वांग छी: उनको धन्यवाद जिन्होंने मदद की - बीबीसी हिन्दी

चीन के पूर्व सैनिक वांग छी 54 सालों से भारत में फंसे हुए थे. वो शनिवार को अपनी जन्मभूमि चीन पहुंचे. वांग के साथ चीन पहुंचे उनके बेटे विष्णु का कहना है कि इतने साल बाद परिवार से मिलकर वांग छी और परिवार वालों की आंखों में ख़ुशी के आंसू हैं. इस खबर को शेयर करें शेयरिंग के बारे में · ईमेल · Facebook · Messenger · Messenger · Twitter · Google+ · WhatsApp. अहम ख़बरें. फ़िरोज़ ख़ान पठान. वीडियो. वीडियो 'गुजरात का मुसलमान बिरयानी खा रहा है' · 'गुजरात का मुसलमान बिरयानी खा रहा है'. Keyframe #4. वीडियो. वीडियो गुजरात के विधायक पर मुसलमानों का भरोसा · गुजरात के विधायक पर मुसलमानों का भरोसा.

भारत और चीन की दोस्ती ही है कि मैं घर आ सका: वांग छी - बीबीसी हिन्दी

भारत में 54 सालों से फंसे पूर्व चीनी सैनिक वांग छी शनिवार को वापस अपने देश चीन की ज़मीन पर पहुंचे. चीन के शीनयांग पहुंचकर बीबीसी की ज़ो चेन ने वांग छी के परिवार से बात की. ज़ो चेन बताती हैं कि वहां बीबीसी को छोड़कर अधिकतर मीडिया को वांग छी से मिलने नहीं दिया जा रहा. 54 साल से फंसा चीनी सैनिक ऐसे पहुंचा अपनों के बीच. प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा. Jump media player. Media player help. Out of media player. Press enter to return or tab to continue. भारत में 54 सालों से फंसे पूर्व चीनी सैनिक वांग छी आख़िर जन्मभूमि चीन पहुंचे. Exit player. भारत में 54 सालों से फंसे पूर्व चीनी सैनिक वांग छी ...

43 साल बाद हमवतन पहुंचे चीनी सैनिक वांग तो नम हुई आखें - Oneindia Hindi

वांग, 1963 में भारतीय सीमा में आ गए थे। यहां उन पर मुकदमा चला लेकिन बरी कर दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपना परिवार यहीं बसा लिया। By: Rahul Sankrityayan. Updated: Saturday, February 11, 2017, 14:40 [IST]. Subscribe to Oneindia Hindi. भोपाल। 1963 में चीनी सैनिक वांग ची, भारतीय सीमा में घुस आए थे। भारतीय सेना ने उन्हें गिरफ्तार किया। वांग पर मुकदमा चला और अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मध्य प्रदेश के तिरोंदी गांव में छोड़ दिया। 43 साल बाद हमवतन पहुंचे चीनी सैनिक वांग तो नम हुई आखें. Related Videos · पीएम मोदी ने क्रिकेट की भाषा में रवि शास्त्री को दिया जवाब 01:36 · पीएम मोदी ने ...

पांच दशक बाद भारत से घर लौटा चीनी सैनिक - Punjab Kesari

बीजिंग, (भाषा): वर्ष 1962 के युद्ध के बाद सीमा पार कर जाने पर 50 साल से अधिक समय तक भारत में फंसा रहा एक चीनी सैनिक आज अपने भारतीय परिवार के सदस्यों के साथ अपने संबंधियों से मिलने के लिए यहां पहुंचा। वांग क्वी (77) नामक इस चीनी सैनिक को लेने के लिए उसके करीबी चीनी संबंधियों के अलावा चीनी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारी भी पहुंचे। वांग दिल्ली से बीजिंग आने वाले विमान में अपने बेटे, बहू और पोती के साथ आए हैं। पांच दशक से भी अधिक समय पहले सीमा पार कर जाने वाले वांग जब पहली बार अपने चीनी संबंधियों से वापस मिले तो उनसे गले लगकर भावुक हो उठे। हवाईअड्डे पर ...

