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पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का मामला अटका, सरकार की मुसीबत बढ़ी - दैनिक जागरण;

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का मामला अटका, सरकार की मुसीबत बढ़ी - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणपिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का मामला अटका, सरकार की मुसीबत बढ़ीदैनिक जागरणजागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का मामला फिर अटक गया है। सोमवार को कई मंत्रियों की गैरहाजिरी के कारण विपक्ष राज्यसभा में संशोधन प्रस्ताव पारित करवाने में कामयाब हो गया। विपक्ष ने नियम तीन को विधेयक से हटवाने के बाद ही अपनी सहमति प्रदान की। सदन ने विपक्ष के संशोधनों के साथ विधेयक को मंजूरी दे दी। विधेयक अब वापस लोकसभा को भेजा जाएगा। 123वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिये पिछड़े वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाना है। विपक्ष की ओर से लाए गए इन संशोधनों में धार्मिक आधार पर आरक्षण की बात की गई। अपनी संख्या बल ...और अधिक »

राज्यसभा में ड्रामे के बीच राष्ट्रिय पिछड़ा आयोग का बिल पास, मोदी सरकार की हुई किरकिरी - inKhabar;

राज्यसभा में ड्रामे के बीच राष्ट्रिय पिछड़ा आयोग का बिल पास, मोदी सरकार की हुई किरकिरी - inKhabar

inKhabarराज्यसभा में ड्रामे के बीच राष्ट्रिय पिछड़ा आयोग का बिल पास, मोदी सरकार की हुई किरकिरीinKhabarनई दिल्ली: राज्यसभा में आज नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास बिल ड्रामे के बीच पास हुआ. शाम को इस बिल पर राज्यसभा में वोटिंग शुरू हुई, तो विपक्ष ने संशोधन पेश करने शुरू कर दिए. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत के जवाब के बाद विपक्षी दलों ने अपना संशोधन वापस ले लिया, लेकिन जब बिल के प्रावधानों पर वोटिंग शुरू हुई, तो कांग्रेस के नेता संशोधन पर अड़ गए. बाद में इस बिल का तीसरे क्लॉज के बिना ही पास करना पड़ा, क्योंकि तब सदन में सत्ता पक्ष के ज्यादातर सदस्य नदारद थे. ये 123वां संविधान संशोधन विधेयक है, जिसके तहत पिछड़ा वर्ग आयोग को भी संवैधानिक दर्जा मिल ...और अधिक »

ओबीसी आयोग बिल पर हुई सरकार की किरकिरी, कांग्रेस ने करा लिया यह बदलाव - News18 इंडिया;

ओबीसी आयोग बिल पर हुई सरकार की किरकिरी, कांग्रेस ने करा लिया यह बदलाव - News18 इंडिया

News18 इंडियाओबीसी आयोग बिल पर हुई सरकार की किरकिरी, कांग्रेस ने करा लिया यह बदलावNews18 इंडियाबिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने ओबीसी वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करने के एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाए. (Photo:PTI). भाषा. Updated: July 31, 2017, 11:30 PM IST. राज्यसभा में आज ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक विपक्ष के संशोधन के साथ पारित हो गया. इसके चलते केंद्र सरकार को किरकिरी का सामना करना पड़ा. बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने ओबीसी वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करने के एक दूसरे पर तीखे आरोप लगाए. ऊपरी सदन ने विधेयक के तीसरे महत्वपूर्ण खंड (क्लॉज) तीन को खारिज करते हुए शेष विधेयक को जरूरी दो तिहाई मतों से पारित कर ...और अधिक »

मोदी सरकार को राज्यसभा में झटका, सांसदों की गैरमौजूदगी से विपक्ष का संशोधन बिल पास - आज तक;

मोदी सरकार को राज्यसभा में झटका, सांसदों की गैरमौजूदगी से विपक्ष का संशोधन बिल पास - आज तक

आज तकमोदी सरकार को राज्यसभा में झटका, सांसदों की गैरमौजूदगी से विपक्ष का संशोधन बिल पासआज तकएक महत्वपूर्ण बिल पास होने के दौरान राज्यसभा में सभी सांसदों का मौजूद नहीं रहना सोमवार को केंद्र सरकार को महंगा पड़ गया. इस दौरान न सिर्फ सरकार की फजीहत हुई बल्कि लाख कोशिश के बावजूद सरकार विपक्ष का एक संशोधन पास होने से नहीं रोक पाई. माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात से खासे नाराज हैं. बिल पर वोटिंग के दौरान एनडीए के कई सांसद और मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे. राज्यसभा में यह स्थिति तब बनी जब पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाए जाने को लेकर केंद्रीय सामाजिक कल्याण मंत्री थावरचंद गहलोत 123वां संविधान संशोधन बिल पास कराना चाहते थे. बिल पर ...और अधिक »

