सुप्रीम कोर्ट आगे आए - दैनिक जागरण

पशुओं की खरीद-फरोख्त को लेकर केंद्र सरकार की अधिसूचना पर राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। पशुओं की खरीद-फरोख्त को लेकर केंद्र सरकार की अधिसूचना पर केरल उच्च न्यायालय ने जिस तरह यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इन्कार किया कि कोई ऐसा नियम नहीं बना है कि मवेशियों के वध या फिर उनके मांस सेवन पर पाबंदी लगाई जा रही है उससे यही स्पष्ट हुआ कि इस मसले पर किस तरह लोगों को बरगलाने के साथ राजनीतिक रोटियां सेंकी जा रही हैं। इस पर भी गौर किया जाना चाहिए कि केरल उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में यह तो कहा ही कि नए नियमों से कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं हुआ है, इस पर हैरानी भी जताई ...

मसला पशु बाजार के नियमन का है - दैनिक जागरण

मवेशियों की खरीद-बिक्री संबंधी अधिसूचना पर मद्रास उच्च न्यायालय के रोक लगाने के फैसले पर विरोध के स्वर मंद पड़ने लगे हैं। रमेश दुबे. मवेशियों की खरीद-बिक्री संबंधी केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना पर मद्रास उच्च न्यायालय के रोक लगाने के फैसले और केंद्र सरकार के नरमी बरतने के संकेत के बाद अब इस मुद्दे पर विरोध के स्वर मंद पड़ने लगे हैं, लेकिन इस मामले ने यह साबित कर दिया कि देश में खान-पान की आजादी के बहाने किसी मसले को तूल देने वाले लोगों की कमी नहीं। यह तब और अच्छे से साफ हुआ जब केरल उच्च न्यायालय ने न केवल केंद्र सरकार की पहल पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया, ...

पशु बिक्री संबंधी अधिसूचना पर हस्तक्षेप करने से केरल उच्च न्यायालय का इंकार - Raftaar

कोच्चि 31 मई :: केरल उच्च न्यायालय ने आज उस जनहित याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया जिसमें वध के लिए पशुओं की खरीदबिक्री पर रोक संबंधी केंद्र की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गयी है। अदालत ने कहा कि नियमों में कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं है। मुख्य न्यायाधीश नवनीति प्रसाद सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्र की अधिसूचना में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। पीठ ने कहा कि अधिसूचना में उसे बीफ की बिक्री या उपभोग पर रोक नहीं दिखती है। इसके बाद याचिकाकर्ता ए जी सुनील ने जनहित याचिका वापस ले ली। इस बीच अदालत की एक एकल पीठ ने पशुओं की बिक्री पर रोक संबंधी ...

वध के लिए पशुओं की बिक्री: केरल हाई कोर्ट का केंद्र की अधिसूचना में दख़ल से इनकार, कहा- कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं - Zee News हिन्दी

पीठ ने कहा कि अधिसूचना में उसे बीफ की बिक्री या उपभोग पर रोक नहीं दिखती है. (फाइल फोटो). कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार (31 मई) को उस जनहित याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया जिसमें वध के लिए पशुओं की खरीद-बिक्री पर रोक संबंधी केंद्र की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गयी है. अदालत ने कहा कि नियमों में कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं है. मुख्य न्यायाधीश नवनीति प्रसाद सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्र की अधिसूचना में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है. पीठ ने कहा कि अधिसूचना में उसे बीफ की बिक्री या उपभोग पर रोक नहीं दिखती है. इसके बाद याचिकाकर्ता ए जी ...

एमसीडी से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने मंजूरी के बिना ही फीस बढ़ायी : जनहित याचिका - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: May 31, 2017, 10:30PM IST. और जानें: Zealand | WELLINGTON | Reuters | Reserve Bank of New Zealand | RBNZ | newzealand-economy/houseprices new zealand | New Zealand | Eric Meijer | charlotte greenfield | Auckland | andrea rush house. नयी दिल्ली, 31 मार्च :: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज उस जनहित याचिका पर आप सरकार से जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि एमसीडी से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने बिना पूर्व मंजूरी के ही फीस बढ़ाकर नियमों का उल्लंघन किया है जबकि उन्हें विभिन्न शर्तों के साथ रियायती दर पर ...

पशु बिक्री पर रोक नागरिक अधिकार का उल्लंघन नहीं: केरल हाई कोर्ट - दैनिक जागरण

मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर मुद्दे पर चर्चा कराने की घोषणा की है। कोच्चि, प्रेट्र। वध के लिए पशुओं की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाली केंद्र सरकार की अधिसूचना को केरल हाई कोर्ट ने नागरिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना है। हाई कोर्ट ने बुधवार को इसके खिलाफ दायर याचिका स्वीकार करने से इन्कार कर दिया। युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने अपनी याचिका वापस ले ली। दूसरी ओर केरल की वामपंथी सरकार ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना का विरोध किया है। मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर मुद्दे पर ...