भारतीय सीमा में घुस आये चीनी सैनिक की पांच दशक बाद स्वदेश वापसी - पंजाब केसरी

भोपाल : मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बस गये चीन के सैनिक वांग की पांच दशक बाद अपने पैतृक देश जाने वाले हैं। जेल से छूटने के बाद वांग ने एक भारतीय महिला से शादी करके यहां अपना परिवार बसा लिया था। 77 साल के वांग को 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़ा गया था। बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। बालाघाट के कलेक्टर भरत यादव ने पीटीआई को बताया, ''वांग अपनी पत्नी सुशीला और बेटे विष्णु तथा दो अन्य परिजन के साथ चीन जाएंगे।'' उन्होंने बताया कि वांग और उनके चार परिजनों को आज वीजा मिल गया और वे कल चीन रवाना हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय और गृह ...

भारतीय परिवार के साथ 54 साल बाद स्वदेश लौटा चीनी सैनिक - Dainiktribune

Chinese Soldier Wang Qi Arrives Home From India 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद भटक कर भारत आया चीनी सैनिक 54 साल बाद शनिवार को बीजिंग पहुंचा। सैनिक वांग की (77) के साथ उसका भारतीय परिवार भी था। 6 साल जेल में काटने के बाद वांग मध्य प्रदेश के बालाघाट में बस गया था। वहीं, उसने अपना घर बसा लिया था। अब दोनों देशों की सरकारों की मदद से वह अपने देश चीन लौट गया। बीजिंग एयरपोर्ट पर चीनी परिजनों के साथ वांग की मुलाकात के दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। दिल्ली-बीजिंग फ्लाइट से बीजिंग पहुंचे वांग के साथ उसका बेटा विष्णु (35), बहू नेहा और पोती खनक वांग भी थे। हालांकि, उसकी पत्नी सुशीला ...

मीडिया ने बिछड़ों को मिलाया - Chhattisgarh Khabar

नई दिल्ली | समाचार डेस्क: बीबीसी की बदौलत चीन का एक बिछड़ा सैनिक अपने वतन लौट सका. करीब पांच दशक पहले चीनी सैनिक वांग छी भटक कर भारतीय सीमा में घुस आया था. उसके बाद उसने लाख कोशिशें की परन्तु अपने देश वापस न जा सका. शनिवार को ही वह अपने वतन पहुंच गया. गौरतलब है कि भारतीय सीमा में घुस आने के बाद वह पकड़ा गया था तथा पहले तो उसे जेल में रखा गया उसके बाद मध्यप्रदेश के बालाघाट में छोड़ दिया गया. वहां पर उसने अपना घर भी बसा लिया. वांग ने अपनों से मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी. इस बीच बीबीसी हिन्दी ने उसके बारें में क्रमवार खबरें छापनी शुरु की. हफ्ते भर में ही वांग अपने घर ...

54 साल बाद भारत से घर लौटा चीनी सैनिक - नवभारत टाइम्स

चीन के साथ साल 1962 के युद्ध के बाद सीमा पार कर जाने पर 50 साल से अधिक समय तक भारत में फंसा रहा एक चीनी सैनिक शनिवार को अपने भारतीय परिवार के सदस्यों के साथ चीन पहुंचा, जहां उसका भव्य स्वागत किया गया। उसका अपने परिवार के लोगों से भावनात्मक मिलन हुआ। वांग क्वी (77) नाम के इस चीनी सैनिक को लेने के लिए उसके करीबी चीनी संबंधियों के अलावा चीनी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारी भी पहुंचे। वांग दिल्ली से पेइचिंग आने वाले विमान में अपने बेटे, बहू और पोती के साथ आए हैं। बाद में वांग शांक्सी प्रांत की राजधानी शियान गए जहां उनके परिवार के सदस्यों और ...

