मंत्रियों ने बत्ती तो हटा दी पर वीआईपी कल्चर नही छोड़ा, तस्वीरों मे देखिए हालात - दैनिक भास्कर

नई दिल्ली/रायपुर. पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' में कहा कि वाहनों से तो लाल बत्ती हट गई। अब लोगों को मन और दिमाग से भी लाल बत्ती को हटा देना चाहिए। सामान्य लोग वीआईपी कल्चर पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि नए भारत में वीआईपी की जगह अब ईपीआई- एवरी पर्सन इज इंपॉरटेंट यानी हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है। 1 मई से अब देश में कोई भी लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के मंत्री लेकिन 'रौब' त्याग नहीं कर पा रहे। वे तो ट्रैफिक नियमों का भी पालन नहीं कर रहे। यह है वीआईपी कल्चर: श्रम एवं खेल मंत्री भैया लाल राजवाड़े घर से निकले। देवेंद्र नगर चौक से ...

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बोले- सिर्फ लाल बत्ती हटाने से खत्म नहीं होगा कल्चर - दैनिक भास्कर

जोधपुर. सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2013 में लाल बत्ती पर चल रही सुनवाई के दौरान जस्टिस जीएस सिंघवी ने उस वक्त चौंका दिया था, जब उन्होंने खुद अपनी ही गाड़ी से लाल बत्ती हटवा दी थी। उसी वर्ष 10 दिसंबर को जस्टिस सिंघवी की बेंच ने लाल बत्ती लगाने के लिए संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही अधिकृत करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इसके अगले दिन जस्टिस सिंघवी तो रिटायर हो गए लेकिन वीआईपी कल्चर के खिलाफ एक बहस शुरू हो गई। हाल ही केंद्र की मोदी सरकार ने लाल बत्ती को पूरी तरह से ही इतिहास की बात बना देने का फैसला किया जो सोमवार, एक मई से लागू हो रहा है। भास्कर ने जस्टिस सिंघवी से ...

पीएम के ईपीआई वाले बयान की ट्विटर पर धूम - News18 इंडिया

मन की बात में पीएम मोदी ने देश में वीआईपी कल्चर की बात की. उन्होंने कहा कि वीआईपी की जगह हमें 'ईपीआई' (Every Person is Important) संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए. पीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि लाल बत्ती का चलन खत्म हो गया है, लेकिन लाल बत्ती वाली सोच को खत्म करना जरूरत है. 'मन की बात' खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जो इस प्रकार से है. That's the "Idea of our Nation ". New India is not about #VIP but EPI..."Every Person is Important" #MannKiBaat pic.twitter.com/UBIhRInmAG. — Surendra Poonia (@MajorPoonia) April 30, 2017. No more #vip, now it's time to #EPI , thanks @narendramodi.

पीएम ने कहा देश में कोई वीआईपी नहीं - Naya India

नई दिल्ली। वीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए गाड़ियों पर से लाल बत्ती उतरवाने के फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में कोई भी वीआईपी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश को वीआईपी नहीं, बल्कि ईपीआई के बारे में सोचना चाहिए। ईपीएम का मतलब उन्होंने बताया –एवरी पर्सन इज इंपॉर्टेंट, यानी हर भारतीय महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि गाड़ियों से लाल बत्ती उतारने का नियम सोमवार से लागू हो रहा है। हालांकि बहुत से लोगों ने पहले ही अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती हटा ली है। बहरहाल, हर महीने रेडियो पर प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ...

वीआइपी कल्चर बंद, कोई नहीं लगा सकेगा लाल बत्ती - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : वीआइपी कल्चर खत्म करने का केंद्र सरकार का फैसला भी सोमवार से लागू हो जाएगा। आधिकारिक तौर पर सोमवार से कोई भी गाड़ी लाल बत्ती लगाकर नहीं चल सकेगा। प्रशासक से लेकर अधिकारियों तक को इसकी इजाजत नहीं होगी। हालांकि, अधिकतर अधिकारी फैसले की घोषणा होने वाले दिन से ही बत्ती नहीं लगा रहे हैं। कुछ ने एक दो दिनों बाद बत्ती उतार दी थी। सिर्फ पंजाब और हरियाणा नंबर की गाडि़यों पर ही बत्ती दिखाई देती थी। सोमवार से इन गाड़ियों पर भी बत्ती नहीं लगाई जा सकती। केवल इनफोर्समेंट स्टाफ ही नीली बत्ती लगा सकेगा। इसमें पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस ...

