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मैरिटल रेप को अपराध घोषित करना वैवाहिक संस्था के लिए ख़तरा: केंद्र सरकार - The Wire Hindi

दिल्ली हाईकोर्ट में मैरिटल रेप पर हो रही सुनवाई में केंद्र ने कहा कि पश्चिमी देशों में इसे अपराध माने जाने का ये मतलब नहीं कि भारत भी आंख मूंदकर वही करे. फोटो: पीटीआई. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष कहा कि वैवाहिक बलात्कार को दंडनीय अपराध नहीं बनाया जा सकता क्योंकि ऐसा करना विवाह की संस्था के लिए ख़तरनाक साबित होगा. यह एक ऐसा चलन बन सकता है, जो पतियों को प्रताड़ित करने का आसान जरिया बन सकता है. गौरतलब है कि वैवाहिक बलात्कार को अपराध करार देने की मांग वाली याचिकाओं के जवाब में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों आईपीसी की धारा 498ए विवाहित महिला को उसके पति और ससुरालवालों द्वारा ...और अधिक »

पत्नी से जबरन यौन संबंध बनाने को नहीं मान सकते रेप : दिल्ली HC से केंद्र - NDTV Khabar

केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि 'वैवाहिक दुष्कर्म' (मैरिटल रेप) को अपराध घोषित करने से विवाह संस्था ढह सकती है. IANS, Updated: 30 अगस्त, 2017 10:38 AM. 540 Shares. ईमेल करें. टिप्पणियां. पत्नी से जबरन यौन संबंध बनाने को नहीं मान सकते रेप : दिल्ली HC से केंद्र. वैवाहिक दुष्कर्म मामले में केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफ़नामा दायर किया है. खास बातें. मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने से विवाह संस्था ढह जाएगी; पतियों को परेशान करने का जरिया बन सकता है; सिर्फ पति-पत्नी के बयान पर निर्भर रह जाएगा फैसला. नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि 'वैवाहिक दुष्कर्म' (मैरिटल रेप) को अपराध घोषित करने से विवाह संस्था ढह सकती है और इसके ...और अधिक »

वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में रखने की याचिका पर सुनवाई को सहमत उच्च न्यायालय - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: Aug 30, 2017, 09:15PM IST. TimesPoints. 8. 0. 1. 0 Added. लॉगिन करें और पाएं. 1 Point. लॉगिन करें. नयी दिल्ली, 30 अगस्त भाषा दिल्ली उच्च न्यायालय ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में रखने से संबंधित एक संगठन की याचिका पर सुनवाई करने के लिए आज सहमति जता दी। यह संगठन लैंगिक समानता लाने के लिए पुरुषों को अपने साथ जोड़ता है और यौन हिंसा को मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए वैवाहिक बलात्कार को अपराध करार देने वाली याचिकाओं का समर्थन कर रहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीत मिाल और न्यायमूर्त िसी हरिशंकर की पीठ ने फोरम टू इंगेज मैन एफईएम के ...और अधिक »

'ये हिंदुस्तान है, विदेश नहीं, हमारे यहां पति रेप नहीं करते' - News18 इंडिया

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि वैवाहिक बलात्कार को दंडनीय अपराध नहीं बनाया जा सकता. क्योंकि ऐसा करना विवाह की संस्था के लिए ख़तरनाक साबित होगा. News18Hindi. Updated: August 30, 2017, 8:59 AM IST. 'ये हिंदुस्तान है, विदेश नहीं, हमारे यहां पति रेप नहीं करते'. (Image: Reuters). News18Hindi. Updated: August 30, 2017, 8:59 AM IST. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि वैवाहिक बलात्कार को दंडनीय अपराध नहीं माना जा सकता. क्योंकि ऐसा करना विवाह की संस्था के लिए खतरनाक साबित होगा. यह पतियों को प्रताड़ित करने का जरिया बन सकता है. वकील मोनिका अरोड़ा ने मैरिटल रेप को अपराध करार देने की मांग के लिए हलफनामा दायर किया था. इसके जवाब में केंद्र ने कहा ...और अधिक »

सुषमा स्वराज के पति बोले, मैरिटल रेप जैसी कोई चीज नहीं होती - नवभारत टाइम्स

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का एक और ट्वीट वायरल हो रहा है। अक्सर उनके ट्वीट्स उनके सेंस ऑफ ह्यूमर के लिए वायरल होते रहते हैं लेकिन इस बार मामला अलग है। इस बार उन्होंने एक ऐसा ट्वीट कर दिया है जिसे लेकर विवाद पैदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील और मिजोरम के पूर्व गवर्नर कौशल ने 'मैरिटल रेप' के मुद्दे पर केंद्र सरकार द्वारा अदालत को दिए गए जवाब पर आधारित एक आर्टिकल का लिंक रीट्वीट करते हुए लिखा कि (मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने पर) घरों से ज्यादा पति जेल में होंगे। उनके इस ट्वीट पर एक ट्विटर यूजर ने सवाल किया कि क्या वह मैरिटल रेप को डिफेंड कर रहे हैं। इस पर कौशल ने रिप्लाई किया कि मैरिटल रेप जैसा कुछ नहीं होता। हमारे घरों को पुलिस थाने में ...और अधिक »