ओबीसी आयोग से संबंधित बिल विपक्ष के संशोधन के साथ पास, सरकार की किरकिरी - नवभारत टाइम्स;

ओबीसी आयोग से संबंधित बिल विपक्ष के संशोधन के साथ पास, सरकार की किरकिरी - नवभारत टाइम्स

नवभारत टाइम्सओबीसी आयोग से संबंधित बिल विपक्ष के संशोधन के साथ पास, सरकार की किरकिरीनवभारत टाइम्सराष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक संसद में पास तो हुआ लेकिन विपक्ष का एक संशोधन मंजूर हो गया। लोकसभा से पास बिल में संशोधन करते हुए राज्यसभा ने सोमवार को इस बिल को पास किया। हालांकि सरकार को किरकिरी का सामना करना पड़ा जब विपक्ष अपना संशोधन लागू करवाने में सफल हुई। चूंकि यह संविधान संशोधन बिल है,ऐसे में संशोधित बिल को लोकसभा से दोबारा पास करवाना होगा। वहां से पास होने के बाद राज्यसभा में फिर बिल आएगा। जानकारों के अनुसार मोदी सरकार ने यह बिल ओबीसी पर अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से पेश किया है। इससे पहले ...और अधिक »

राज्यसभा में विपक्ष का संशोधन पास होने से सरकार की किरकिरी, पीएम मोदी हुए खफा - NDTV Khabar;

राज्यसभा में विपक्ष का संशोधन पास होने से सरकार की किरकिरी, पीएम मोदी हुए खफा - NDTV Khabar

NDTV Khabarराज्यसभा में विपक्ष का संशोधन पास होने से सरकार की किरकिरी, पीएम मोदी हुए खफाNDTV Khabarराज्यसभा में सोमवार को सरकार की उस समय किरकिरी हो गई जब विपक्ष का एक संशोधन पास हो गया. संविधान संशोधन के बिल पर हुई वोटिंग के दौरान सरकार हार गई. Reported by: अखिलेश शर्मा, Updated: 31 जुलाई, 2017 10:26 PM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. राज्यसभा में विपक्ष का संशोधन पास होने से सरकार की किरकिरी, पीएम मोदी हुए खफा. एनडीए के कई सांसद सदन में मौजूद नहीं थे, इसका फायदा विपक्ष को मिला.... खास बातें. संविधान संशोधन के बिल पर हुई वोटिंग के दौरान सरकार हार गई; पिछड़े वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के संविधान संशोधन बिल का मामला; वोटिंग के दौरान एनडीए के कई सांसद सदन में मौजूद ...और अधिक »

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए राज्यसभा में विधेयक पेश - News18 इंडिया;

पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए राज्यसभा में विधेयक पेश - News18 इंडिया

News18 इंडियापिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए राज्यसभा में विधेयक पेशNews18 इंडियाकेन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक आज राज्य सभा में पेश किया. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने इस मकसद से संविधान का एक सौ तेइसवां संशोधन विधेयक 2017 और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग निरसन विधेयक 2017 सदन में पेश किये. दोनों विधेयक लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किए जा चुके हैं. गहलोत ने इन विधेयकों के उद्देश्यों और कारणों का जिक्र करते हुये कहा है कि इन विधेयकों के माध्यम से देश में पिछड़े वर्गों के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और ...और अधिक »

पचास फीसदी आबादी की आवाज दबाना असंभव : थावरचंद - Patrika;

पचास फीसदी आबादी की आवाज दबाना असंभव : थावरचंद - Patrika

Patrikaपचास फीसदी आबादी की आवाज दबाना असंभव : थावरचंदPatrikaबेंगलूरु. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलने और स्थाई आयोग का गठन होने से शोषित तथा पिछड़े समुदायों के लिए आशा की किरण जागेगी। प्रदेश भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की ओर से शनिवार को आयोजित विचार संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने यह बात कही। गहलोत ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज का पचास फीसदी हिस्सा हैं। इस शोषित समाज के लोगों की आवाज दबाना अब असंभव है। बड़े इंतजार के बाद इस समुदाय को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए संवैधानिक दर्जे के साथ स्थायी आयोग का गठन संभव होने के आसार नजर आ रहे हैं। इसी सपने को साकार ...और अधिक »