अधिकारी दे रहे दिलासा, डूब प्रभावितों में आक्रोश, कमिश्नर ने लिया पुनर्वास स्थल का जायजा - Patrika

निसरपुर/सुसारी. डूब प्रभावित क्षेत्र के ग्रामिणों ने अधिकारियों को बताया कि पुनर्वास स्थल पर न पानी की व्यवस्था है और न ही मकान बनाने की जुगत बैठ पा रही है। ऐसे में वे क्या करें...? कई लोगों के खेत डूब क्षेत्र में नहीं है, लेकिन वहां जाने के रास्ते डूब क्षेत्र में है, वहां जाने की क्या व्यवस्था होगी और क्या प्रशासन सभी लोगों को टीन के शेड में ही रहने का इंतजाम करेगा? डूब क्षेत्र के पुनर्वास स्थल में काम कुछ नहीं हो रहा है। दूसरी ओर क्षेत्रिय प्रशासनिक अधिकारी प्रभावितों को केवल आश्वासन दे रहे हैं। इससे प्रभावितों में आक्रोश पनप रहा है। शनिवार को कुक्षी एसडीएम रिशव ...

आप ही बताएं, जंगल और दलदली जमीन में कैसे बनेंगे हमारे मकान - Nai Dunia

साहब... जहां आप हमें बसाने की बात कह रहे हैं, वहां तो कंटीली झाड़ियों का जंगल बन चुका है। जहां मकान बनाना है वहां दलदली जमीन व काली मिट्टी होने से पानी भरा रहता है। ऐसे में आप ही बताएं कैसे बनेंगे वहां हमारे मकान। यह सवाल शुक्रवार को सुबह ग्राम भंवरिया में डूब प्रभावितों ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूछा। एसडीएम रिशव गुप्ता, तहसीलदार राजेश पाटीदार, जनपद पंचायत सीईओ ओपी शर्मा कर्मचारियों के साथ निसरपुर ब्लॉक के ग्राम भंवरिया और भीलसुर पहुंचे। यहां नर्मदा नदी की सहायक नदी बांघनी से बैक वाटर लेवल आने वाला है। इससे नदी के किनारे बसे मकान डूब में आएंगे। सुबह 9 बजे ...