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'तीन तलाक' पर संवैधानिक पीठ करेगी फैसला, सुप्रीम कोर्ट छुट्टी के दिन भी सुनवाई के लिए तैयार - Zee News हिन्दी

मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की पीठ ने तीन तलाक मामले को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया. (फाइल फोटो). नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि मुस्लिमों की तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह की परंपराएं 'बहुत महत्वपूर्ण' मुद्दे हैं और इससे 'भावनाएं' जुड़ी हैं. शीर्ष अदालत ने फैसला किया कि संविधान पीठ 11 मई से इन परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे प्रभावशाली मुस्लिम संगठनों ने इन विषयों में अदालत के दखल का विरोध किया और कहा कि ये परंपराएं पवित्र कुरान से आईं और ये न्याय प्रणाली के दायरे में नहीं आती हैं. कई मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक की परंपरा को चुनौती दी है जिसमें अक्सर पति एक बार ...और अधिक »

तीन तलाक: मुस्लिम लॉ बोर्ड की बात संविधान ही नहीं कुरान के भी खिलाफ - Firstpost Hindi

बोर्ड का कहना है कि तीन तलाक खत्म करने से मुसलमान पाप के भागी होंगे. Tufail Ahmad Updated On: Mar 30, 2017 01:16 PM IST. 0. तीन तलाक: मुस्लिम लॉ बोर्ड की बात संविधान ही नहीं कुरान के भी खिलाफ. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तर्क देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्रिपल तलाक पर दो स्थितियों का हवाला दिया. पहला, उन्होंने सर्वोच्च अदालत से कहा कि अगर ट्रिपल तलाक को अवैध करार दिया जाता है, तो इससे अल्लाह के आदेशों की अवमानना होगी. और तो और इसके चलते कुरान को बदलने की नौबत भी आ सकती है. इतना ही नहीं इससे मुसलमान पाप के भागी होंगे. दूसरा, उन्होंने तर्क दिया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रोविजन्स जैसे ट्रिपल तलाक को संविधान की धारा 25 के तहत संरक्षण ...और अधिक »

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक का मामला संवैधानिक पीठ को सौंपा, 11 मई से सुनवाई शुरू होगी - सत्याग्रह

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए तीन तलाक का मामला संवैधानिक पीठ को सौंप दिया है. शीर्ष अदालत ने इसके लिए पांच सदस्यीय बेंच गठित की है जो 11 मई से सुनवाई करेगी. इंडिया टुडे के मुताबिक चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा, 'यह मामला बहुत महत्वपूर्ण है. इसे टाला नहीं जा सकता. इसकी सुनवाई के लिए अदालत शनिवार और रविवार को भी काम करने को तैयार है. अगर सरकार सहयोग करे, तो गर्मी की छुट्टियों में भी मामले की सुनवाई की जा सकती है. इस मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए सभी पक्षों का सहयोग जरूरी है.' हालांकि, इस सुझाव पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि इसी दौरान दो अन्य मामलों में संवैधानिक बेंचों की सुनवाई होने से सभी जगह जिरह करने में ...और अधिक »

तीन तलाक: सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ को भेजा मामला, 11 मई से सुनवाई - नवभारत टाइम्स

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक मामले पर चल रही सुनवाई में गुरुवार को अहम फैसला दिया। कोर्ट ने मामले को पांच जजों की संवैधानिक पीठ के पास रेफर किया है। पीठ मुस्लिम समुदाय के अंदर होने वाले तीन तलाक, 'निकाह हलाला' जैसी प्रथाओं का संवैधानिक आधार पर विश्लेषण करेगी। मामले की सुनवाई कोर्ट में 11 मई से होगी। चार दिनों तक मामले की लगातार सुनवाई होगी। इससे पहले एनजेएसी मामले की सुनवाई भी गर्मी की छुट्टियों में ही हुई थी। कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई पांच जजों की संविधान पीठ मई के महीने में करेगी। अदालत तीन तलाक के सभी पहलुओं पर विचार करेगी। अदालत ने जोर देकर कहा कि यह मसला बहुत गंभीर है और इसे टाला नहीं जा सकता ...और अधिक »

तीन तलाक पर 11 मई से सुप्रीम कोर्ट शुरू करेगा सुनवाई - Firstpost Hindi

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह की परंपराएं मुसलमानों के लिए बहुत अहम हैं. इन मसलों से उनकी भावनाएं जुड़ी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है कि 11 मई से इन परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर वह सुनवाई करेगी. मुस्लिम संगठनों ने अदालत के दखल का किया विरोध. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे मुस्लिम संगठनों ने इन मामलों में अदालत के दखल का विरोध किया. बोर्ड ने कहा कि ये परंपराएं पवित्र कुरान से आईं है. लिहाजा ये न्याय प्रणाली के दायरे में नहीं आती हैं. कई मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक की परंपरा को चुनौती दी है. इसमें अक्सर पति एक बार में तीन बार तलाक बोलकर, फोन पर या एसएमएस से तलाक दे देते हैं. चीफ जस्टिस ...और अधिक »

