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अंतरिक्ष की दुनिया में ISRO की एक और उपलब्धि, भारत का पहला प्राइवेट सैटेलाइट IRNSS-1H आज होगा लॉन्च - NDTV Khabar

बेंगलुरु की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजी ने 'नाविक' श्रृंखला का एक उपग्रह बनाया है. जिससे देशी जीपीएस की क्षमता बढ़ेगी. Written by: श्रीराम शर्मा, Updated: 31 अगस्त, 2017 6:58 AM. 161 Shares. ईमेल करें. टिप्पणियां. अंतरिक्ष की दुनिया में ISRO की एक और उपलब्धि, भारत का पहला प्राइवेट सैटेलाइट IRNSS. यह पहला मौका जब इसरो ने सैटेलाइट बनवाने में निजी क्षेत्र की मदद ली है. खास बातें. इसरो पिछले तीन दशकों में 150 अंतरिक्ष मिशन लॉन्च कर चुका है; 1975 में भारत ने पहला आर्यभट्ट नामक सैटलाइट स्थापित किया था; अंतरिक्ष की दुनिया में भारतीय वैज्ञानिक लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं. नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) एक बार फिर एक बड़ी छलांग के लिए तैयार है. इस बार ...और अधिक »

नौवहन उपग्रह IRNSS-1H आज होगा लॉन्च, IRNSS-1A की जगह लेगा - Zee News हिन्दी

आईआरएनएसएस-1एच नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेगा, जिसकी तीन रूबीडियम परमाणु घड़ियों (एटॉमिक क्लॉक) ने काम करना बंद कर दिया था. आईआरएनएसएस-1ए 'नाविक' श्रृंखला के सात उपग्रहों में शामिल है. भाषा भाषा | Updated: Aug 31, 2017, 01:08 PM IST. कमेंट देखें |. नौवहन उपग्रह IRNSS-1H आज होगा लॉन्च, IRNSS-1A की जगह लेगा. आईआरएनएसएस-1एच के अभियान की 29 घंटे लंबी उल्टी गिनती बुधवार को दोपहर दो बजे शुरू हो चुकी है. (फाइल - फोटो साभार डीएनए). बेंगलुरू: 'नाविक' श्रृंखला के मौजूदा सात उपग्रहों में संवर्धन के लिए नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच के गुरूवार को होने वाले प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है. प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी39 के जरिए आईआरएनएसएस-1एच को प्रक्षेपित ...और अधिक »

तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल - NDTV Khabar

गुरुवार को इसरो द्वारा लॉन्च किया गया देश का पहला निजी उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच से हीट शील्ड अलग नहीं होने के कारण मिशन फेल हो गया. ख़बर न्यूज़ डेस्क, Updated: 1 सितम्बर, 2017 3:04 AM. 490 Shares. ईमेल करें. टिप्पणियां. तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल. गुरुवार को देश के पहले निजी क्षेत्र के उपग्रह को लॉन्च किया गया, जो कि असफल रहा. खास बातें. निर्धारित समय पर पीएसएलवी सी-39 ने सही तरीके से उड़ान भरी; प्रक्षेपण यान-पीएसएलवी-सी39 के चौथे चरण में उपग्रह फंस गया; आईआरएनएसएस-1एच से हीट शील्ड अलग नहीं होने से मिशन फेल. नई दिल्ली: पहली बार निजी क्षेत्र के सहयोग से आठवें नौवहन उपग्रह के प्रक्षेपण के भारत के मिशन को उस वक्त झटका लगा जब ...और अधिक »

प्राइवेट सेक्टर द्वारा तैयार पहले सैटेलाइट IRNSS-1H की इसरो द्वारा लांचिंग फेल - दैनिक जागरण

प्राइवेट सेक्टर द्वारा तैयार पहले सैटेलाइट IRNSS-1H की इसरो द्वारा लांचिंग फेल इसरो के मुताबिक, यह पहला मौका है जब किसी सैटलाइट को बनाने में प्राइवेट कंपनियां सीधे तौर पर शामिल हुई हैं। नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। पहली बार प्राइवेट कंपनियों की मदद से अंतरिक्ष की दुनिया में एक और छलांग लगाने की इसरो की कोशिश असफल रही। श्रीहरिकोटा से गुरुवार की शाम सात बजे जिस स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली इंडियन रीजनल नेविगेशनल सैटेलेइट सिस्टम (आईआरएनएसएस यानि नाविक) श्रृंखला का आठवां उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच को पीएसएलवी-सी39 से लांच किया गया वो सफल नहीं हो पाया। ये जानकारी इसरो के चेयरमैन एएस किरण कुमार ने दी। आइये बताते है कि ये किसलिए अंतरिक्ष की दुनिया में भारत के लिए ...और अधिक »

आठवें स्वदेशी नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H का लॉन्च फेल - Firstpost Hindi

इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गुरुवार को भारत का 8वां नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H लॉन्च किया, जो असफल हो गया. इसरो के चेयरमैन ए एस किरन कुमार ने इस बात की पुष्टि की है. #WATCH: ISRO launches navigation satellite IRNSS-1H carried by PSLV from Sriharikota in Andhra Pradesh. pic.twitter.com/KlfmbyDIMZ. — ANI (@ANI) August 31, 2017. 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी39 की यह 41वीं उड़ान थी. यह अपने साथ 1,425 किग्रा वजनी उपग्रह ले जा रहा था. इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया था. तारामंडल में मौजूद सात उपग्रहों में से एक आईआरएनएसएस-1ए के लिए आईआरएनएसएस-1एच की भूमिका एक बैकअप नौवहन की होती क्योंकि इसकी तीन रीबिडियम ...और अधिक »

ISRO की नई उड़ान, 'आईआरएनएसएस-1एच' लॉन्च, जानिए खासियतें - India.com हिंदी

नई दिल्ली| भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने आज शाम 7 बजे श्रीहरिकोटा से नौवहन उपग्रह 'आईआरएनएसएस-1एच' को लॉन्च कर दिया. 'आईआरएनएसएस-1 एच' को पीएसएलवी-सी 39 की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा गया. इसरो ने ठीक शाम 7 बजे इस सैटेलाइट को लॉन्च किया. आप लॉन्च का लाइव टेलीकास्ट जी न्यूज़ पर देख सकते हैं. इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया है. यह पहला मौका है जब उसने नेविगशन सैटेलाइट बनाने का मौका निजी क्षेत्र को दिया है. इसका प्रक्षेपण आईआरएनएसएस-1ए के स्थान पर किया जा रहा है, इसरो के मुताबिक, आईआरएनएसएस-1 ए की एटॉमिक क्लॉक्स बंद पड़ गई है, जो भारतीय स्पेस मिशन में बड़ी समस्या साबित हो सकती है ...और अधिक »

Photos: साल 2017 में इसरो के सफल सैटेलाइट्स लॉन्च - News State

15 फरवरी 2017 की तरीक भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। PSLV-C37 के जरिये इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक साथ 104 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर उन्हें कक्षा में स्थापित किया। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है कि क्योंकि पहली बार कोई देश एक रॉकेट से 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफल रहा है। GSAT 9 (फोटो: इसरो). 5 मई 2017 को इसरो द्वारा GSAT-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हीकल (जीएसएलवी-एमके द्वितीय) रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया। करीब 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है। इस उपग्रह की क्षमता और सुविधाएं दक्षिण एशिया के आर्थिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं से निपटने में काफी मददगार साबित होंगी ...और अधिक »

निजी मदद से बना पहला नेविगेशन सैटलाइट लॉन्च करेगा इसरो, 70 इंजीनियर रहे शामिल - India.com हिंदी

अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए गुरुवार का दिन काफी अहमियत रखता है... बेंगलुरु. अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए गुरुवार का दिन काफी अहमियत रखता है. इसरो पहली बार निजी कंपनियों के सहयोग से बने अपने किसी उपग्रह को लॉन्च करने जा रहा है. उपग्रह का नाम आईआरएनएसएस-1 एच है. इसरो शाम 6 बजकर 59 मिनट पर इसे अपने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी 39 रॉकेट की मदद से छोड़ेगा. यह इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम का आठवां उपग्रह है. 1425 किग्रा वजनी यह उपग्रह आईआरएनएसएस-1 का स्थान लेगा, जिसकी परमाणु घड़ियों ने काम करना बंद कर दिया है. यह भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली आईआरएनएसएस का 8वां उपग्रह है ...और अधिक »

तकनीकी गड़बड़ी के बाद नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण विफल : इसरो - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: Aug 31, 2017, 09:00PM IST. TimesPoints. 8. 0. 1. 0 Added. लॉगिन करें और पाएं. 1 Point. लॉगिन करें. एस विजय कार्तकि. श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश, 31 अगस्त भाषा ध्रुवीय रॉकेट से प्रक्षेपित भारत का नवीनतम नौवहन उपग्रह आज तकनीकी गड़बड़ी की वजह से अपनी कक्षा में स्थापित होने से ठीक पहले विफल हो गया। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी रॉकेट को लेकर इसरो को लगा यह दुर्लभ झाटका सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शाम 7 बजे पीएसएलवी सी-39 के बिल्कुल सही तरीके से उड़ान शुरू करने के थोड़ी देर बाद आया। एक संक्षिप्त घोषणा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के प्रमुख ए एस ...और अधिक »

दिशासूचक उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल, अलग नहीं हो पाई हीटशील्ड - Business Standard Hindi

अंतरिक्ष में लगातार कामयाबी के झंडे गाड़ रहे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को गुरुवार को उस समय गहरी निराशा का सामना करना पड़ा जब दिशासूचक उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच का प्रक्षेपण अभियान अंतिम क्षणों में नाकाम हो गया। उपग्रह को लेकर रॉकेट ने उड़ान तो योजना के मुताबिक ही भरी थी लेकिन ऊपर जाने के बाद गर्मी से बचाव के लिए लगाई गई पट्टी उससे अलग नहीं हो पाई। इसकी वजह से उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसरो ने इस उपग्रह को अपने बेहद सफल प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी39 के जरिये प्रक्षेपित किया था। पीएसएलवी को अपने 35 प्रक्षेपण अभियानों में पहली बार असफलता का सामना करना पड़ा है। इसरो के वैज्ञानिकों ने भारतीय दिशासूचक उपग्रह प्रणाली ...और अधिक »