में स्वयंभू शंकराचार्यों की नोइंट्री - दैनिक जागरण

2019 में अद्र्धकुंभ में स्वयंभू शंकराचार्यों को प्रवेश नहीं मिलेगा। वह मेला क्षेत्र में न शंकराचार्य का बोर्ड लगा पाएंगे, न उसके अनुरूप प्रशासनिक सुविधा मिलेगी। इलाहाबाद (जेएनएन)। प्रयाग में 2019 में लग रहे अर्द्धकुंभ में स्वयंभू शंकराचार्यों को प्रवेश नहीं मिलेगा। वह मेला क्षेत्र में न शंकराचार्य का बोर्ड लगा पाएंगे, न उसके अनुरूप प्रशासनिक सुविधा मिलेगी। हां, संन्यासी के रूप में आने व शिविर लगाने की सबको अनुमति मिलेगी। यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में हुआ। तस्वीरों में देखें-योगी से मिलने को उमड़े फरियादी. मौज गिरि मंदिर में रविवार शाम अध्यक्ष ...

चार शंकराचार्यों को ही आवंटित कराएंगे भूमि - अमर उजाला

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की प्रतीक्षित बैठक रविवार को प्रयाग की वागंभरी पीठ पर हो रही है। बैठक में परिषद संगम तट पर सेना के अधिकार में चल रहे प्राचीन किले को पुरातत्व संपत्ति घोषित करने की मांग भी करेगी। हालांकि फर्जी संतों पर कार्रवाई पर असमंजस बना हुआ है। परिषद का कहना है कि प्रयाग अर्द्धकुंभ में भूमि आवंटन केवल चार शंकराचार्यों के नाम कराया जाएगा। फर्जी शंकराचार्यों को कुंभ मेला क्षेत्र में भूमि नहीं लेने दी जाएगी। प्रयाग रवाना होने से पहले अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने उठाए जाने वाले विषयों की जानकारी दी। कहा कि शंकराचार्य पद पर ...