भारत में 50 साल गुजारने के बाद वापस अपने घर लौटा चीनी सैनिक वांग - News State

सन् 1962 में चीन-भारत युद्ध के बाद रास्ता भटककर भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने वाला चीनी सैनिक वांग भारत में 50 साल गुजारने के बाद शनिवार को बीजिंग पहुंचा, जहां से वह शांक्शी प्रांत स्थित अपने घर जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने शनिवार दोपहर कहा,'वांग की तथा उसका परिवार कुछ समय पहले ही बीजिंग पहुंचे हैं।' उन्होंने कहा,'एमएफए के अधिकारियों तथा शांक्शी प्रांत की सरकार ने उनकी अगवानी की।' स्वरूप ने कहा, 'हमारे दूतावास से सेकंड सेक्रेटरी थेलमा जॉन डेविड तथा सिद्धार्थ मलिक भी उनकी अगवानी करने के लिए वहां मौजूद थे। दोनों मिशनों के अधिकारी भी वांग की ...

55 साल बाद भारतीयता में रचे-बसे वांग चीन पहुंचे - Nai Dunia

बीजिंग। सन 1962 के युद्ध के कुछ ही दिन बाद भारतीय क्षेत्र में पकड़े गए चीनी सैनिक वांग की (77) शनिवार को करीब 55 साल बाद अपने देश लौटे। अपने भारतीय रिश्तेदारों के साथ बीजिंग पहुंचे वांग की पांच दशक से भी ज्यादा समय बाद अपने रिश्तेदारों से मिलकर भावुक हो उठे। वांग दिल्ली से बीजिंग की फ्लाइट से अपने बेटे, बहू और पोती के साथ चीन वापस आए हैं। हवाई अड्डे पर चीनी विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के अधिकारियों के समक्ष वांग अपने रिश्तेदारों से मिले। भावुक वांग को अपनी वतन वापसी पर विश्वास नहीं हो रहा था। वह इसे एक सपने जैसा बता रहे थे। भारत में वांग की शादी सुशीला नाम की ...

BBC IMPACT: 54 साल बाद जब चीन में रिश्तेदारों से मिले तो फूट-फूटकर रोए वांग छी - बीबीसी हिन्दी

भारत में पांच दशकों से फंसे पूर्व चीनी सैनिक वांग छी शनिवार को चीन की ज़मीन पर वापस पहुंचे. अपने रिश्तेदारों से मिल कर वांग छी भावुक हो उठे. वो उनसे गले मिले और काफी देर तक एक-दूसरे को पकड़कर रोते रहे. (ये वीडियो वांग छी परिवार ने बीबीसी को भेजा है.) वांग छी के साथ उनके बेटे, बहू और बेटी भी चीन पहुंचे हैं. इससे पहले, शनिवार सुबह चीन के लिए उड़ान भरने से पहले उन्होंने तिरोड़ी गांव के लोगों के लिए कहा था, "तुम लोग अफ़सोस मत करो. मैं अपनी जन्मभूमि देखकर वापस आ जाऊंगा. वहां जाकर मुझे संतोष और ख़ुशी मिलेगा." सैकड़ों अर्ज़ियां बेकार, बीबीसी का पड़ा असर · 54 साल से भारत में ...

INDIA - Patrika

54 वर्ष से देश में निवास कर रहा पूर्व चीनी सैनिक शनिवार को अपने वतन लौट गया। मॉयल नगरी तिरोड़ी में 54 साल से निवास कर रहे चीन के नागरिक व पूर्व चीनी सैनिक वांग ची (राजबहादुर) अपने पुत्र विष्णु और पुत्री के साथ चीन लौटे हैं। बालाघाट. 54 वर्ष से देश में निवास कर रहा पूर्व चीनी सैनिक शनिवार को अपने वतन लौट गया। मॉयल नगरी तिरोड़ी में 54 साल से निवास कर रहे चीन के नागरिक व पूर्व चीनी सैनिक वांग ची (राजबहादुर) अपने पुत्र विष्णु और पुत्री के साथ चीन लौटे हैं। ऐसे पहुंचा चीन. पूर्व चीनी सैनिक वांग ची को प्रशासन ने 8 फरवरी को भोपाल लेकर गए। जहां सभी आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें ...

