सफल नहीं हुआ उपग्रह प्रक्षेपण! - Naya India

श्रीहरिकोटा। निजी क्षेत्र का बनाए पहले उपग्रह का परीक्षण विफल हो गया है। भारत के सबसे नए नौवहन उपग्रह को लेकर इसरो का ध्रुवीय रॉकेट गुरुवार को शाम सात बजे श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष उड़ान स्थल से रवाना हुआ। लेकिन डेढ़ मिनट के बाद ही इस प्रक्षेपण को विफल करार दे दिया गया। इस उपग्रह आईआरएनएसएस-1 एच को बेंगलुरू की एक कंपनी ने तैयार किया था। भारतीय दिशा सूचक उपग्रह, आईआरएनएसएस-1 एच का प्रक्षेपण आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया थास लेकिन ऊष्मा शील्ड में गड़बड़ी के कारण यह असफल रहा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, इसरो के प्रमुख एएस ...

Photos: साल 2017 में इसरो के सफल सैटेलाइट्स लॉन्च - News State

15 फरवरी 2017 की तरीक भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। PSLV-C37 के जरिये इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक साथ 104 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर उन्हें कक्षा में स्थापित किया। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है कि क्योंकि पहली बार कोई देश एक रॉकेट से 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफल रहा है। GSAT 9 (फोटो: इसरो). 5 मई 2017 को इसरो द्वारा GSAT-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हीकल (जीएसएलवी-एमके द्वितीय) रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया। करीब 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है। इस उपग्रह की क्षमता और सुविधाएं ...

ISRO की नेविगेशन सैटेलाइट के विफल हुए लॉन्च से लेकर देश की घटी जीडीपी तक, जानें दस बड़ी खबरें - News State

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का नौवहन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच लॉन्च असफल हो गया। इसरो चेयरमैन एएस किरन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सैटेलाइट लॉन्च असफल रहा। इसरो ने गुरुवार को अपराह्न 7.0 बजे भारतीय नौवहन उपग्रह प्रणाली 'एनएवीआईसी' के तहत 1,425 किलोग्राम भार वाले इस उपग्रह को पीएसएलवी श्रेणी के एक्सएल संस्करण वाले रॉकेट से लांच किया था। जीडीपी. चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई और यह वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही के 6.1 फीसदी से घटकर 5.7 फीसदी पर आ गई। पैन कार्ड.

दिशासूचक उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल - Business Standard Hindi

अंतरिक्ष में लगातार कामयाबी के झंडे गाड़ रहे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को गुरुवार को उस समय गहरी निराशा का सामना करना पड़ा जब दिशासूचक उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच का प्रक्षेपण अभियान अंतिम क्षणों में नाकाम हो गया। उपग्रह को लेकर रॉकेट ने उड़ान तो योजना के मुताबिक ही भरी थी लेकिन ऊपर जाने के बाद गर्मी से बचाव के लिए लगाई गई पट्टïी उससे अलग नहीं हो पाई। इसकी वजह से उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। इसरो ने इस उपग्रह को अपने बेहद सफल प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी39 के जरिये प्रक्षेपित किया था। पीएसएलवी को अपने 35 प्रक्षेपण अभियानों में ...

7 साल बाद ISRO का मिशन नाकाम; 90 सेकंड में भी नहीं खुलीं हीट शील्ड्स - दैनिक भास्कर

नेविगेशन सैटेलाइट को देश की 6 कंपनियों के 70 इंजीनियर की मदद से बनाया गया है। लॉन्चिंग के 90 सेकंड बाद ही मिशन फेल हुआ। Replay. Prev; |; View Again. 7 साल बाद ISRO का मिशन नाकाम; 90 सेकंड में भी नहीं खुलीं हीट शील्ड्स. +2और स्लाइड देखें. दिसंबर, 2010 में इसरो का मिशन फेल हुआ था। बेंगलुरु.इसरो ने (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन) ने पहली बार प्राइवेट कंपनियों की मदद से बने सैटेलाइट की लॉन्चिंग की। ये मिशन नाकाम साबित हुआ। ISRO चीफ किरण कुमार ने कहा- नेविगेशन सैटेलाइट को लॉन्च किए जाने वाला स्पेस मिशन फेल रहा। लॉन्चिंग के 90 सेकंड बाद कुछ परेशानी हुई। हम इसका डीटेल्ड ...

