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आज भी जीवित हैं प्रेमचंद की कहानियों के पात्र, सिखाती हैं इंसान बनना : वीरेंद्र - दैनिक भास्कर

आज भी जीवित हैं प्रेमचंद की कहानियों के पात्र, सिखाती हैं इंसान बनना : वीरेंद्रदैनिक भास्करमेदिनीनगर : प्रेमचंद जयंती समारोह में नाटक का मंचन करते कलाकार। प्रेमचंद जयंती समारोह में उपस्थित बच्चें इप्टा... मेदिनीनगर : प्रेमचंद जयंती समारोह में नाटक का मंचन करते कलाकार। प्रेमचंद जयंती समारोह में उपस्थित बच्चें इप्टा तथा प्रलेस के लोग। भास्कर न्यूज | मेदिनीनगर इप्टाऔर प्रलेस ने प्रेमचंद जयंती महोत्सव के तहत तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 31 जुलाई को प्रेमचंद की कहानी सवा सेर गेहूं का पाठ किया गया। रविशंकर ने प्रेमचंद की इस कहानी का पाठ किया। तीन दिवसीय आयोजनों के तहत साहित्य से जुडे लोगाें ने कहा कि समाज में प्रेमचंद साहित्य ...और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद तथा गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई - Nai Dunia

मुंशी प्रेमचंद तथा गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाईNai Duniaशिक्षा प्रसारक समिति द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद शिक्षा महाविद्यालय में सोमवार को प्रसिद्ध कहानीकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद तथा गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई गई। विद्यार्थियों ने स्वरचित कहानियां लिखी एवं इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया। तुलसी काव्यपाठ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। शिक्षा प्रसारक समिति कोषाध्यक्ष महेश सोनी ने मुंशी प्रेमचंद एवं गोस्वामी तुलसीदासजी के जीवन पर प्रकाश डाला। भारत में राष्ट्रीयता के जनक लोकमान्य बालगंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर लोकमान्य का स्मरण किया गया।और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर सेमिनार आयोजित - दैनिक जागरण

मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर सेमिनार आयोजितदैनिक जागरणप्रखंड क्षेत्र के गो¨वदपुर-तीन पंचायत के मुरलीटोल स्थित राजीव रंजन भवन में रविवार को साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 129वीं जयंती के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया। बेगूसराय। प्रखंड क्षेत्र के गो¨वदपुर-तीन पंचायत के मुरलीटोल स्थित राजीव रंजन भवन में रविवार को साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 129वीं जयंती के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में लोगों ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित किए। सेमिनार की अध्यक्षता देवनीति राय ने की। संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ¨हदी कथा साहित्य को तिलिस्मी कहानियों के झुरमुट से निकालकर जीवन के यथार्थ की ओर मोड़कर ले जाने ...और अधिक »

शाश्वत जीवन मूल्यों के दृष्टा थे मुंशी प्रेमचंद - दैनिक जागरण;

शाश्वत जीवन मूल्यों के दृष्टा थे मुंशी प्रेमचंद - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणशाश्वत जीवन मूल्यों के दृष्टा थे मुंशी प्रेमचंददैनिक जागरणप्रगतिशील लेखक संघ एवं जनवादी लेखक संघ के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षक संघ के सभागार में प्रेमचंद की 138 वीं जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। समस्तीपुर। प्रगतिशील लेखक संघ एवं जनवादी लेखक संघ के तत्वावधान में माध्यमिक शिक्षक संघ के सभागार में प्रेमचंद की 138 वीं जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें Þवर्तमान संदर्भ में प्रेमचंद की प्रासंगिकताÞ विषय पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। विषय प्रवेश करते हुए डॉ. रमेश झा ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य जीवन एवं समाज के विविध पक्षों को बड़ी बेबाकी से रेखांकित करता है। जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव शाह जफर इमाम ने कहा कि ...और अधिक »

मनाई गई मुंशी प्रेमचंद व तुलसीदास की जयंती - दैनिक जागरण;

