नए दौर में बन रहा है नया विश्व समूह - Patrika

पिछले कुछ सालों में यूरोप में सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के मद्देनजर भारत और ऐसे ही अन्य देश यूरोप की ओर देख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जर्मनी, रूस जैसे देशों की यात्रा और अन्य प्रस्तावित यात्राओं के संदर्भ में भारत और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों में आए सुधार को एक शुरुआत मानना चाहिए। देखा जाए तो शीत युद्ध के बाद से यूरोपीय यूनियन (ईयू)अपने पुनर्निर्माण में लगा हुआ है। भारत भी कमोबेश इसी प्रक्रिया से गुजर रहा है। रूस वैश्विक तो नहींं लेकिन एक नई यूरोपीय शक्ति के रूप में उभर रहा है। भारत के लिए चीन व पाकिस्तान के साथ रूस की बढ़ती नजदीकियां ...

क्या डोनल्ड ट्रंप को समझने में चूक गए पुतिन? - BBC हिंदी

रूसी सरकार ने हाल ही में अमरीकी राजनयिकों की संख्या घटाने का आदेश दिया है. इस कदम ने दोनों देशों के बीच द्वपक्षीय रिश्तों में एक नई शुरुआत होने की आशा को खत्म कर दिया है. इसकी जगह अब दोनों देशों में एक अनिश्चित काल की प्रतिद्वंदिता शुरू हो सकती है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की जीत के मौके पर एक नये तरह के संबंधों की संभावना जाहिर की थी. प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा. रूस और अमरीका. Exit player. रूस और अमरीका. क्या पुतिन ट्रंप को समझने में चूके? ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन ने इसे समझने में चूक की. ट्रंप के चुनाव अभियान ...

रूस ने अमेरिकी राजनयिकों को निकालने के आदेश पर दी सफाई - पंजाब केसरी

मास्को: रूस ने देश में अमेरिकी कूटनीतिक कर्मचारियों की संख्या में कटौती के अपने फैसले का बचाव किया। एेसा लगता है कि क्रेमलिन ने यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में फिलहाल दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीदें छोडऩे के बाद किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को घोषणा की थी कि अमेरिका को मास्को की आेर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्य दूतावास में 755 कर्मी कम करने होंगे। यह कदम मॉस्को द्वारा अमेरिकी कर्मियों की संख्या में एकबार में कटौती का सबसे बड़ा मामला है। पुतिन ने चेतावनी दी कि वह आगे और ...

किस राजनयिक को रखना और किसे हटाना, इसका फैसला अमेरिका को करना है: रूस - Nai Dunia

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति के कार्यालय क्रैमलिन ने स्पष्ट किया है कि अब अमेरिका को तय करना है कि वह उनके देश में कौन से राजनयिक रखेगा या हटाएगा। उसे अपने 755 कर्मी हटाने हैं। इनमें रूसी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि रूस में स्थित अमेरिकी राजनयिकों के विभिन्न कार्यालयों में कुल 1279 लोग कार्यरत हैं। इनमें से 934 रूसी हैं, बाकी के अमेरिकी हैं। अमेरिकी संसद द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाने के पारित प्रस्ताव के जवाब में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राजनयिक स्टाफ को वापस जाने के लिए कहा है। अमेरिकी संसद ने यह प्रस्ताव अमेरिकी चुनाव में रूस के ...

अमेरिका और रूस के रिश्ते में बढ़ी खटास, अमरीकी राजनयिक छोडे रूस - Sanjeevni Today

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। रूसी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में पुतिन ने कहा कि अमेरिका के 755 राजनयिकों को रूस से छोड़ना होगा। चेतावनी भरे लहजे में रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि हो सकता है कि वॉशिंगटन के साथ लंबे समय तक संबंधों में सुधार नहीं हो। रूस द्वारा उठाए गए इस कदम को अमेरिका ने अफसोसजनक और अनैतिक बताया है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि रूस ने देश में राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा है। अब एक सितंबर के बाद यह संख्या 455 हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'हम इस आदेश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं।