केरल हाईकोर्ट ने पशु बिक्री नियम पर कहा- यह गोमांस खाने से नहीं रोकता - News18 इंडिया

केरल उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के मवेशियों की बिक्री और खरीद से जुड़े नए नियम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार के नए कानून में पशुओं को बेचने और उनके वध करने से संबंधित ऐसा कोई नियम नहीं है, जो लोगों को गोमांस खाने से रोक सके. युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सुनील ने केंद्र के नियम के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नवनीति प्रसाद ने कहा कि जिन नियमों के बारे में चर्चा की जा रही है, उनमें गोमांस पर प्रतिबंध जैसा कुछ भी नहीं है. न्यायमूर्ति के मुताबिक, 'अगर कोई इसे सही से पढ़ता है तो नए ...

अधिसूचना ठीक से ना पढ़ने के कारण कर रहे हैं पशुओं से जुड़े अधिसूचना का विरोध- केरल हाईकोर्ट - Oneindia Hindi

त्रिवेंद्रम। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि यह चौंकाने वाला है कि तमिलनाडु हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने मवेशियों की बिक्री पर लाए गए नये नियमों पर स्टे लगाया। हाईकोर्ट ने यह कहा कि अगर लोगों ने अधिसूचना ढ़ंग से पढ़ी होती तो वो विरोध प्रदर्शन नहीं कर रहे होते। अधिसूचना ठीक से ना पढ़ने के कारण कर रहे हैं पशुओं से जुड़े अधिसूचना का विरोध. अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें केंद्र सरकार की ओर से मवेशियों की बिक्री और खरीद पर नई अधिसूचना जारी की गई है। याचिकाकर्ताओं ने केंद्र की अधिसूचना को चुनौती दिया है। केरल हाईकोर्ट ने पाया है कि देश भर में मवेशियों के वध पर कोई ...

मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए पशुओं की बिक्री पर पाबंदी पर चार हफ्तों की रोक लगायी - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: May 30, 2017, 07:40PM IST. और जानें: sophie montel | simon carraud | sarnez | richard ferrand | richard balmforth | Reuters | Republic | National Front | Marine Le Pen | marielle de sarnez | Macron | le pen s national front | Le Pen | Francois Fillon | fillon | ferrand | european parliament le pen | European Parliament | Emmanuel Macron | edouard philippe | de sarnez | Canard Enchaine | Brian Love | BFM TV. मदुरै, 30 मई :: मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए पशुओं की खरीद - फरोख्त पर पाबंदी लगाने वाली केंद्र की अधिसूचना पर आज चार हफ्तों के लिए रोक लगा दी और इस सिलसिले ...

पशु बिक्री बैन: केंद्र के नोटिफिकेशन पर मद्रास हाईकोर्ट ने 4 हफ्ते की रोक लगाई - Hindustan हिंदी

मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने वाली केंद्र की अधिसूचना पर आज चार हफ्तों के लिए रोक लगा दी और इस सिलसिले में दायर जनहित याचिकाओं पर उसका जवाब मांगा। दरअसल, जनहित याचिकाओं (पीआईएल) में यह दलील दी गई है कि इन नये नियमों के लिए सर्वप्रथम संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी। न्यायमूर्ति एम वी मुरलीधरन और न्यायमूर्ति सी वी कार्तिकेयन की मदुरै पीठ ने दो याचिकाओं पर अंतरिम आदेश जारी किया, जिनमें कहा गया था कि नियमों को रदद किया जाना चाहिए क्योंकि वे संविधान के खिलाफ हैं, परिसंघ के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं और मूल कानून-जंतु ...

वध के लिए पशुओं की ख़रीद-फ़रोख़्त: केंद्र के नए नियम पर मद्रास हाई कोर्ट की रोक, चार हफ़्तों में मांगा जवाब - Zee News हिन्दी

चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने वध के लिए पशुओं की खरीद-फरोख्त पर पाबंदी लगाने वाली केंद्र की अधिसूचना पर मंगलवार (30 मई) को चार हफ्तों के लिए रोक लगा दी और इस सिलसिले में दायर जनहित याचिकाओं पर उसका जवाब मांगा. दरअसल, जनहित याचिकाओं (पीआईएल) में यह दलील दी गई है कि इन नये नियमों के लिए सर्वप्रथम संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी. न्यायमूर्ति एम वी मुरलीधरन और न्यायमूर्ति सी वी कार्तिकेयन की मदुरै पीठ ने दो याचिकाओं पर अंतरिम आदेश जारी किया, जिनमें कहा गया था कि नियमों को रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि वे संविधान के खिलाफ हैं, परिसंघ के सिद्धांत का उल्लंघन करते ...