PAK में कर्ज वसूली के लिए उठा ली जाती हैं नाबालिग बेटियां, हिंदू-क्रिश्चियन बनते हैं शिकार - दैनिक भास्कर

जीवती को 14 साल की उम्र में उठा लिया गया था। उसका मजहब बदलवाया गया और फिर उठाने वाले शख्स ने उससे शादी कर ली। मीरपुर खास. 21वीं सदी में भी पाकिस्तान में जमींदारों और उनके द्वारा कर्ज वसूली के लिए अपनाए जाने वाले क्रूर तरीके कम नहीं हुए हैं। यहां परिवार अगर जमींदारों का कर्ज नहीं लौटा पाते तो घर की नाबालिग और खूबसूरत बेटियां उठा ली जाती हैं। इसके बाद भी कर्ज कभी खत्म नहीं होता। एक न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान में चल रहे इस रैकेट की पड़ताल की। इस तरह की घटनाएं हिंदुओं और क्रिश्चियंस साथ ज्यादा होती हैं। पिता से कर्ज वसूली के लिए उठा ले गए बेटी.... - जीवती नाम की बच्ची ...

कर्ज न चुकाया तो यहां घर से उठा ली जाती हैं हिन्दू लड़कियां - Live हिन्दुस्तान

पाकिस्तान अभी कौन से युग में जी रहा है और वहां अल्पसंख्यकों खासकर हिन्दुओं पर किस तरह से जुल्म ढाए जाते हैं यह खबर इस बात का नमूना देने के लिए काफी है। पाकिस्तान में सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि इसाई अल्पसंख्यकों पर भी ज्यादती की जाती है। दक्षिण पाकिस्तान के प्यारो लुंध इलाके में जीवती नाम की लड़की का तब अपहरण हो गया था जब वह 14 साल की थी। वह अपने घर वालों के साथ बाहर सो रही थी तब रात को कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। लेकिन बात में पता चला कि जिस साहूकार से घर वालों ने कभी कर्ज लिया था उसी ने उनकी बेटी को अगवा कर उससे जबरन निकाह कर लिया था। एचटी के अनुसार, जीवती ...

पाकिस्तान: यहां कर्ज के नाम पर हिंदू और ईसाई लड़कियों को कबूल कराया जा रहा इस्लाम - नवभारत टाइम्स

जीवती की उम्र उस वक्त महज 14 वर्ष थी, ​​जिस रात उसे एक अनजान शख्स से ब्याह करने के लिए ले जाया गया। उसके साथ ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जीवती के परिजनों ने ब्याह करने वाले शख्स से 1000 अमेरिकी डॉलर का कर्ज लिया था। जीवती की मां अमेरी काशी कोहली को यकीन है कि उनकी बेटी को शादी के लिए नहीं बल्कि 'कभी खत्म नहीं होने वाले' कर्ज की वसूली के लिए ले जाया गया। अमेरी कहती हैं कि जब वह और उनके पति यहां काम करने आए थे तब उन्होंने जमींदार से तकरीबन 500 अमेरिकी डॉलर का कर्ज लिया था। लेकिन वह फिर हाथ झटकते हुए यह दावा भी करती हैं कि उन्होंने कर्जा चुका दिया है। बेटियों को समझा ...

पाकिस्तान में कर्ज चुकाना हो तो लड़कियां लगती हैं दांव पर, बनाई जाती हैं गुलाम - inKhabar

मीरपुर खास : महिलाओं को दुनिया भर में कई जगहों पर अलग-अलग कुरीतियों का सामना करना पड़ता है. कई बार ये कुरीतियां दिल दहलाने वाली भी होती हैं. दक्षिणी पाकिस्तान में भी लड़कियां ऐसे ही अमानवीय व्यवहार का सामना कर रही हैं. यहां कर्ज चुकाने के बदले लड़कियां गुलाम बनाई जाती हैं. न्यूज वेबसाइट टाइम्स आॅफ इंडिया की खबर के मुताबिक पाकिस्तान की रहने वाली 14 साल की जीवती को एक रात उसके घर से उठा लिया गया क्योंकि उसके परिवार ने एक शख्स से 1000 डॉलर का कर्ज लिया था. जीवती की मां अमेरी काश कोहली जानती हैं कि अब कभी न चुकता होने वाले उनके कर्ज की कीमत जीवती को अदा करनी ...

