डायबिटीज के मरीज पैरों की जांच पर दें विशेष ध्यान, वरना आ सकती है पैर काटने तक की नौबत - Zee News हिन्दी

नई दिल्ली: टाइप 2 डायबिटीज के निदान के दौरान कम से कम 10 में से एक रोगी के पैर में क्षति की आशंका देखी गई है. अध्ययन बताते हैं कि भारत में 7.4 से 15.3 प्रतिशत डायबिटीज रोगियों के पैरों में तकलीफ होती है. ऐसे में इसकी जल्द पहचान कर उपचार करा लेना चाहिए, अन्यथा हालत गंभीर हो सकती है. एक छोटी सी चोट से भी बाद में संक्रमण हो सकता है और पैर काटना भी पड़ सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, "डायबेटिक फुट उसे कहते हैं, जिसमें संक्रमण के चलते ऊतक सड़ सकते हैं और जिसमें अल्सर के कारण तंत्रिका संबंधी असामान्यताएं हो सकती हैं. इससे परिधीय संवहनी रोगों का खतरा बन जाता है और ...