मनाई गई मुंशी प्रेमचंद व तुलसीदास की जयंती - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणमनाई गई मुंशी प्रेमचंद व तुलसीदास की जयंतीदैनिक जागरणसंवाद सहयोगी, घाटशिला : एआइडीएसओ छात्र संगठन के द्वारा सोमवार को घाटशिला कॉलेज में मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। छात्रों ने प्रेमचंद के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर विनोद कुमार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद कृतियों के माध्यम से हमारे बीच आज भी अमर हैं। उन्होंने समाज में जाति प्रथा व गरीबों की स्थिति के बारे में विस्तृत लेख के माध्यम से स्थिति को उजागर करने का काम किया। वास्तव में उनके उपन्यास से ऐसा लगता है कि उन्होंने आज के वर्तमान स्थिति की कल्पना कर ही उसकी रचना की होगी। मौके पर एसपी ¨सह, डॉ सुभाष चंद्र, ...और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद की विभिन्न संगठनों ने मनायी जयंती - प्रभात खबर

मुंशी प्रेमचंद की विभिन्न संगठनों ने मनायी जयंतीप्रभात खबरआरा : विभिन्न संगठनों ने मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किये. इस दौरान कहीं सेमिनार का आयोजन हुआ, तो कहीं समारोह आयोजित किया गया. जयंती को लेकर ब्रह्मांड पार्टी ने आधुनिक युग में प्रेमचंद की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन किया. आयोजन विश्व भोजपुरी हिंदी विकास महासंघ व महापुरुष प्रेरणा उत्थान समिति के सहयोग से किया गया. इस अवसर पर जितेंद्र कुमार ने कहा कि आधुनिक युग में प्रेमचंद की कहानियों से उनकी दूरदृष्टि का पता चलता है. वहीं जनहित परिवार के सचिव अतुल प्रकाश ने कहा कि प्रेमचंद यथार्थवादी लेखक थे. डाॅ कमल कुमार सिंह ने कहा कि प्रेमचंद को ...और अधिक »

जयंती पर श्रद्धा से याद किये गये मुंशी प्रेमचंद - प्रभात खबर

जयंती पर श्रद्धा से याद किये गये मुंशी प्रेमचंदप्रभात खबरपीरो : कथा सम्राट व महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धा के साथ याद किया गया. इस मौके पर अनुमंडल के विभिन्न शैक्षणिक व साहित्यिक संस्थाओं तथा शिक्षण केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी गयी. पीरो में जन चेतना मंच की ओर से आयोजित जंयती समारोह में डा कुंदन पटेल, डॉ रमेशानंद जी,. अरूण कुमार सिंह, प्रो गुप्तेश्वर उपाध्याय, संजीव कुमार सुमन, डॉ पवन कुमार सिंह, सुदर्शन सिंह सहित अन्य लोगों ने मुंशी प्रेमचंद के कृतित्व की चर्चा करते हुए उन्हें सच्चे अर्थों में सरस्वती का वरद पुत्र करार दिया. विद्वत जनो ने कहा कि मुंशी ...और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद ने किया सामाजिक असमानता मिटाने का प्रयास - दैनिक जागरण;

मुंशी प्रेमचंद ने किया सामाजिक असमानता मिटाने का प्रयास - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणमुंशी प्रेमचंद ने किया सामाजिक असमानता मिटाने का प्रयासदैनिक जागरणआसनसोल : प्रख्यात साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की 138 वीं जयंती पर शिल्पांचल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए। आसनसोल नगर निगम की ओर से निगम मुख्यालय के समक्ष स्थित मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यहां मेयर जितेन्द्र तिवारी, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, मेयर परिषद सदस्य अभिजीत घटक, लखन ठाकुर, बोरो चेयरमैन संजय नोनिया, पार्षद उमा सर्राफ, बबीता दास, कल्याण दासगुप्ता, बीगू ठाकुर आदि ने माल्यदान किया। मेयर ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की रचनाएं वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। समाज में अभी भी असमानता व्याप्त है। लोगों के बीच भेदभाव की खाई है। मुंशी ...और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद िवश्व के अग्रणी कथाकार - प्रभात खबर

