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तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल - NDTV Khabar

गुरुवार को इसरो द्वारा लॉन्च किया गया देश का पहला निजी उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच से हीट शील्ड अलग नहीं होने के कारण मिशन फेल हो गया. ख़बर न्यूज़ डेस्क, Updated: 1 सितम्बर, 2017 3:04 AM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल. गुरुवार को देश के पहले निजी क्षेत्र के उपग्रह को लॉन्च किया गया, जो कि असफल रहा. खास बातें. निर्धारित समय पर पीएसएलवी सी-39 ने सही तरीके से उड़ान भरी; प्रक्षेपण यान-पीएसएलवी-सी39 के चौथे चरण में उपग्रह फंस गया; आईआरएनएसएस-1एच से हीट शील्ड अलग नहीं होने से मिशन फेल. प्रमोटेड. Hardoll 24 Led Solar Lights ...और अधिक »

भारत के 8वें नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग नाकाम - News18 इंडिया

इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से गुरुवार को भारत का 8वां नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1H लॉन्च किया, जो असफल हो गया. इसरो के चेयरमैन ए.एस किरन कुमार ने इस बात की पुष्टि की है. कुल 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी39 की यह 41वीं उड़ान थी. यह अपने साथ 1,425 किग्रा वजनी उपग्रह ले जा रहा था. इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया था. #WATCH: ISRO launches navigation satellite IRNSS-1H carried by PSLV from Sriharikota in Andhra Pradesh. pic.twitter.com/KlfmbyDIMZ. — ANI (@ANI) August 31, 2017. तारामंडल में मौजूद सात उपग्रहों में से एक आईआरएनएसएस-1ए के लिए ...और अधिक »

इसरो को बड़ा झटका, आठवें नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग फेल - नवभारत टाइम्स

नई दिल्ली/बेंगलुरु इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) को गुरुवार को बड़ा झटका लगा। भारत के आठवें नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग फेल हो गई। 1,425 किलोग्राम वजन के सैटलाइट को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से PSLV-XL के जरिए छोड़ा गया था। इसरो चेयरमैन एएस किरन कुमार ने मिशन के फेल होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सैटलाइट हीट शील्ड से अलग नहीं हो पाया। टॉप कॉमेंट. इस बार नही तो अगली बार कामयाबी जरूर मिलेगी. थोड़ी असफलता के बाद लगातार सफलता के झंडे गाडना इसरो की बिशेषता है. Nand Jee. सभी कॉमेंट्स देखैं. कॉमेंट लिखें. एएस किरन ...और अधिक »

अंतरिक्ष की दुनिया में ISRO की एक और उपलब्धि, भारत का पहला प्राइवेट सैटेलाइट IRNSS-1H आज होगा लॉन्च - NDTV Khabar

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) एक बार फिर एक बड़ी छलांग के लिए तैयार है. इस बार तैयारी एक ऐसे सैटेलाइट को लॉन्च करने की है जिसे पूरी तरह से देश के निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया है. बेंगलुरु की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजी ने 'नाविक' श्रृंखला का एक उपग्रह बनाया है. जिससे देशी जीपीएस की क्षमता बढ़ेगी. पढ़ें: भारत को पहला उपग्रह 'आर्यभट्ट' देने वाले वैज्ञानिक यूआर राव नहीं रहे, जानें उनकी उपलब्धियों के बारे मेें बीते तीन दशकों में इसरो के लिए यह पहला मौका है जब उसने नेविगशन सैटेलाइट बनाने का मौका निजी क्षेत्र को दिया है. इसरो प्रमुख एएस किरण कुमार ने ...और अधिक »

IRNSS-1 की आज लॉन्चिंग, पहली बार प्राइवेट कंपनियां सैटेलाइट प्रोजेक्ट में शामिल - आज तक

इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) गुरुवार को अपना आठवां रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट लॉन्च करेगा. गुरुवार शाम 7 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पेड से 'आईआरएनएसएस-1' की लॉन्चिंग होगी, इसे पीएसएलवी-सी 39 की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा. इसरो के मुताबिक, आईआरएनएसएस-1 ए की एटॉमिक क्लॉक्स बंद पड़ गई है, जो भारतीय स्पेस मिशन में बड़ी समस्या साबित हो सकती है. बता दें कि इससे पहले रशियन ग्लोनास और यूरोपियन स्पेस एजेंसी के प्रोग्राम में भी यही दिक्कत आई थी. इसीलिए 1425 किग्रा का यह सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1 ए की जगह भेजा जा रहा है. मिशन रीडनेस ...और अधिक »

