चांद का दीदार, सुबह के सहरी के बाद रोजा शुरू - प्रभात खबर

मुंगेर : रमजानुल मुबारक के चांद का दीदार होते ही मुसलिम भाइयों में खुशी की लहर दौड़ गयी. शाम मगरिब की नमाज के बाद बादलों की ओट से कुछ पलों के लिए चांद ने अपना मुखड़ा दिखाया. काफी लोग तो चांद की एक झलक देखने को तरस गये. शनिवार को छतों से महिलाएं व बच्चे एक दूसरे को चांद देखने की पुष्टि करते देखे गये. लोगों ने शाम से ही रमजानुल मुबारक माह की मुबारकबाद देनी शुरू कर दी. रमजानुल मुबारक का पवित्र माह रविवार से प्रारंभ हो जायेगा. रमजानुल मुबारक को सब्र करने का भी महीना कहते हैं. इस माह में नफ्ल का सवाब फर्ज के बराबर मिलता है और प्रत्येक फर्ज का सवाब 70 गुना बढ़ जाता है.

किस्मतवालों को नसीब होता है रमजान - प्रभात खबर

भागलपुर : खुदा का पाक महीना है रमजान. इस माह को बरकत, रहमत व मगफिरत का महीना भी कहा जाता है. किस्मतवालों को ही रमजान का पाक माह नसीब होता है. इस माह की खास इबादत रोजा रखना व तराबीह पड़ना है. रोजेदारों को रोजे रखने का सवाब खुद अल्लाह देते है. इस माह का एक-एक पल रोजेदारों के लिए खास मुकाम रखता है. एक के बदले 70 गुना सवाब मिलता है. उक्त बातें मदरसा जामिया शहबाजिया के हेड शिक्षक मुफ्ती मौलाना फारूक आलम अशरफी ने कही. उन्होंने बताया कि रमजान माह को तीन हिस्सों में बांटा गया है. पहला हिस्सा (एक से दस रोजा) रहमत का है. इसमें अल्लाह की खास रहमत रोजेदारों पर होती है. दूसरा ...

सब्र के इम्तिहान व छिपी इबादत में ही है ज्यादा सवाब - दैनिक जागरण

रमजान के पाक और मुकद्दस महीने का अपना एक बेहद खास महत्व है। इस माह के दौरान की गई इबादत के बारे में. रमजान के पाक और मुकद्दस महीने का अपना एक बेहद खास महत्व है। इस माह के दौरान की गई इबादत के बारे में कहा जाता है कि इससे बंदा अल्लाह को पा लेता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस महीने में बरकतों व रहमतों का सिलसिला अन्य महीनों के मुकाबले बहुत ज्यादा रहता है। रमजान में सबसे खास बात यह होती है कि रोजेदार महज खाने पीने तक से परहेज नहीं करता, बल्कि आंखों से कुछ गलत नहीं देखता। वहीं, जुबान से कुछ भी गलत नहीं बोलने का नियम होता है। अपने हाथों से कोई गलत काम न हो, इसका पूरा ख्याल रखा ...

प्यार, त्याग, नेकी व भाईचारे का संदेश देता है रमजान - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित दरगाह पंचपीर कमेटी के मुख्य संरक्षक मो. शरीफ कुरैशी ने बताया कि रमजान का महीना एक ऐसा महीना है, जो व्यक्ति को कुछ भी गलत करने से रोकता है। यूं तो व्यक्ति ¨जदगीभर जैसे कर्म करता है, वैसा ही फल मिलता है। अल्लाह की इबादत व बुराइयों को त्यागने वाला यह बेहद ही पाक महीना होता है। बकौल कुरैशी यह महीना हमें प्यार, त्याग, नेकी व भाईचारे का संदेश तो देता ही है, इंसान को इंसान के काम आना चाहिए यह इस महीने का सबसे बड़ा संदेश होता है। यह महीना व्यक्ति को सभी प्रकार की बुराइयां त्यागने का भी संदेश देता है।

लो आ गया बरकतों व रहमतों से भरपूर महीना - अमर उजाला

रमजान का मतलब सिर्फ रोजा रखना नहीं है। यह खास महीना अपने अंदर झांकने और नेकी को अपनाने की राह दिखाने वाला है। इसीलिए कहा गया है कि रमॐान का एहतिमाम जितना जरूरी है उतना ही एहतराम भी लाजिम है। अल्लाह तआला इस माह में रोजेदारों को नेमतों और बरकतों से नवाजता है। मौलाना अब्दुल जलील निजामी बताते हैं कि रमॐान माह को अल्लाह तआला ने अपना महीना कहा है। इसकी कुछ तो वजह होगी। कुछ पैगाम होंगे। कुछ नसीहतें होंगी। जिन्हें अल्लाह तआला अपने बंदों तक पहुंचाना चाहता है। अल्लाह बंदों से चाहता है कि वह नेकी करें और नेकी का पैगाम दें। मगर इंसान न जाने किस गफलत का शिकार है कि ...

