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गोमती रिवर फ्रंट प्रॉजेक्ट की सीबीआई जांच की सिफारिश, केंद्र को भेजा पत्र - नवभारत टाइम्स

एनबीटी ब्यूरो, लखनऊ यूपी सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट प्रॉजेक्ट में कथित घोटाले की जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश कर दी है। गृह सचिव भगवान स्वरूप ने केंद्र सरकार को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सिफारिश में न्यायिक जांच समिति की रिपोर्ट, गोमतीनगर थाने में दर्ज एफआईआर की कॉपी व अन्य दस्तावेज भी प्रारूप के साथ भेजे गए हैं। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की मंजूरी के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। लेटेस्ट कॉमेंट. मायावती और अखिलेश की सरकारो ने इतने घपले- घोटाले किये हैं जिसकी जांच के लिये तो पूरी सीबीआइ भी कम पड जायेगी ! K.P.S. Dagur.और अधिक »

1400 करोड़ के खर्च पर हुआ सिर्फ 60 फीसदी काम, रिवर फ्रंट घोटाले की होगी सीबीआई जांच - GAON CONNECTION

लखनऊ। गोमती रिवर फ्रंट डिवलपमेंट परियोजना में हुई फिजूलखर्ची की आंच बड़ों-बड़ों तक पहुंचेगी। सीबीआई अब इस घोटाले की जांच करेगी। इस परियोजना में शुरुआत से ही गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। गोमती संरक्षण के लिए काम कर रही संस्थाओं ने बहुत पहले ही कई जगह अपव्यय की शिकायत की थी, मगर उनकी दलीलें नक्कारखाने में तूती की आवाज की तरह दबा दी गई थीं। अब जबकि न्यायिक जांच बैठा दी गई, ऐसे में उन सारे मुद्दों पर बात होगी जो पहले बताए गए लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था।और अधिक »

गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की होगी सीबीआइ जांच - दैनिक जागरण

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गोमती चैनलाइजेशन (रिवर फ्रंट) परियोजना की जांच सीबीआइ को सौंपने के लिए केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने संस्तुति भेज दी। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की लागत 656 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 1513 करोड़ हो गई थी। 90 फीसद राशि खर्च होने के बावजूद कार्य पूरा नहीं हो पाया था। अगर सीबीआइ ने जांच अपने हाथ में ले ली तो ढेरों बड़े लोग जांच के घेरे में आएंगे। अखिलेश सरकार के तत्कालीन सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव समेत कई राजनेता भी जांच की जद में होंगे। यह भी पढ़ें: वक्त बदला, गांव और शहर बदला लेकिन नहीं बदले ...और अधिक »

Yogi Adityanath सरकार का बड़ा फैसला, Gomti River Front की होगी सीबीआई जांच - Patrika

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद Yogi Adityanath एक्शन में आ गए। लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए। एक्शन में आने के बाद उन्होंने पिछली सरकार में हुए कार्यों पर फोकस करते हुए जांच शुरू करवा दी। उनमें से एक है अखिलेश सरकार की Gomti River Front Yojana। योगी सरकार ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच CBI से कराए जाने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी है। मामले में सचिव गृह भगवान स्वरुप के अनुसार मामले को केंद्र के कार्मिक विभाग को निर्धारित प्रारूप भेज दिया गया है। बता दें कि मामले में 20 जून को सिंचाई विभाग ने ...और अधिक »

रिवर फ्रंट घोटालाः योगी ने जांच के लिए CBI को लिखा लेटर, घोटालेबाज अफसरों पर होगी कार्रवाई - दैनिक भास्कर

रिवर फ्रंट घोटालाः योगी ने जांच के लिए CBI को लिखा लेटर, घोटालेबाज अफसरों पर होगी कार्रवाई. लखनऊ. पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट रहे गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। पिछली सपा सरकार में रिवर फ्रंट और डायफ्राम बनाने के नाम पर 1437 करोड़ खर्च करने के बाद भी 60 प्रतिशत काम नहीं हुआ। वहीं, करोड़ों की रकम को डकार गए अफसरों पर भी आपराधिक धाराओं में मुकदमा चलाने को लेकर योगी ने हामी भर दी है। आगे पढ़‍िए घोटालेबाज अफसरों पर कार्रवाई की स‍िफार‍िश.और अधिक »

बड़ा फैसला: योगी सरकार ने की गोमती रिवर फ्रंट में हुए घोटाले की CBI जांच की सिफारिश - ABP News

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सपनों की परियोजना कहे जाने वाले गोमती रिवरफ्रंट पर भी शुरू से ही योगी सरकार की नजर टेढ़ी रही. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अप्रैल को इस मामले की उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराने के आदेश दिये थे. By: एजेंसी | Updated: 20 Jul 2017 11:38 PM. - - - - - - - - - Advertisement - - - - - - - - -. नई दिल्ली: अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहला बड़ा फैसला लिया है. योगी सरकार ने लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट में हुए कथित घोटाले की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की है. गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप ने बताया 'गोमती रिवर ...और अधिक »