इसरो: नेविगेशन सैटेलाइट का लॉन्च हुआ फेल - मनी कॉंट्रोल (प्रेस विज्ञप्ति)

अंतरिक्ष में लगातार सफलता के रिकॉर्ड बनाने वाले इसरो को आज झटका लगा है। भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर में तैयार की गई सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1 एच का लॉन्च फेल हो गया। श्रीहरिकोटा से आईआरएनएसएस-1 एच का लॉन्च चौथे चरण के बाद फेल हो गया। लॉन्च के चौथे चरण में रॉकेट का हीट शील्ड खराब हो गया। आईआरएनएसएस -1 एच एक नैविगेशन सैटेलाइट है। इसरो के 70 वैज्ञानिकों की देखरेख में अल्फा डिजाइन टेक्नॉलॉजीज ने आठ महीनों में इस सैटेलाइट को तैयार किया था।

तकनीकी गड़बड़ी के बाद नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण विफल : इसरो - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: Aug 31, 2017, 09:00PM IST. एस विजय कार्तकि श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश, 31 अगस्त भाषा ध्रुवीय रॉकेट से प्रक्षेपित भारत का नवीनतम नौवहन उपग्रह आज तकनीकी गड़बड़ी की वजह से अपनी कक्षा में स्थापित होने से ठीक पहले विफल हो गया। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी रॉकेट को लेकर इसरो को लगा यह दुर्लभ झाटका सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शाम 7 बजे पीएसएलवी सी-39 के बिल्कुल सही तरीके से उड़ान शुरू करने के थोड़ी देर बाद आया। एक संक्षिप्त घोषणा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ...

प्राइम टाइम न्यूज: ISRO को बड़ा झटका, स्वदेशी सैटेलाइट IRNSS-1H का लॉन्च असफल, पढ़ें देश-दुनिया की अब तक बड़ी खबरें - Hindustan हिंदी

भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा गुरुवार को भारत के आठवें नौवहन उपग्रह 'आईआरएनएसएस-1एच' का प्रक्षेपण असफल रहा। इसरो के चेयरमैन ए. एस. किरन कुमार ने बताया, “अभियान असफल रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत के नौवहन उपग्रह को प्रक्षेपित करने का अंतरिक्ष मिशन विफल हो गया। हमारे मिशन में समस्या आ गई और हम विस्तृत विश्लेषण करेंगे। इसरो ने गुरुवार को शाम को 7 बजे भारतीय नौवहन उपग्रह प्रणाली 'एनएवीआईसी' के तहत 1,425 किलोग्राम भार वाले इस उपग्रह को पीएसएलवी श्रेणी के एक्सएल संस्करण वाले रॉकेट से लॉन्च किया था। नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ें देश दुनिया की अब तक की ...

ISRO के सपने को लगा झटका, नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग फेल - अमर उजाला

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को बृहस्पतिवार को तब बड़ा झटका लगा, जब उसका नेविगेशन सेटेलाइट लांच असफल हो गया। इसरो ने पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा तैयार नेविगेशन सेटेलाइट को शाम के 7 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी सी-39 रॉकेट के जरिए लांच किया था, लेकिन कक्षा में स्थापित होने से पहले ही इसमें कुछ तकनीकी समस्या आ गई थी। Launch mission has not succeeded. Heat shield has not separated as a result of which satellite is inside the 4th stage: ISRO Chief pic.twitter.com/x4wi7cVZAM. — ANI (@ANI) August 31, 2017. देश की जीपीएस क्षमता में वृद्धि कर सकने वाले इस नेविगेशन उपग्रह ...

निजी क्षेत्र की सहायता से तैयार देश के पहले सेटेलाइट का लॉन्च विफल - सत्याग्रह

निजी क्षेत्र द्वारा विकसित देश के पहले सेटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच का प्रक्षेपण गुरुवार को असफल हो गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एएस किरन कुमार ने इसकी घोषणा की. उन्होंने बताया कि सेटेलाइट से हीटशील्ड के अलग न होने से यह लॉन्चिंग विफल हो गई है. इसे बेंगलुरु की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजी ने बनाया था. वैसे यह सेटेलाइट देश की अपनी नेविगेशन प्रणाली (नाविक) के विकास के लिए लॉन्च किया गया था. यह सेटेलाइट आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेने वाला था जिसकी तीन रूबीडियम परमाणु घड़ियों ने काम करना बंद कर दिया था. इसरो जल्द से जल्द देश का अपना 'ग्लोबल पोजिशनिंग ...