तमाम महीनों से अफजल है रमजान का महीना - दैनिक जागरण

पूर्णिया। तमाम महीनों से अफजल रमजान का महीना होता है। उक्त बातें मौलाना शमीम रजा ने कही। पूर्णिया। तमाम महीनों से अफजल रमजान का महीना होता है। उक्त बातें मौलाना शमीम रजा ने कही। उन्होंने कहा कि हजरत सलमान रजी अल्लाह तआला अन्हु से रिवायत है कि नबी सल्लाहु अलैहे वसल्लम ने साबान की आखिरी तारीख में हमलोगों से इरशाद फरमाया कि तुम्हारे ऊपर एक महीना आ रहा है जो बहुत बड़ा महीना है। बहुत मुबारक महीना है। इसमें एक रात ऐसी आती है सबे कदर जो हजारों महीनों से बढ़कर है। अल्लाह तआला ने इस महीना के रोजा को फर्ज फरमाया और इसके रात के क्याम यानी तरावीह को सवाब की चीज ...

दीन की रोशनी में संवारे ¨जदगी - दैनिक जागरण

रमजान का मुबारक महीना नेकियां कमाने का मौका देता है। इस महीने में ही कुरान शरीफ नाजिल हुआ था। जिस. रमजान का मुबारक महीना नेकियां कमाने का मौका देता है। इस महीने में ही कुरान शरीफ नाजिल हुआ था। जिस तरह कलमा, नमाज, जकात और हज फर्ज है, वैसे ही हर बालिग मुसलमान के लिए रोजा रखना भी फर्ज है। यह पाक महीना बाकी महीनों की अपेक्षा अफजल और इबादत का महीना है। इस महीने में हर मुसलमान रोजा रखने के साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारता है। जैसे नमाज पढ़ना और कुरान मजीद की तिलावत करना। रमजान का महीना सब्र का महीना भी है, इस महीने में अल्लाह की खास ...

मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान का आगाज - अखंड भारत

सुल्तानपुर(ब्यूरो)- कल रविवार से मुसलमानो का पवित्र महीना रमज़ान का आगाज होने वाला है। इस महीने में अल्लाह अपने बन्दों से सुबह सादिक से सूरज गुरूब होने तक के उन सभी शारीरिक जरूरत के जायज चीजो को इस्तेमाल करने पर रोक लगा देता है| इस निश्चित समय में रोज़ा के महीनो में जायज चीजो को इस्तेमाल करना अल्लाह ने हराम किया है। रोज़ा- अरबी के शौम शब्द से बना है| जिसका मतलब रुक जाना होता है रोज़ेदार अपने सभी शारीरिक आवश्यकताओ की पूर्ति से एक निश्चित समय के लिये रुक जाना है और यह अमल मुस्लमान रमजान के महीने में करता है। रमजान वह महीना है जिसमे कुरआन उतारा गया जो इंसानों ...

रमजान मुबारक : रमजान है अल्लाह की इबादत का महीना : मौलाना याहया - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, नूंह : रमजान अल्लाह की इबादत व बुराइयों को त्याग करने का पाक महीना है। इस पवित. जागरण संवाददाता, नूंह : रमजान अल्लाह की इबादत व बुराइयों को त्याग करने का पाक महीना है। इस पवित्र महीने पर हरेक मुसलमान को अमल करना चाहिए। रमजान का महीना हमें त्याग, प्यार, नेकी व भाईचारे का संदेश देता है तो बुराइयों से दूर रहने की सलाह भी। रमजान साल के बारह महीनों में सबसे मुबारक महीना होता है। इस महीने में नेकी का सबाब सात सौ गुणा मिलता है। इसमें दूसरों के साथ हमदर्दी व मोहब्बत के साथ पेश आना चाहिए। रोजा रखने का मतलब 'रोकना' होता। इसका अर्थ खुद को भूख-प्यास से रोकने के ...

रोजा जीवन बिताने का है वार्षिक प्रशिक्षण: मोहसिन - दैनिक जागरण

अररिया। रमजानुल मुबारक का रोजा आज से शुरू हो गया है जो पूरे एक महीने तक चलेगा। इसकी. अररिया। रमजानुल मुबारक का रोजा आज से शुरू हो गया है जो पूरे एक महीने तक चलेगा। इसकी तैयारी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। रमजान को लेकर लोग घरों और इबादतों की सफाई में मशगुल हैं। साथ ही सेहरी और इफ्तार की तैयारी में लोग जुटे है। रोजा को लेकर बाजार की रौनक बढ़ गई है। रमजानुल मुबारक के फजीलत के बारे में सेवानृवित्त प्रधानाध्यापक सह जमाअते इस्लामी के अमीरे मुकामी मो. मोहसिन ने कहा कि अल्लाह ने पूरे रमजानुल मुबारक महीना का रोजा मुसलमानों पर फर्ज किया है। क्योंकि इसी महीने ...

रोजेदारों के लिए मस्जिदों में लग गए एसी और कूलर - नवभारत टाइम्स

मस्जिदों में रमजान को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। गर्मी को देखते हुए मस्जिदों में रोजेदारों के लिए एसी, कूलर और पंखे आदि का इंतजाम किया जा रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं कई जगह इफ्तार का भी प्रबंध किया जा रहा है। कौशांबी, जामा मस्जिद. मस्जिद के इमाम हाफिज ने बताया कि रमजान के लिए मस्जिद में साफ-सफाई की गई है। गर्मी को देखते हुए प्याऊ भी लगवाया गया है, जो कि मस्जिद के बाहर से निकलने वाले लोगों की प्यास बुझाएगा। इमाम ने बताया कि रमजान के समय मस्जिद में इबादत करने आए लोगों को ...