पाकिस्तान में कर्ज के बदले लड़कियां देने को मजबूर हिंदू, बोले वो जवान लड़कियों को ले जाते हैं - Oneindia Hindi

पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के मां-बाप जब सूदखोरों का कर्ज नहीं चुका पाते हैं, तो सूदखोर आकर उनकी बेटियों को ले जाते हैं, वो बहनों में से खूबसूरत को चुन लेते हैं। By: Rizwan. Updated: Friday, December 23, 2016, 18:03 [IST]. Subscribe to Oneindia Hindi. मीरपुर खास। पाकिस्तान के दूर-दराज और देहात के इलाकों में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और उनके लिए परेशानियों की बात कोई नई नहीं है लेकिन मामला सिर्फ इतना ही नहीं है। पाकिस्तान में ऐसे बहुत से हिन्दू मां-बाप हैं, जिनके ना चाहते हुए भी उनकी बेटियों को सूदखोर उठाकर ले जाते हैं। पाकिस्तान में कर्ज के बदले लड़कियां देने को मजबूर हिंदू, बोले ...

पाकिस्तान : जहां मां-बाप के कर्ज़ की वसूली के लिए उठा ले जाते हैं बेटियां... - एनडीटीवी खबर

मीरपुर खास: जीवती की उम्र सिर्फ 14 बरस थी, जब एक रात उसे एक ऐसे शख्स से 'ब्याह देने के लिए' परिवार से ले लिया गया था, जिसके मुताबिक जीवती के परिवार ने उससे 1000 अमेरिकी डॉलर का कर्ज़ा लिया हुआ था... जीवती को मां अमेरी काशी कोहली को पूरा भरोसा है कि शादी के लिए नहीं, उसकी बेटी को 'कभी खत्म न होने वाले' कर्ज़ की वसूली के लिए ले जाया गया... अमेरी के मुताबिक, जब वे यहां काम करने आए थे, उसने और उसके पति ने ज़मींदार से लगभग 500 अमेरिकी डॉलर का कर्ज़ लिया था, लेकिन फिर वह हाथ झटककर यह भी दावा करती है कि कर्ज़ा चुकाया जा चुका था... वैसे, दक्षिणी पाकिस्तान में ऐसी बहुत-सी ...

PAK में कर्ज के बदले उठा ले जाते गैर-मुस्लिम लड़कियांः रिपोर्ट - Patrika

14 वर्षीय जिवती को उसके परिवार द्वारा 68 हजार रुपये का कर्ज नहीं दिए जाने पर रात में अपहरण कर लिया गया। मीरपुर खास (पाकिस्तान)। पाकिस्तान नें गैर-मुस्लिम परिवारों की हालत बदतर है। हिन्दू और ईसाई परिवार के लड़कियों को अपहरण कर उनका जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है। गैर-मुस्लिम परिवार द्वारा कर्ज भुगतान नहीं किए जाने पर लड़कियों को जबरन उठाकर उसका धर्म परिवर्तन कर उन्हें दूसरी पत्नी बना लेना एक आम बात हो गई है। कर्ज में डूबे परिवार भी जमींदारों को कर्ज का भुगतान अपनी लड़कियों को सौंप कर करते हैं। अमेरी ने 68 हजार रुपये के बदले सौंपी बेटी. हाल ही में हिन्दू परिवार ...

पाकिस्‍तान में कर्ज के बदले गुलाम बनाई जाती है लड़की - दैनिक जागरण

500 डॉलर का कर्ज चुकाने में असमर्थ मां बाप से उनकी 14 साल की बेटी को छीन लिया और शादी कर गुलाम बना लिया। मीरपुर खास (पाकिस्तान)। एक व्यक्ति से शादी के लिए 14 साल की लड़की जीवती को एक रात उसके परिवार से ले लिया गया जिसका कहना था कि इस लड़की के लिए उसके परिवार से 1000 डॉलर का सौदा हुआ था। जीवती की मां आमेरी काशी कोहली ने देश में काम शुरू करने के लिए 500 डॉलर का कर्ज लिया था, जिसके लिए उसकी 14 साल की बेटी जीवती को छीन लिया गया। लड़कियों का सौदा. दक्षिणी पाकिस्तान के लिए यह कहानी आम है। छोटे से कर्ज सूद के साथ बड़े होते जाते हैं और अंतत: घर की लड़कियों व ...

पाकिस्‍तान: हर साल 1000 हिंदू व ईसाई लड़कियों का करा दिया जाता है जबरन धर्मांतरण, खूबसूरत लड़कियों पर होती हैं खास नजर - Jansatta

साउथ एशिया पार्टनरशिप ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल लगभग 1000 नौजवान ईसाई और हिंदू लड़कियां उनके घरों से ले जाई जाती हैं और उन्‍हें इस्‍लाम में कंवर्ट कर दिया जाता है। Author एपी December 23, 2016 17:23 pm. पाकिस्‍तान में लोन की राशि न चुका पाने पर हिंदू और ईसाई महिलाओं को बेच देने की घटनाएं आम हो चली हैं। (Photo:AP). पाकिस्‍तान में लोन की राशि न चुका पाने पर हिंदू और ईसाई महिलाओं को बेच देने की घटनाएं आम हो चली हैं। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिणी पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यक महिलाओं व लड़कियों का संपत्ति की तरह लेनदेन किया जाता है। कभी उन्‍हें ...