अबकी बार चूक गया ISRO- देखिए कैसा रहा 41वां PSLV लॉन्च! - Today samachar (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो ने आज गुरुवार को भारतीय क्षेत्रीय दिशा सूचक उपग्रह IRNSS-H1 को लंच किया। लेकिन लॉचिंग के कुछ देर बाद ही सरो के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने बताया कि प्रक्षेपण असफल रहा। उन्होंने कहा कि हीट शिल्ड अलग नहीं हो सकी जिसके कारण 41वां PSLV लॉन्च असफल रहा। आपको बता दे कि शाम सात बजे प्रक्षेपण करने के बाद प्रक्षेपण यान - पीएसएलवी सी-39 इस उपग्रह को कक्षा में स्थापित होना था, लेकिन कहा जा रहा है कि ऐसा सफल नहीं हो सका। इसे आंध्रप्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। खबरों के अनुसार ...

नाकामयाब रही प्राइवेट कंपनियों की मदद से बना पहला सैटेलाइट की लॉन्चिंग - First India News

चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने इस बार प्राइवेट कंपनियों की मदद से बनाए गए पहले सैटेलाइट से एक बार फिर बड़ी छलांग की कोशिश की थी, जो नाकामयाब रही। प्राइवेट कंपनियों की मदद से बनाए गए पहले सैटेलाइट का लॉन्चिंग नाकामयाब रही और इस दौरान आईआरएनएसएस-1एच सैटेलाइट धूं—धूं कर जल जल गया। इस सैटेलाइट को पूरी तरह से देश के निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया था। आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से नेवीगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच का आज प्रक्षेपण किया गया, जो कि पूरी तरह से असफल हो गया है। इसरो ने इस बार 41वां सैटेलाइट भेजने की तैयारी की थी, लेकिन यह विफल रही।

80 महीने बाद ISRO को लगा झटका, नौवहन उपग्रह IRNSS-1H का प्रक्षेपण विफल - प्रभात खबर

बेंगलुरु : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) को गुरुवार को उस समय विफलता हाथ लगी, जब नौवहन उपग्रह IRNSS-1H का प्रक्षेपण विफल हो गया. IRNSS-1H नौवहन उपग्रह को IRNSS-1A की जगह लेना था. जिसकी तीन रुबीडियम परमाणु घडियों (एटॉमिक क्लॉक) ने काम करना बंद कर दिया था. IRNSS-1A 'नाविक' शृंखला के सात उपग्रहों में शामिल था. इससे पहले इसरो ने 25 दिसंबर 2010 को GSLV-F06 का प्रक्षेपण किया था जो स्टेज-1 में ही असफल हो गया था. विफलता के बाद इसरो प्रमुख किरण कुमार ने कहा कि भारत के नौवहन उपग्रह को प्रक्षेपित करने का अंतरिक्ष मिशन विफल हो गया. इसरो प्रमुख ने कहा, हमारे मिशन में समस्या आ ...

बड़ा झटका: ISRO की स्वदेशी सैटेलाइट IRNSS-1H का लॉन्च असफल, जानिए इससे जुड़ी 10 बातें - Hindustan हिंदी

भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा गुरुवार को भारत के आठवें नौवहन उपग्रह 'आईआरएनएसएस-1एच' का प्रक्षेपण असफल रहा। इसरो के चेयरमैन ए. एस. किरन कुमार ने बताया, “अभियान असफल रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत के नौवहन उपग्रह को प्रक्षेपित करने का अंतरिक्ष मिशन विफल हो गया। हमारे मिशन में समस्या आ गई और हम विस्तृत विश्लेषण करेंगे। इसरो ने गुरुवार को शाम को 7 बजे भारतीय नौवहन उपग्रह प्रणाली 'एनएवीआईसी' के तहत 1,425 किलोग्राम भार वाले इस उपग्रह को पीएसएलवी श्रेणी के एक्सएल संस्करण वाले रॉकेट से लॉन्च किया था। #WATCH via ANI FB ISRO Chairman addresses media after navigation satellite ...

लॉन्‍चिंग के बाद असफल हो गया सैटेलाइट, ISRO चेअरमैन ने कहा जांच करेंगे - Nai Dunia

श्रीहरिकोटा। श्रीहरिकोटा से गुरुवार की शाम सात बजे जिस स्वदेशी नेवीगेशन प्रणाली इंडियन रीजनल नेवीगेशनल सैटेलेइट सिस्टम (आईआरएनएसएस यानि नाविक) श्रृंखला का आठवां उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच को पीएसएलवी-सी39 से लांच किया गया वो सफल नहीं हो पाया। ये जानकारी इसरो के चेयरमैन एएस किरण कुमार ने दी। इसरो के चेयरमैन एएस किरण कुमार ने बताया कि ये मिशन असफल रहा। उन्होंने कहा कि इसकी हम विस्तृत जांच कर रहे हैं कि ऐसा क्यों हुआ है। हालांकि, उन्होंने बताया कि किसी स्तर पर कोई समस्या नहीं आयी है। लेकिन, उन्होंने बताया कि सैटेलाइट आंतरिक तौर पर सेपरेटेड है लेकिन उसकी हीट को ...

नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H लॉन्च विफल, ISRO चेयरमैन ने दी जानकारी - पलपल इंडिया

श्रीहरिकोटा. इसरो ने गुरुवार को भारत का 8वां नैविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H लॉन्च किया, लेकिन कुछ ही देर बाद इसमें तकनीकी खामी आ गई. इसरो प्रमुख एच.एस. किरण कुमार ने तुरंत एक प्रेस वार्ता में इस बात की जानकारी दी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का नौवहन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच लॉन्च असफल हो गया. इसरो चेयरमैन एएस किरन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सैटेलाइट लॉन्च असफल रहा. उन्होंने कहा, 'लॉन्च मिशन सफल नहीं हुआ, हीट शील्ड अलग नहीं हुई जिसकी वजह से सैटलाइट चौथी स्टेज में रह गया.' इसरो ने गुरुवार को अपराह्न 7.0 बजे भारतीय नौवहन उपग्रह प्रणाली 'एनएवीआईसी' के तहत ...

बड़ा झटका, नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग हुई फेल - चौथी दुनिया

नई दिल्ली। इसरो को गुरुवार को बड़ा झटका लगा। भारत के 8वें नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग विफल हो गई। 1,425 किलोग्राम वजन के सैटलाइट को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से PSLV-XL के जरिए छोड़ा गया था। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने मिशन के फेल होने की ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सैटलाइट हीट शील्ड से अलग नहीं हो पाया। किरन कुमार ने बताया कि आंतरिक रूप से सैटलाइट अलग हो गया था, लेकिन यहां हीट शील्ड में बंद होता है। चौथे लेवल में सैटलाइट को हीट शील्ड से अलग होना था। ऐसा होते ही सैटेलाइट ऑर्बिट में चला जाता। पहले तीन चरण में कोई प्रॉब्लम ...

असफल रहा 8वें नेवीगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H का लॉन्‍च - Oneindia Hindi

श्रीहरिकोटा। भारत का आठवां देसी सैटलाइट IRNSS-1H लॉन्च तो हुआ लेकिन असफल हो गया है। इसे PSLV-XL लॉन वीइकल से छोड़ा गया था। इसरो के चेयरमैन ए एस किरण कुमार ने बताया कि सैटलाइट IRNSS-1H असफल हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ था जब प्राइवेट सेक्टर किसी सैटेलाइट को लॉन्च करने में सक्रिय रूप से शामिल थी, इससे पहले प्राइवेट सेक्टर का किसी भी अंतरिक्ष अभियान में बहुत ही नाम मात्र की भूमिका होती थी। अगर यह सैटेलाइट लॉन्च सफल हो जाता तो भारत अंतरिक्ष अभियान में एक नई उंचाई को छू लेता। इसमें लगा था खास नेविगेशन. Related Videos · देखिए मादा सांप को बच्चे देते हुए LIVE और जानिए इस ...

धूं धूं कर जल जल गया IRNSS-H1 सैटेलाइट - Today samachar (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

श्रीहरिकोटा: गुरुवार को इसरो द्वारा भारतीय क्षेत्रीय दिशा सूचक उपग्रह IRNSS-H1 को लंच करने के साथ ही वह धूं धूं कर जल गया। जिसके बाद इसरो कि ओर से प्रक्षेपण को असफल करार दे दिया गया है। अभी यह नहीं साफ़ हो सका है कि यह प्रक्षेपण क्यों असफल हुआ है। बतादें कि गुरुवार शाम इसरो ने IRNSS-H1 भारतीय क्षेत्रीय दिशा सूचक उपग्रह को PLSV-XL से लॉन्च किया था, लॉन्च करने के कुछ ही समय बाद इसरो के अध्यक्ष ए.एस.किरण कुमार ने प्रक्षेपण असफल बता दिया। प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से बना पहला सैटेलाइट IRNSS-H1 है और पूरी तरह से आठवां देसी सैटेलाइट है जिसे आज इसरो ने लॉन्च किया था। UC News Ad.