'मन की बात' में पीएम मोदी ने वीआइपी की जगह 'ईपीआइ' का दिया नारा - दैनिक जागरण

पीएम मोदी ने आज रविवार को 31 वीं बार मन की बात के तहत देश की जनता को संबोधित किया। जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीआइपी संस्कृति पर एक बार फिर से जोर-शोर से बरसे हैं। उन्होंने देश से वीआइपी संस्कृति को हटाने के लिए ईपीआइ का नारा दिया है। ईपीआइ यानी हर व्यक्ति महत्वपूर्ण (एवरी परसन इज इंपोर्टेट)। उन्होंने कहा है कि नेता-अफसरों की गाडि़यों से लाल बत्ती तो उन्होंने हटवा दी है, अब साझा प्रयास से इस मानसिकता को भी देश से हटा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में वीआइपी संस्कृति को ले कर बेहद ...

प्रधानमंत्री मोदी की अपील, ईपीआई संस्कृति अपनाये - देशबन्धु

प्रधानमंत्री ने लोगों के दिमाग में भीतर तक घुसी वीआईपी संस्कृति को उखाड़ फेंकने की जरूरत पर बल देते हुए वीआईपी संस्कृति के स्थान पर ईपीआई यानी हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है वाली संस्कृति अपनाने की अपील की... देशबन्धु ब्यूरो. April 30,2017 05:47. Share: AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to WhatsApp Share to Twitter Share to Google+ Share to LinkedIn. प्रधानमंत्री मोदी की अपील, ईपीआई संस्कृति अपनाये. Narendra Modi. नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों के दिमाग में भीतर तक घुसी वीआईपी संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत पर बल देते हुए 'वीआईपी' संस्कृति के स्थान पर ...

'मन की बात' में पीएम मोदी ने VIP की जगह EIP संस्कृति लाने की बात कही - Sanjeevni Today

नई दिल्ली। अपनी अनूठी योजना जिसमे पीएम मोदी लोगों से रूबरू होते है, मन की बात में आज वीआईपी कल्चर को छोड़ने की बात की है। मोदी ने मन की बात के सम्बोधन में कहा की लाल बत्ती की संस्कृति के कारण वीआईपी कल्चर बनी थी जो अब समाप्त होनी चाहिए। लाल बत्ती के हटाने के बारे में मोदी ने बताया की लाल बत्ती गाड़ी से भी नहीं दिमाग से भी जानी चाहिए। टोंक रोड़, जयपुर में प्लाट खरीदने का सबसे सही समय, ये मौका फिर नहीं मिलेगा, मात्र 2 लाख में 100 गज का प्लाट, कॉल: 09314188188. वीआईपी संस्कृति की जगह प्रधामंत्री मोदी ने एक नया शब्द ईजाद करते हुए कहा की हमें ईआईपी (EIP) संस्कृति को ...

Home जनप्रहरी लेटेस्ट वीआईपी कल्चर के प्रति नफरत है, लोगों के दिमाग से भी लाल... - Janprahari Express (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (ब्लॉग)

नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में रविवार को वीवीआईपी कल्चर पर प्रहार किए गए। कुछ दिनों पहले पीएम मोदी ने वाहनों से लाल बत्ती हटाकर देश से वीवीआईपी कल्चर हटाने का अभियान शुरु किया था। मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि वाहनों से तो लाल बत्ती हट गई। अब लोगों को अपने मन और दिमाग से भी लाल बत्ती को हटा देना चाहिए। वीआईपी कल्चर के प्रति देश में गुस्सा-नफरत है। सामान्य लोग इसे पसंद नहीं करते हैं। लोगों के दिमाग में लाल बत्ती नहीं रहनी चाहिए। अब देश में कितना ही बड़ा शख्स हो, वह लाल बत्ती का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। जलवायु परिवर्तन पर बोलते ...

'सबका साथ, सबका विकास' पड़ोसी देशों के लिए भी है: मोदी - Bhasha-PTI

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल :भाषा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि भारत ने हमेशा से 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया है और उसका यह मूलमंत्र सिर्फ देश के भीतर नहीं, बल्कि वैश्विक परिवेश और अड़ोस-पड़ोस के देशों के लिए भी है। मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा, ''भारत ने हमेशा 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को लेकर आगे बढ़ने का प्रयास किया है। जब हम सबका साथ-सबका विकास की बात करते हैं तो वो सिर्फ भारत के अंदर के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक परिवेश और खासकर हमारे अड़ोस-पड़ोस के देशों के लिए भी है।'' उन्होंने कहा, '' हम चाहते हैं कि हमारे ...