अमेरिका रूस से राजनयिक कर्मियों की संख्या 755 तक घटाए : व्लादिमीर पुतिन - देशबन्धु

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मास्को में अमेरिकी राजनयिक मिशन को अपने कर्मचारियों की संख्या घटाकर 755 रखने का आदेश दिया है... एजेंसी. July 31,2017 06:05. Share: AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to WhatsApp Share to Twitter Share to Google+ Share to LinkedIn. अमेरिका रूस से राजनयिक कर्मियों की संख्या 755 तक घटाए : व्लादिमीर पुतिन. Vladimir Putin. मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मास्को में अमेरिकी राजनयिक मिशन को अपने कर्मचारियों की संख्या घटाकर 755 रखने का आदेश दिया है। पुतिन के इस कदम को अमेरिका के रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों पर आक्रामक प्रतिक्रिया के तौर पर ...

रूस और अमेरिका के बीच टकराव से भारत को उठाना पड़ सकता है नुकसान - दैनिक जागरण

रूस और अमेरिका के बीच आए टकराव का असर भारत पर भी दिखाई दे सकता है। दोनों देशों के बीच यह टकराव भारत के लिए सही नहीं होगा। नई दिल्‍ली (स्‍पेशल डेस्‍क)। रूस और अमेरिका में बढ़ती तनातनी का असर कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे देशों पर भी पड़ सकता है। जिस तरह से दाे महाशक्तियों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है वह किसी भी सूरत में सही नहीं है। जानकार मानते हैं दोनों देशों के बीच आया टकराव भारत के लिए सही नहीं होगा। इन संबंधों के जल्‍द सुधरने की भी फिलहाल कोई उम्‍मीद दिखाई नहीं दे रही है। इसका जिक्र खुद रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने भी किया है। 755 अमेरिकी राजनयिकों को रूस छोड़ने ...

रूस ने दिया अमेरिका को जवाब, पुतिन ने 755 डिप्‍लोमेट्स वापस बुलाने को कहा - Jansatta

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका को मास्को की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्य दूतावास में 755 कर्मी कम करने होंगे। Author एजंसी मास्को | July 31, 2017 16:48 pm. 351. Shares. Facebook · Twitter · Google Plus · Whatsapp. व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका को मास्को की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्य दूतावास में 755 कर्मी कम करने होंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका को मास्को की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के चलते रूस में अपने दूतावास और महावाणिज्य दूतावास ...

अमेरिकी राजनयिकों को तुरंत रूस छोड़ने का आदेश - राष्ट्रीय खबर

मास्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका द्वारा हाल ही में रूस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों की प्रतिक्रिया में, अमेरिका के 755 राजनयिकों को देश से तुरंत चले जाने को कहा है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस के रिश्ते फिलहाल जिस मुकाम पर जा पहुंचे हैं, उसमें आने वाले दिनों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से अपने राजनयिकों की संख्या घटाने को कहा था। रूस ने अमेरिकी राजनयिकों की संख्या घटाकर 455 करने की बात कही थी। अमेरिका में भी रूस के इतने ही राजनयिक कार्यरत हैं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक साक्षात्कार में कहा ...

पुतिन के इस कदम ने ट्रंप की लंका लगा दी है - The Lallantop

अमेरिका और रूस के बीच टेंशन सास-बहू के झगड़े की तरह है. इसमें कोई नई बात नहीं है. मगर रविवार को सामने आए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के एक इंटरव्यू ने तहलका मचा दिया है. पुतिन ने अमेरिकी एंबेसी में तैनात 755 अमेरिकियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. 1 सितंबर की डेडलाइन भी तय कर दी है. इससे डॉनल्ड ट्रंप के आने के बाद अमेरिका-रूस संबंध सुधरने के कयासों को भी झटका लगा है. पुतिन ने भी इस पर मुहर लगाते हुए कहा कि निकट भविष्य में रूस के अमेरिका से रिश्ते सुधरने वाले नहीं हैं. अमेरिकी एंबेसी ने इस कदम पर काफी निराशा जाहिर की है. डबल डोज से भड़का रूस. पुतिन ने यूं ही नहीं हंटर ...