भटक कर भारत पहुंचे चीनी सैनिक ने जेल काटी, घर बसाया; 54 साल बाद देश लौट गया - दैनिक भास्कर

बीजिंग/भोपाल.1962 के भारत-चीन युद्ध के कुछ महीनों बाद बॉर्डर पोस्ट से भटक कर भारत आया चीनी सैनिक 54 साल बाद शनिवार को बीजिंग पहुंचा। वांग की (77) के साथ उसकी भारतीय फैमिली भी थी। 6 साल जेल में काटने के बाद वांग मप्र के बालाघाट में बस गया था। वहीं उसने अपना घर बसाया। अब दोनों देशों की सरकारों की मदद से वह अपने देश चीन लौट गया। बीजिंग एयरपोर्ट पर चीनी परिजनों के साथ वांग की मुलाकात के दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। बेटा, बहू और पोती भी थे साथ... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वांग दिल्ली-बीजिंग फ्लाइट से बीजिंग पहुंचा। उसके साथ उसका बेटा विष्णु (35), बहू नेहा और पोती खनक ...

1962 के युद्ध में गिरफ्तार चीनी सैनिक 50 साल बाद पहुंचा अपने घर - Samachar Jagat

भोपाल। 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय सीमा में घुसते हुए पकड़ा गया चीनी सैनिक वांग की 50 साल बाद अपने देश पहुंचे हैं। बीजिंग एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें विदेश विभाग और शांक्सी प्रांत के अधिकारियों ने रिसीव किया। वांग की को 1962 में पकड़ा गया था। बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद वांग ने एक भारतीय महिला से शादी कर ली और मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बस गये। वांग की 77 साल के हैं। उन्होंने चीन जाने की इच्छा जाहिर की थी। इससे पहले पांच दशक बाद अपने पैतृक देश जाने की उनकी तैयारियां चल रही थी। उनके बालाघाट के कलेक्टर भरत यादव ने बताया, ''वांग ...

युद्ध के 54 साल बाद अपने घर पहुंचा ये सैनिक - Youthens News

1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने सीमा से चीन के एक सैनिक वांग ची को पकड़ा गया था। आरोप था कि वह जासूसी कर रहे हैं। वांग को पकड़ने के बाद कुछ सालों तक उन पर मुकदमा चला। लेकिन वह इस केस में बेकसूर पाए गए। जिसके बाद वर्ष 1969 में कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया था। मगर पुलिस उन्हें मध्यप्रदेश के तिरोदी में ले आई थी। यहां आने के बाद से ही वांग लगातार अपने वतन और घर लौटने की बात कर रहे थे। बहरहाल मीडिया में ये ख़बर आने के बाद दोनों देशों की सरकार ने सकारात्मक रवैया अपनाते हुए वांग को चीन जाने की अनुमति दे दी। शनिवार यानी कि आज वह अपने बेटे विष्णु के साथ दिल्ली से चीन ...

भारत-चीन युद्ध 1962: सीमा में घुसा चीनी सैनिक 5 दशक बाद लौटा अपने मुल्क, भारतीय महिला से शादी कर यहीं बस गया था - Jansatta

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बसे चीनी सैनिक वांग 5 दशक बाद अपने पैतृक देश वापिस लौटेंगे। Author भाषा भोपाल | February 11, 2017 12:48 pm. 4. Shares. Facebook · Twitter · Google Plus · Whatsapp. पूर्व चीनी सैनिक राजबहादुर अपने परिवार के साथ. मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बस गए चीन के सैनिक वांग की पांच दशक बाद अपने पैतृक देश जाने वाले हैं। जेल से छूटने के बाद वांग ने एक भारतीय महिला से शादी करके यहां अपना परिवार बसा लिया था। 77 साल के वांग को 1962 के चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़ा गया था। बाद में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।बालाघाट के कलेक्टर भरत यादव ने ...