क्या है मैरिटल रेप और क्यों है विवाद? - BBC हिंदी

भारत में 'वैवाहिक बलात्कार' यानी 'मैरिटल रेप' कानून की नज़र में अपराध नहीं है. यानी अगर पति अपनी पत्नी की मर्ज़ी के बगैर उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे अपराध नहीं माना जाता. केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में 'मैरिटल रेप' को 'अपराध करार देने के लिए' दायर की गई याचिका के ख़िलाफ़ कहा कि इससे 'विवाह की संस्था अस्थिर' हो सकती है. दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा, "मैरिटल रेप को अपराध नहीं करार दिया जा सकता है औस ऐसा करने से विवाह की संस्था अस्थिर हो सकती है. पतियों को सताने के लिए ये एक आसान औजार हो सकता है." ऐसे में ये सवाल पूछा जा सकता है कि 'रेप' और 'मैरिटल रेप' में क्या फर्क है और विवाह की संस्था का इससे क्या संबंध है? वो औरतें ...और अधिक »

क्राइम नहीं हो सकता मैरिटल रेप: केंद्र - नवभारत टाइम्स

मैरिटल रेप यानी पति का जबरन पत्नी से संबंध बनाना अपराध नहीं हो सकता क्योंकि ऐसा होने से विवाह जैसी सामाजिक व्यवस्था उलट-पुलट हो सकती है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट को दिए हलफनामे में इसके साथ यह भी कहा कि यह पतियों को प्रताड़ित करने का आसान तरीका बन सकता है। केंद्र ने मैरिटल रेप को अपराध की गिनती में लाने की अपील के जवाब में दाखिल हलफनामे में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और कई हाई कोर्ट पहले ही आईपीसी की धारा 498ए (पति और ससुरालवालों के हाथों विवाहिता का उत्पीड़न) के बढ़ते दुरुपयोग पर टिप्पणी कर चुके हैं। जवाब प्रभारी चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच के सामने पेश किया गया था। केंद्र ने इस मामले में राज्यों की ...और अधिक »

मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाने की क्यों उठ रही है आवाज़? - दैनिक जागरण

मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाने की क्यों उठ रही है आवाज़? दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा, "मैरिटल रेप को अपराध नहीं करार दिया जा सकता है क्योंकि ऐसा करने से विवाह की संस्था अस्थिर हो सकती है। नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में लाया जाए या नहीं इस बात पर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है। उसकी वजह है दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में रखने से संबंधित एक संगठन की याचिका की सुनवाई पर अपनी सहमति देना। लेकिन, दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा, "मैरिटल रेप को अपराध नहीं करार दिया जा सकता है क्योंकि ऐसा करने से विवाह की संस्था अस्थिर हो सकती है। पतियों को सताने के लिए ये एक आसान ...और अधिक »

दिल्ली हाईकोर्ट मैरिटल रेप पर एनजीओ की दलीलों को लेकर आज करेगा सुनवाई - News State

दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को मैरिटेल रेप को आपराधिक कृत्य बनाने के लिए दायर की गई विभिन्न याचिकाओं के विरोध में एक एनजीओ की दलीलों पर सुनवाई करेगा। एनजीओ लिंग कानूनों के कथित दुरूपयोगों से पीड़ित पुरुषों का प्रतिनिधित्व कर रहा है और इसने कोर्ट में पहले से एक याचिका दायर कर रखी है। आपको बता दें कि 28 अगस्त को कोर्ट ने एनजीओ, पुरुष कल्याण ट्रस्ट के द्वारा हस्तक्षेप आवेदनों को मंजूरी दी थी और इन सभी को कोर्ट के सामने संबोधित करने को कहा था, ताकि इस मामले में दूसरे पहलु भी सामने आ सके। मैरिटल रेप या वैवाहिक दुष्कर्म पति- पत्नी के बीच बिना एक- दूसरे की सहमति से किया गया शारीरिक संबंध है। इसको लेकर मंगलवार को ही केन्द्र सरकार ने भी दिल्ली हाई कोर्ट ...और अधिक »

मैरिटल रेप का मामला - नवभारत टाइम्स

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि मैरिटल रेप (विवाह संबंध के अंतर्गत होने वाले बलात्कार) को अपराध नहीं घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से विवाह संस्था की नींव हिल जाएगी। सरकार इससे पहले भी कह चुकी है कि भारत जैसे परंपरावादी विकासशील देश में मैरिटल रेप की अवधारणा को मान्यता देना इसकी सदियों पुरानी संस्कृति के खिलाफ जाएगा। बेशक विवाह संस्था हमारी ही नहीं, दुनिया की हर संस्कृति का अहम हिस्सा है लेकिन हजारों साल लंबी जीवन यात्रा में यह संस्था कई बड़े बदलावों से गुजरी है। यह कहना कि विवाह संबंधों में अपवाद स्वरूप आई किसी गड़बड़ी को दूर करने की कोशिश की गई तो विवाह संस्था ही खतरे में पड़ जाएगी, दरअसल इसकी शक्ति ...और अधिक »