मुंशी प्रेमचंद िवश्व के अग्रणी कथाकारप्रभात खबरहाजीपुर : सोनपुर मंडल सभागार में आज कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद की जयंती सादगी और उल्लास के साथ मनाई गई । सबसे पहले मंडल रेल प्रबंधक अतुल्य सिन्हा ने प्रेमचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए । इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रेमचंद विश्व के अग्रणी कथाकारों में से एक हैं । उनकी कहानियों और उपन्यासों में आम आदमी को मजबूत बना कर प्रस्तुत किया गया है । साहित्य की प्रायः हर विधा में उन्होंने सार्थक रचनात्मक योगदान दिया है. मुंशी प्रेमचंद्र संपूर्ण साहित्य मनुष्यता के विकास और मानवीय ...और अधिक »

जयंती पर याद किये गये प्रेमचंद - प्रभात खबर

जयंती पर याद किये गये प्रेमचंदप्रभात खबरजहानाबाद : जिले के परमानंद उत्सव हॉल में सोमवार को मुंशी प्रेमचंद की 137वीं जयंती मनायी गयी. कलम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर कई शैक्षणिक संस्थान व संगठन ने याद किया. एआइडीएसओ छात्र संगठन ने कार्यक्रम आयोजित कर मुंशी प्रेमचंद के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिव स्टूडेंट्स ऑरगेनाइजेशन के जिला प्रभारी राजू कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुंशी प्रेमचंद का जीवन छात्रों के लिए प्रेरणा श्रोत है. वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा देश बेरोजगारी,अशिक्षा, धार्मिक अंधविश्वास से ग्रसित है.और अधिक »

प्रेमचंद ने ¨हदी साहित्यिक को दिया आधुनिक रूप - दैनिक जागरण

प्रेमचंद ने ¨हदी साहित्यिक को दिया आधुनिक रूपदैनिक जागरणजासं, इलाहाबाद : मुंशी प्रेमचंद की 137वीं जयंती सोमवार को मनाई गई। विभिन्न संस्थाओं की ओर से मुंशीजी. जासं, इलाहाबाद : मुंशी प्रेमचंद की 137वीं जयंती सोमवार को मनाई गई। विभिन्न संस्थाओं की ओर से मुंशीजी द्वारा लिखित कहानियों का मंचन किया गया तो कहीं संगोष्ठी का आयोजन कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। साहित्यकार व कायस्थ कुलवंशज मुंशी प्रेमचंद ¨हदी हर दिन एक नया रूप व एक नई पहचान देने वाले थे। वह ऐसे प्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी थे जिसने ¨हदी विषय की काया पलट दी थी। यह बातें सोमवार को प्रयास संस्था की ओर से मीरापुर स्थित कार्यालय पर आयोजित प्रेमचंद जयंती ...और अधिक »

मुंशी प्रेमचंद जयंती मनाई - दैनिक भास्कर

मुंशी प्रेमचंद जयंती मनाईदैनिक भास्करसवाई माधोपुर| जिलापुस्तकालय में पाठक मंच के तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। जिला... सवाई माधोपुर| जिलापुस्तकालय में पाठक मंच के तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। जिला पुस्तकालय अध्यक्ष सीताराम योगी ने बताया कि कार्यक्रम में मुंशी प्रेमचंद के कथा साहित्य को भारतीय जीवन मूल्यों की प्रेरणा देने वाला तथा युवा पीढ़ी के लिए मार्ग प्रदर्शक बताया। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष की सेवानिवृत्ति की विदाई भी दी गई। Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! सबसे तेज़ खबरें ...और अधिक »