रूस में अमेरिकी मिशनों पर 755 कार्मिकों के व्लादिमीर पुतिन के आदेश की कटौती - Dainik Kiran

संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस ने एक दूसरे के राजनयिकों से पहले दर्जनों लोगों को निष्कासित कर दिया है - लेकिन पुतिन द्वारा किए गए रविवार के वक्तव्य से संकेत मिलता है कि दूतावास के कर्मचारियों में सबसे बड़ी एकल मज़बूरी आई हैं। By. दिपाली सोनवणे. -. July 31, 2017. 0. 15. Share on Facebook · Tweet on Twitter. मास्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा कि रूस और अमेरिका के दूसरे देशों में अमेरिकी राजनयिक मिशनों को अपने कर्मचारियों को 755 लोगों द्वारा कम करना होगा, 2016 में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए क्रेमलिन के हस्तक्षेप पर अमेरिकी प्रतिबंधों के रूसी ...

755 अमरिकी राजनयिकों को छोड़ना पड़ेगा रूस : पुतिन - Sanjeevni Today

मास्को। अमरीकी प्रतिबंधों की जवाबी कार्रवाई में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने 755 अमरिकी राजनयिकों को रूस छोड़ने को कहा है। साथ ही पुतिन ने यह भी कहा कि वो जल्द ही दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार को नहीं देख रहे हैं। ये भी पढ़े : शरीफ पर इमरान के इल्जाम कहा- देश की सेना को अपमानित किया रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से सितंबर तक अपने राजनयिकों और कर्मचारियों की संख्या 455 तक सीमित करने को कहा था। इसी संख्या में मास्को अमेरिका में है। पुतिन के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोग काम कर रहे थे और अभी भी काम कर रहे हैं। 755 लोगों को रूस में अपनी ...

फिर टकराव की स्थिति में आये रूस और अमेरिका! - Today samachar (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

मास्को: अमेरिका द्वारा रूस पर कड़े प्रतिबन्ध लगाने के बाद से रूस ने भी अमेरिका के प्रति सख्त रवैया अपना लिया है। रूस ने सख्त कदम उठाते हुए अमेरिका के 755 राजनयिकों को देश से निकल जाने का फरमान सुना दिया है। वहीँ रूस अमेरिका के बीच लगातार तल्खी बढ़ती जा रही है। हाल ही में अमेरिका और रूस के राष्ट्राध्यक्षों की मुलाकात के बाद भी दोनों देशों के संबंधों में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका द्वारा रूस पर नये प्रतिबन्ध लगाए जाने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लाद्मिर पुतिन ने भी अमेरिका पर सखत कदम उठाते हुए अमेरिकी राजनयिकों को रूस छोड़ने का आदेश दे दिया है।

रुस-अमेरिका में बढ़ा विवाद, पुतिन ने 755 राजनयिक निकाले - Patrika

रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी दूतावास के 755 कर्मियों को देश छोड़ने के आदेश दिए हैं। नई दिल्ली: रुस और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट दिनों से दिन बढ़ती ही जा रही है। अब अमेरिका के नए प्रतिबंधों से नाराज रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को अपने राजयिकों को रुस से हटाने को कहा है। पुतिन ने अमेरिकी दूतावास के 755 कर्मियों को देश छोड़ने के आदेश दिए हैं। पहले कर्मचारी कम करने को कहा था. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा अभी दोनों देश के रिश्तों में किसी तरह के सुधार की गुंजाइश नहीं है। रिश्तों में सुधार के लिए हमने बहुत इंतजार किया, लेकिन ...