55 साल बाद अपना वतन वापस लौटे चीनी सैनिक वांग - प्रभात खबर

नयी दिल्ली/भोपाल : भारत में पांच दशकों से ज्यादा वक्त तक रहकर अपने वतन वापसी के लिए जद्दोजहद करने वाले चीनी सैनिक आखिर कर आज चीन पहुंच गये. उनके साथ विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद है. विदेश मत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर जानकारी दी है. वर्तमान में 77 साल के हो चुके वांग को 1962 में चीन-भारत युद्ध के बाद भारतीय क्षेत्र में घुसते हुए पकड़ लिया गया था और जेल में डाल दिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें रिहा किया गया. जेल से छूटने के बाद वे मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में बस गये और एक भारतीय महिला से शादी कर ली व अपना परिवार बसा लिया. Wang Qi and his family ...

भारत में 54 साल रहे चीनी बूढ़े सैनिक वांग छी स्वदेश लौटे - चाइना रेडियो इंटरनेशनल

चीन और भारत की सरकारों की मदद से भारत में 54 साल रहे चीनी बूढ़े सैनिक वांग छी 11 फरवरी को स्वदेश लौटे । नई दिल्ली से रवाना होने से पहले भारत स्थित चीनी राजदूत लो चाओ ह्वेई ने अपने आवास में वांग छी और उनके परिवारजनों का सत्कार किया । राजदूत ने वांग छी के स्वदेश लौटने का स्वागत प्रकट करते हुए कहा कि आप दूसरे देश में 54 साल रह चुके हैं और हमें आपकी वापसी के लिए बेहद खुशी है । राजदूत ने कहा कि वांग छी की स्वदेश लौटने की सफलता उनकी खुद की भावना और विभिन्न पक्षों की सकारात्मक कोशिशों का परिणाम है । मीडिया ने भी इसे बढ़ाने में अहम भूमिका अदा की है । उन्होंने चीन और भारत ...

54 साल बाद घर पहुंचा भारत में 'फंसा' चीनी सैनिक - नवभारत टाइम्स

पिछले 4 दशक से भी ज्यादा वक्त से भारत में रहकर अपने वतन लौटने की जद्दोजहद में लगे पूर्व चीनी सैनिक वांग ची ने शुक्रवार तड़के 3.10 मिनट पर नई दिल्ली हवाई अड्डे से पेइंचिंग के लिए उड़ान भरी। वह अपने बड़े बेटे विष्णु के साथ चीन में अपने परिवार से मिलने गए हैं। मीडिया के जरिए मामले की जानकारी मिलने के बाद सरकार द्वारा वांग को 2 साल का मल्टीपल वीज़ा जारी किया गया है। साथ ही आर्थिक सहायता भी की गई है। वागं को मल्टीपल वीज़ा देने के पीछे उन्हें बिना किसी रोक-टोक के भारत और चीन आने-जाने की सुविधा देना है। मध्यप्रदेश सरकार ने वांग के परिवार को पासपोर्ट बनवाने में मदद की और ...

54 वर्ष से अपनी जन्मभूमि से दूर वांग को मिला चीन जाने का मौका - News Track

नई दिल्ली। लगभग 54 वर्ष से भारत मेें निवास करने वाले पूर्व चीनी सैनिक वांग छी को आखिरकार चीन जाने की अनुमति मिल ही गई। दरअसल वांग एक युद्ध के बाद भारत में पकड़े गए थे और तभी से वे भारत में थे। इस चीनी सैनिक ने चीन जाने के लिए कई आवेदन दिए लेकिन इन पर कभी गौर नहीं किया गया। उसे चीन भेजने को लेकर बीबीसी ने ध्यान दिया और फिर बीबीसी के प्रयास रंग ले आए। वांग को उम्मीद तक नहीं थी कि वे कभी चीन जा सकेंगे या नहीं। गौरतलब है कि वांग द्वारा चीन जाने को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से भी अपील की थी। वांग ने कहा था कि मुझे चीन भेज दो या फिर भारत का नागरिक बना दो।