जयंती पर याद किए गए मुंशी प्रेमचंद्र - दैनिक जागरण

जयंती पर याद किए गए मुंशी प्रेमचंद्रदैनिक जागरणअररिया। सोमवार को प्रबुद्ध लेखक संघ की बैठक श्रीवास्तव सदन अररिया में हुई। जिसमें कथा सम्रा. अररिया। सोमवार को प्रबुद्ध लेखक संघ की बैठक श्रीवास्तव सदन अररिया में हुई। जिसमें कथा सम्राट मुशी प्रेमचंद्र की जयंती मनाई गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. सुशील कुमार श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर प्रेमचंद्र के जीवनी व साहित्य पर वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। मौके पर डॉ. श्रीवास्तव ने उन्हें सामाजिक धाíमक रूढियों पर प्रहार करने वाला लेखक कहा। जबकि युवा कवि आलोक कुमार मल्लिक ने कहा कि प्रेमचंद्र का साहित्य हमें देश प्रेम, राष्ट्रीयता और सांसकृतिक बोध की ओर अग्रसर करती है ...और अधिक »

मानवतावाद प्रेमचंद के सृजन की मूल प्रेरणा थी - अमर उजाला

मानवतावाद प्रेमचंद के सृजन की मूल प्रेरणा थीअमर उजालासगड़ी। मुंशी प्रेमचंद की जयंती सोमवार को श्री गांधी पीजी कॉलेज मालटारी में प्रगतिशील लेखक संघ के तत्वावधान में मनाई गई। इस दौरान प्रेमचंद और आज का समय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने प्रेमचंद कथा साहित्य एवं आज के समय पर अपने विचार रखे। संगोष्ठी की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया। साहित्यकार पंकज गौतम ने कहा कि प्रेमचंद सांप्रदायिकता विरोधी, साम्राज्यवाद विरोधी, चेतना के रचनाकार थे। मानवतावाद उनके सृजन की मूल प्रेरणा थी। उन्होंने सौंदर्य की कसौटी बदलने की बात की, साहित्य को उपयोगिता की कसौटी पर कसने की बात की।और अधिक »

प्रेमचंद की रचनाएं आज भी प्रासंगिक - दैनिक जागरण;

प्रेमचंद की रचनाएं आज भी प्रासंगिक - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणप्रेमचंद की रचनाएं आज भी प्रासंगिकदैनिक जागरणपलामू : गेहुआं रंग संवला गया था। छत्तीसवां ही तो था सारे बाल पक गए थे। प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास. पलामू : गेहुआं रंग संवला गया था। छत्तीसवां ही तो था सारे बाल पक गए थे। प्रेमचंद के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान के इस संवाद की चर्चा में डॉ. कुमार वीरेंद्र ने कही। वे प्रेमचंद साहित्य और आज विषय पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सोमवार को प्रेमचंद जयंती के मौके पर इप्टा व प्रेमचंद जयंती पर इप्टा और प्रगतिशील लेखक संघ की तीन दिवसीय गोष्ठी कार्यक्रम व नाटक के मंचन का आयोजन किया गया। डॉ. वीरेंद्र ने कहा कि गोदान का पात्र धनिया एक किसान है। काम और कर्ज के बोझ से एक किसान की ...और अधिक »

समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करने का लिया संकल्प - अमर उजाला

समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करने का लिया संकल्पअमर उजालागाजीपुर। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 137वीं जयंती रविवार को समारोहपूर्वक मनाई गई। जिला कायस्थ समन्वय समिति के तत्वावधान में सरजू पांडेय पार्क में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज में फैली कुरीतियों एवं अव्यवस्था के खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डा. मारकंडेय सिंह ने मुंशी प्रेमचंद को सरलता, सहजता और उदारता की प्रतिमूर्ति बताया। कहा कि वह मात्र साहित्यकार ही नहीं थे बल्कि वह महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी थे। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी ...और अधिक »

जयंती पर कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद को याद किया - अमर उजाला