मन की बात: देश में वीआईपी की जगह बढ़े इपीआई का महत्व-मोदी - ROYAL BULLETIN

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 31वीं बार मन की बात की। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए कहा, मन की बात में विविधताओं से भरी हुई जानकारियां मिलती हैं। मन की बात पर आये सुझाओं पर सरकार अध्ययन करती है। देश के हर कोने में शक्तियों का अम्बार पड़ा है। मोदी ने कहा, मैं सबसे पहले तो अधिकतम सुझाव जो कि कर्मयोगियों के हैं, समाज के लिए कुछ न कुछ कर गुजरने वाले लोगों के हैं। मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मोदी ने कहा, ये चीजें जब ध्यान में आई तो मुझे लगा कि ये सुझाव सामान्य नहीं हैं, ये अनुभव के निचोड़ से निकले हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कई ...

वीआईपी नहीं न्यू इंडिया में ईपीआई लाना है : प्रधानमंत्री मोदी - Deshvani (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा वीआईपी कल्चर के खिलाफ जनता में नफरत में थी। उन्होंने कहा कि लाल बत्ती के चलन को खत्म करने का मकसद कुछ लोगों के दिमाग से वीआईपी संस्कृति खत्म करना और ईपीआई 'एवरी पर्शन इज इम्पोर्टेंट' लाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्य़क्रम में कहा, लाल बत्ती के चलन को खत्म करने के फैसले का मकसद कुछ लोगों के दिमाग से वीआईपी संस्कृति खत्म करना है।' उन्होंने कहा कि लोगों में वीआईपी कल्चर से नाराजगी है। इसका अनुभव इसे हटाने के बाद हुआ। बत्ती गाड़ी पर लगती थी लेकिन मन में घुस जाती थी। दिमाग में जो बत्ती घुसी ...

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, न्यू इंडिया में सभी 125 करोड़ भारतीय महत्वपूर्ण - GAON CONNECTION

नई दिल्ली (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों के दिमाग में भीतर तक घुसी वीआईपी संस्कृति को जड़ से उखाड़ फेंकने और सभी भारतीयों को महत्व देने की जरूरत पर बल दिया। मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा कि समय आ गया है, जब वीआईपी (अति महत्वपूर्ण व्यक्ति) संस्कृति को बदलकर ईपीआई (हर व्यक्ति महत्वपूर्ण) कर दिया जाए। मोदी ने कहा, "हमारे देश में वीआईपी संस्कृति के लिए एक प्रकार की नफरत है, लेकिन जब सरकार ने अधिकारियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का फैसला किया तब मैंने महसूस किया कि यह नफरत कितनी भीतर तक घुसी है।" मोदी ने कहा, "यह लाल ...

PM मोदी बोले- अब दिमाग से भी हटनी चाहिए लाल बत्ती, मन की बात करते-करते कर दिया ये ऐलान - Rajasthan Patrika

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब यह लाल बत्ती तो चली गई है लेकिन लोगों के दिमाग मे अति विशिष्ट होने का जो अहसास घुस गया है, वह भी पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। ×. Related News. युवा डिजिटल अर्थव्यवस्था के अंबेस्डर बनें: मोदी · PM मोदी ने फिर की देशवासियों से 'मन की बात', यहां पढ़ें प्रधानमंत्री का हू-ब-हू सन्देश · मन की बात: कालाधन रखने वालों को PM मोदी की चेतावनी- गरीबों का न करें इस्तेमाल, होगी सख्त कार्रवाई. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'नए भारत' में वीआईपी संस्कृति के तहत कुुछ खास लोगों को तवज्जो देने के स्थान पर अब देश का हर नागरिक खास है। मोदी ने ...

लाल बत्ती हटी, अब हूटर बना वीआईपी सिंबल - Nai Dunia

जबलपुर। लाल बत्ती कल्चर 1 मई से पूरी तरह खत्म हो रहा है। प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद ही केन्द्र और प्रदेश में वीआईपी वाहनों से लाल बत्ती निकल गई। लेकिन बत्ती अलग होने से वीआईपी कल्चर खत्म नहीं हुआ है। बत्ती की जगह अब हूटर ने ले ली है। वीआईपी हूटर (विशेष सायरन) की मदद से सड़क पर अपनी आमद दर्ज कराते दिख रहे हैं। बिना हूटर निकले तो साइड नहीं मिली. केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा डुमना एयरपोर्ट आए। वे सीधे मंडला के लिए रवाना हुए। उनके लिए जो गाड़ी तय की गई उसमें खामी के कारण नड्डा दूसरी गाड़ी में बैठे। इसमें हूटर नहीं था। फॉलो गार्ड के साथ काफिला निकला, जिसे सड़क पर वीआईपी ...