नौवहन उपग्रह IRNSS-1H आज होगा लॉन्च, IRNSS-1A की जगह लेगा - Zee News हिन्दी

बेंगलुरू: 'नाविक' श्रृंखला के मौजूदा सात उपग्रहों में संवर्धन के लिए नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1एच के गुरूवार को होने वाले प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है. प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी39 के जरिए आईआरएनएसएस-1एच को प्रक्षेपित किया जाएगा. आईआरएनएसएस-1एच नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेगा, जिसकी तीन रूबीडियम परमाणु घड़ियों (एटॉमिक क्लॉक) ने काम करना बंद कर दिया था. आईआरएनएसएस-1ए 'नाविक' श्रृंखला के सात उपग्रहों में शामिल है. प्रक्षेपण के लिए 29 घंटे की लंबी गिनती बुधवार से शुरू भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा, ''पीएसएलवी-सी39/आईआरएनएसएस-1एच के अभियान ...और अधिक »

IRNSS 1H सेटेलाइट आज लॉन्‍च होने का तैयार, आम आदमी को मिलेंगे ये 5 फायदे - Inext Live

पीएसएलवी-सी की मदद से किया जाएगा प्रक्षेपित इसरो आज शाम करीब सात बजे अपने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से इसे पीएसएलवी-सी 39 रॉकेट की मदद से छोड़ेगा। इसरो के एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। यह इंडियन रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम का आठवां उपग्रह है और यह आईआरएनएसएस-1ए की जगह लेगा, जिसकी परमाणु घडि़यों ने काम करना बंद कर दिया है। इस उपग्रह का वजन 1,400 किलोग्राम है, जिसे इसरो ने छह लघु एवं मध्यम उद्योगों के समूह के साथ मिलकर बनाया है। भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) एक स्वतंत्र क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है, जिसे अमेरिका स्थित जीपीएस के ...और अधिक »

ISRO की नई उड़ान, 'आईआरएनएसएस-1एच' लॉन्च, जानिए खासियतें - India.com हिंदी

नई दिल्ली| भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने आज शाम 7 बजे श्रीहरिकोटा से नौवहन उपग्रह 'आईआरएनएसएस-1एच' को लॉन्च कर दिया. 'आईआरएनएसएस-1 एच' को पीएसएलवी-सी 39 की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा गया. इसरो ने ठीक शाम 7 बजे इस सैटेलाइट को लॉन्च किया. आप लॉन्च का लाइव टेलीकास्ट जी न्यूज़ पर देख सकते हैं. इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया है. यह पहला मौका है जब उसने नेविगशन सैटेलाइट बनाने का मौका निजी क्षेत्र को दिया है. इसका प्रक्षेपण आईआरएनएसएस-1ए के स्थान पर किया जा रहा है, इसरो के मुताबिक, आईआरएनएसएस-1 ए की ...और अधिक »

Photos: साल 2017 में इसरो के सफल सैटेलाइट्स लॉन्च - News State

15 फरवरी 2017 की तरीक भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। PSLV-C37 के जरिये इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक साथ 104 उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर उन्हें कक्षा में स्थापित किया। भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है कि क्योंकि पहली बार कोई देश एक रॉकेट से 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने में सफल रहा है। GSAT 9 (फोटो: इसरो). 5 मई 2017 को इसरो द्वारा GSAT-9 को जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हीकल (जीएसएलवी-एमके द्वितीय) रॉकेट के जरिये लॉन्च किया गया। करीब 49 मीटर लंबा और 450 टन वजनी जीएसएलवी तीन चरणों वाला रॉकेट है। इस उपग्रह की क्षमता और सुविधाएं ...और अधिक »

बड़ा झटका, नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग हुई फेल - चौथी दुनिया

नई दिल्ली। इसरो को गुरुवार को बड़ा झटका लगा। भारत के 8वें नैविगेशन सैटलाइट IRNSS-1H की लॉन्चिंग विफल हो गई। 1,425 किलोग्राम वजन के सैटलाइट को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से PSLV-XL के जरिए छोड़ा गया था। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने मिशन के फेल होने की ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सैटलाइट हीट शील्ड से अलग नहीं हो पाया। किरन कुमार ने बताया कि आंतरिक रूप से सैटलाइट अलग हो गया था, लेकिन यहां हीट शील्ड में बंद होता है। चौथे लेवल में सैटलाइट को हीट शील्ड से अलग होना था। ऐसा होते ही सैटेलाइट ऑर्बिट में चला जाता। पहले तीन चरण में कोई प्रॉब्लम ...और अधिक »