जयंती पर कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद को याद कियाअमर उजालाअल्मोड़ा। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर युवक मंगल दल की ओर से ग्राम पंचायत चौकुना स्थित पंचायत घर सभागार में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि महान कथाकार प्रेमचंद की भारतीय कथा साहित्य पर गहरी छाप है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी प्रासंगिक है। अध्यक्षता कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह धानक और संचालन तारा सिंह ने किया। गोष्ठी में केदार सिंह, देवेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, गोपाल नाथ गोस्वामी, कृष्णा नाथ, उमेश मेहरा, पूजा मेहरा आदि मौजूद थे। कैसा लगा. AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to Twitter Share to WhatsApp Share to Email Share to Pinterest. Write a Comment ...और अधिक »

आज भी प्रासंगिक है मुंशी प्रेमचंद : चावला - दैनिक जागरण;

आज भी प्रासंगिक है मुंशी प्रेमचंद : चावला - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणआज भी प्रासंगिक है मुंशी प्रेमचंद : चावलादैनिक जागरणसंवाद सूत्र, ऐलनाबाद : चौ. मनीराम झोरड़ राजकीय महाविद्यालय में मुशी प्रेम चन्द जयंती व शहीद उधम ¨सह. संवाद सूत्र, ऐलनाबाद : चौ. मनीराम झोरड़ राजकीय महाविद्यालय में मुशी प्रेम चन्द जयंती व शहीद उधम ¨सह बलिदान दिवस पर प्राचार्य डा. प्रेमचन्द कम्बोज की अध्यक्षता में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता रतिया कालेज के पूर्व प्राचार्य हरभगवान चावला ने कहा कि आज प्रेमचन्द जैसा साहित्यकार चाहिए जो कि जनता की संवेदना को कलम और कर्म से छू सकें। उन्होंने कहा कि मुंशी प्रेम चन्द ने अपने साहित्य में महिलाओं, दलितों और किसानों से संबंधित जिन मुद्दों की ...और अधिक »

भारतीय साहित्य पर प्रेमचंद की गहरी छाप - दैनिक जागरण;

भारतीय साहित्य पर प्रेमचंद की गहरी छाप - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणभारतीय साहित्य पर प्रेमचंद की गहरी छापदैनिक जागरणनिमियाघाट (गिरिडीह) : पारसनाथ कॉलेज इसरी बाजार में सोमवार को हिन्दी साहित्य में प्रेमचंद का योगदान के विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. टीसी मिश्रा एवं व्याख्याताओं ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर प्राचार्य मिश्रा ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि भारतीय कथा साहित्य पर उनकी छाप बहुत गहरी है। प्रेमचंद का साहित्य बडा व्यापक है। देश का कोई ऐसा धर्म, जाति, वर्ण व वर्ग ऐसा नहीं है जो उनके साहित्य में नहीं है। मुंशी प्रेमचंद ने सामाजिक उत्थान के लिए अपने साहित्यक जीवन में एक दर्जन से अधिक ...और अधिक »

वह गलतफहमी जिसके चलते प्रेमचंद के नाम के आगे मुंशी लग गया - सत्याग्रह;

वह गलतफहमी जिसके चलते प्रेमचंद के नाम के आगे मुंशी लग गया - सत्याग्रह

सत्याग्रहवह गलतफहमी जिसके चलते प्रेमचंद के नाम के आगे मुंशी लग गयासत्याग्रहमुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा साहित्य के महान साहित्यकार माने जाते हैं. उन्होंने न केवल कहानी बल्कि उपन्यास लेखन में भी ऐसा काम किया कि इन दोनों विधाओं का काल विभाजन उन्हें केंद्र में रख कर किया गया. वैसे उनका असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था, लेकिन हिंदी साहित्य में उन्हें मकबूलियत प्रेमचंद नाम से मिली. वैसे उर्दू लेखन के शुरुआती दिनों में उन्होंने अपना नाम नवाब राय भी रखा था. उनके पिता अजायब राय और दादा गुरु सहाय राय थे. कहीं भी मुंशी नाम का जिक्र नहीं आता. तो आखिर उनके नाम में 'मुंशी' कहां से आया? प्रेमचंद और मुंशी का कोई मेल नहीं. प्रेमचंद के मुंशी प्रेमचंद ...और अधिक »