755 अमेरिकी राजनयिकों को 1 सितंबर तक रूस छोड़ने का फरमान - Youthens News

अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई में रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अमेरिका के 755 राजनयिकों को रूस छोड़ने को कहा है। इसके साथ ही पुतिन ने यह भी कहा कि वे जल्द ही दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार को नहीं देख रहे हैं। हालांकि यह फ़ैसला शुक्रवार को ले लिया गया था, लेकिन पुतिन ने संख्या की पुष्टि अब की है, 755 राजनयिकों को 1 सितंबर तक रूस छोड़ने को कहा गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब 1 सितंबर के बाद रूस में अमेरिका के कर्मचारियों की संख्या 455 हो जाएगी। इसके प्रभाव का आकलन कर जवाब दिया जाएगा – अमेरिका. यह अब तक का राजनयिकों का ...

अमेरिका में रशियन राजनयिकों को हटाने के बाद पुतिन की चेतावनी सोमवार,जुलाई 31, 2017 - Raftaar

पुतिन ने रोसिया-24 टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका के दूतावास और महावाणिज्य दूतावासों में 'एक हजार से ज्यादा लोग काम कर रहे थे और अब भी काम कर रहे हैं।' उन्होंने कहा '755 लोगों को रूस में अपना काम बंद करना होगा।' पुतिन ने कहा कि वॉशिंगटन के साथ रूस के संबंधों में 'जल्द' कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। hindi.webdunia.com Jul 31, 2017, 09:06 IST. पूरी स्टोरी पढ़ें ». Read More: Vladimir PutinAmerican DiplomatDonald TrumpRussiaअमेरिकारशियनपुतिनचेतावनी सोमवार2017 .

मुश्किल में फंसा अमेरिका- रूस ने किया बड़ा फैसला, 755 लोगों पर आफत - Today samachar (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ अब रूस ने भी बड़ा फैसला करते हुए 755 अमेरिकी राजनयिक कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है। बता दें कि अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को एक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में रूस के कथित तौर पर संलिप्ता की बात की गई है। इसके अलावा 2014 में क्रीमिया पर कब्जे के लिए प्रतिबंध कड़े करने की बात भी की गई है। तो वहीं प्रतिबंध वाले विधेयक में ईरान और उत्तर कोरिया को भी निशाने पर लिया गया है। अमेरिका के इस फैसले को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कड़ी चेतावनी दी है।

पुतिन ने कहा- 755 अमेरिकी राजनयिकों को रूस से हटना होगा - Firstpost Hindi

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अमेरिका के 755 राजनयिकों को रूस से हटना होगा. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि हो सकता है कि वॉशिंगटन के साथ लंबे समय तक संबंधों में सुधार नहीं हो. अमेरिका की तरफ से कड़े प्रतिबंध लागू किए जाने के बाद रूस ने यह कदम उठाया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने पहले मांग की थी कि वॉशिंगटन रूस में सितंबर तक राजनयिकों की संख्या कम कर 455 तक करे. इतने ही रूसी राजनयिक अमेरिका में हैं. पुतिन ने रोसिया-24 टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका के दूतावास और महावाणिज्य दूतावासों में 'एक हजार से ज्यादा लोग काम कर रहे थे और अब भी काम ...

रूस और अमेरिका में तनाव, पुतिन ने 755 अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने को कहा... - Medhaj News

रूस और अमेरिका के संबंधों में तनाव काफी बढ़ गया है। रविवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा फैसला लेते हुए रविवार को अमेरिका के 755 राजनयिकों को रूस निकल जाने का फरमान सुना डाला। 1 सितंबर तक रूस छोड़ देने का आदेश दिया गया है। इसका कारण बताते हुए पुतिन ने कहा कि वॉशिंगटन के साथ रूस के संबंधों में जल्द कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है। हमने काफी इंतजार किया, हमें उम्मीद थी कि स्थिति बेहतर होगी। लेकिन लगता है कि अगर स्थिति बदलती भी है तो यह जल्द नही बदलेगी। क्या है मामला? आपको बता दें, अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार को रूस पर प्रतिबंधों को लेकर नया बिल पास किया था ...