पहली बार सुप्रीम कोर्ट के 15 जजों की गर्मी छुट्टी कटी, सीजेआई ने अहम मामलों की सुनवाई करने को कहा - Jansatta

पहली बार सुप्रीम कोर्ट के कम से कम 15 जजों की आगामी गर्मी की छुट्टियां काट दी गई हैं ताकि वह संवैधानिक महत्व से जुड़े तीन मामलों की सुनावाई कर सकें। इन तीन मामलों में से एक मुस्लिमों में होने वाले तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह से संबंधित है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने तीन अलग संविधान खंडपीठ बनाई हैं जो गर्मी की छुट्टियों में मामले को देखेंगी। उन्होंने कहा कि संविधान पीठ 11 मई से इन परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि कई लंबित मामले से ''भावनाएं'' जुड़ी हैं और पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ इस मुद्दे पर ...और अधिक »

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ को भेजा तीन तलाक मामला, 11 मई से होगी सुनवाई - India.com हिंदी

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीन तलाक मामले में आगे की सुनवाई के लिए संविधान पीठ के पास रेफर किया है। अब इस मामले पर पांच जजों की संवैधानिक पीठ सुनवाई करेगी। कोर्ट ने तीन तलाक की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है। मामले में चार दिनों तक लगातार सुनवाई होगी। SC bench refers #TripleTalaq matter to constitution bench, hearing to start from May 11. pic.twitter.com/m53Js5ymf4. — ANI (@ANI_news) March 30, 2017. कोर्ट में चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि यह गंभीर मामला है। यही वक्त है कि मामले में सुनवाई पूरी की जाए। तीन तलाक मामले में केवल कानूनी पहलुओं पर ही सुनवाई होगी। इसी दौरान दो अन्य मामलों में भी संविधान ...और अधिक »

SC ने तीन तलाक का मसला संवैधानिक पीठ को भेजा, 11 मई से होगी सुनवाई - दैनिक जागरण

SC ने तीन तलाक का मसला संवैधानिक पीठ को भेजा, 11 मई से होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक का मसला संवैधानिक पीठ को सौंप दिया है। अब 11 मई से इस मसले पर सुनवाई होगी। नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ गर्मी की छुट्टियों में मुसलमानों में प्रचलित तीन तलाक, हलाला और चार शादियों की कानूनी वैधानिकता की जांच करेगी। अदालत ने मामले को महत्वपूर्ण मानते हुए गुरुवार को ये मसला विचार के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेज दिया है। गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही 11 मई से संविधान पीठ इस पर रोजाना सुनवाई शुरू कर देगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हए मुस्लिमों में प्रचलित एक बार में तीन तलाक, हलाला और चार शादियों के ...और अधिक »

तीन तलाक पर मई में संविधान पीठ करेगी सुनवाई - India.com हिंदी

सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि तीन तलाक, 'निकाह हलाला' और मुस्लिम समाज में बहुविवाह प्रथा के खिलाफ दायर एक याचिका पर संविधान पीठ 11 मई से सुनवाई शुरू करेगी। संविधान पीठ 11 और 12 मई को शुरुआती सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे. एस. केहर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि शुरुआती सुनवाई के बाद अगली सुनवाई 15 मई से 19 मई के बीच चलेगी। न्यायमूर्ति केहर ने कहा कि मामले पर सुनवाई सप्ताहांत पर – 13 और 14 मई – को भी हो सकती है, क्योंकि न्यायाधीशों ने सप्ताहांत पर कार्य करने की सहमति दे दी है। तीन तलाक पर सुनवाई में लगने वाले समय को लेकर न्यायमूर्ति केहर ने वकीलों से बहस के लिए समय-सारणी तैयार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा ...और अधिक »

आखिर तीन तलाक खत्म होने से क्यों डर रहा है मुस्लिम समाज - Patrika

अमित शर्मा/नई दिल्ली/नोएडा. सर्वोच्च न्यायालय ने यह साफ़ कर दिया है कि तीन तलाक का मामला अब ज्यादा देर के लिए टाला नहीं जा सकता. वह इस मुद्दे की तुरंत सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. यहां तक कि सामान्य रूप से होने वाली गर्मी की छुट्टियों में भी संविधानिक बेंच इस मामले पर सुनवाई करती रहेगी. इससे यह तय हो गया है कि इस मामले में शीघ्र फैसला आएगा. सुप्रीम कोर्ट की इस पहल से मुस्लिम समाज में एक भय जैसा माहौल देखा जा रहा है. मुस्लिम नेताओं का अभी से यह रुख देखा जा रहा है कि वे इस फैसले को नहीं मानेंगे. इसके खिलाफ उन्होंने न सिर्फ घोषणा कर रखी है, बल्कि वे लगातार इस मुद्दे पर मुस्लिमों को उकसा भी रहे हैं. तो क्या यह एक नये टकराव की ओर बढ़ने की शुरुआत है. इस पर ...और अधिक »