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आज बंद रहेंगी मंडियां, दूध-सब्जियों की होगी किल्लत - Nai Dunia

आज बंद रहेंगी मंडियां, दूध-सब्जियों की होगी किल्लतNai Duniaछावनी अनाज मंडी में किसान के साथ हुई मारपीट के विरोध में भारतीय किसान संघ ने गुरुवार को जिले की मंडियां बंद रखने का एलान किया है। किसानों से कहा गया है कि वे सब्जियां व अनाज लेकर मंडियों में न जाएं। उधर किसान सेना ने फसल के उचित दाम नहीं मिलने पर 1 से 10 जून तक मंडियों में किसानों द्वारा माल नहीं लाने का आंदोलन शुरू किया है। इस आंदोलन में दूध उत्पादक भी शामिल हैं। वे भी दूध नहीं बचेंगे। इस कारण गुरुवार से दूध और सब्जियों की किल्लत शुरू हो सकती है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी दिलीप मुकाती ने कहा कि मंडी समिति के अधिकारी व्यापारियों का पक्ष लेते हैं और ...और अधिक »

आज से महाराष्ट्र में किसान हड़ताप पर, नहीं मिलेंगे दूध,सब्जी और अन्य उत्पाद - Bharat Khabar

आज से महाराष्ट्र में किसान हड़ताप पर, नहीं मिलेंगे दूध,सब्जी और अन्य उत्पादBharat Khabarमुंबई। महाराष्ट्र में किसान राज्य सरकार की नीति के खिलाफ और किसानों के कर्ज माफी को लेकर जल्द ही एक बड़े आंदोलन पर जा सकते हैं। किसानों ने इस बारे में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द ही उनको लेकर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट ना की तो सूबे में किसान क्रांति के नाम पर आंदोलन शुरू हो जायेगा। हांलाकि सरकार किसानों के हित में कई फैसले करने का दावा कर रही है। लेकिन अपनी मांगो पर अड़े किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए साफ कह दिया है कि 1 जून से वे हड़लाप पर जा रहे हैं। किसानों ने सरकार को अपनी मांगों को लेकर सरकार से कई बार कहा है। लेकिन राज्य सरकार ...और अधिक »

घर बैठे ही किसानों को पता चल जाएगा मंडी में क्या चल रहा अनाज का दाम - Patrika;

घर बैठे ही किसानों को पता चल जाएगा मंडी में क्या चल रहा अनाज का दाम - Patrika

Patrikaघर बैठे ही किसानों को पता चल जाएगा मंडी में क्या चल रहा अनाज का दामPatrika-किसानों के मोबाइल पर एसएमएस से भेज रहे मंडी भाव। -कृषि उपज मंडी में की गई नई व्यवस्था। इटारसी। अब किसानों को घर बैठे कृषि उपज मंडी में चल रहे अनाज के दाम पता चल सकेंगे। किसानों को राहत देने के लिए मंडी प्रबंधन ने ये नई व्यवस्था शुरू की है। कृषि मंडी में अनाज की खरीदी बिक्री का भाव किसानों के मोबाइल नंबर पर एसएमएस और वाट्सएप पर भेजा जा रहा है। जिससे किसानों को दाम बढऩ घटने की जानकारी मिल सके। इसके अनुसार ही किसान अपनी उपज मंडी में लेकर आएं। मंडी प्रबंधन ने अभी तक 1 हजार 800 किसानों के नंबर फीड कर लिए हैं। जिन्हें रोज मंडी भाव भेजा जा रहा है। ये होंगे फायदे. अभी तक ...और अधिक »

महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन, शहरों को दूध-सब्जी की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी - एनडीटीवी खबर;

महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन, शहरों को दूध-सब्जी की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दी - एनडीटीवी खबर

एनडीटीवी खबरमहाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन, शहरों को दूध-सब्जी की आपूर्ति रोकने की चेतावनी दीएनडीटीवी खबरमुंबई: महाराष्ट्र में किसानों ने सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन का मूड बना लिया है. राज्य में 'किसान क्रांति' के नाम से आंदोलन शुरू किया गया है. आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे एक जून से शहरों में जाने वाले दूध, सब्जी समेत अन्य उत्पाद रोकेंगे. किसानों की शिकायत राज्य सरकार की नीतियों को लेकर है. वे किसानों की कर्ज़ से मुक्ति की मांग पर अटल हैं. जबकि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए कई फैसले लेने का दावा कर रही है. किसान क्रांति के नेता जयाजी शिंदे का कहना है कि किसान की कर्जमुक्ति ही उसकी सारे समस्याओं का हल है. जबकि मौजूदा सरकार कर्ज़मुक्ति की बात ...और अधिक »

सरकार की अक्ल ठिकाने लगाने, शहर में नहीं आएगी दूध, सब्जी व फल - Patrika;

सरकार की अक्ल ठिकाने लगाने, शहर में नहीं आएगी दूध, सब्जी व फल - Patrika

Patrikaसरकार की अक्ल ठिकाने लगाने, शहर में नहीं आएगी दूध, सब्जी व फलPatrikaभारतीय किसान संघ गांव-गांव जाकर किसानों से गुहार लगा रहा है कि वे अपनी फल, सब्जी, दूध और अनाज शहर लेकर नहीं जाए। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में किसान संघ का कहना है कि यदि किसान चाहता है कि उसके उपज के दाम लागत के अनुसार तय हों तो उसे किसानों का साथ देना होगा और आंदोलन का हिस्सा बनना होगा... खंडवा. जिले के सभी किसान 1 से 10 जून तक गांवों में पैदा होने वाला अनाज, दूध, फल, सब्जी गांव से बाहर नहीं जाएगी। भारतीय किसान संघ ने आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन गांवों से शुरू होगा। सभी किसान जिले भर के गांवों में चौपाल लगाकर बैठेंगे। इस दौरान कोई भी किसान व ग्रामीण शहर ...और अधिक »

कल से किसान उपज के साथ दूध-सब्जी की बंद करेंगे सप्लाई, 10 दिन रहेंगे हड़ताल पर - दैनिक भास्कर

कल से किसान उपज के साथ दूध-सब्जी की बंद करेंगे सप्लाई, 10 दिन रहेंगे हड़ताल परदैनिक भास्करसभी तरह की कृषि उपज के भाव आैंधे मुंह गिर गए है। इस कारण अच्छे उत्पादन के बावजूद किसान घाटे में है। यही कारण है 1 जून से किसान दस दिनी हड़ताल का ऐलान कर चुके हैं। केवल उपज ही नहीं बल्कि दूध व सब्जी की सप्लाई भी बंद करने की चेतावनी दी है। खास बात यह है कि पहली बार बिना किसी संगठन के आव्हान पर किसान अंदर ही अंदर संगठित हुए और सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहे हैं। कोई खुलकर बोल नहीं रहा लेकिन यदि वास्तव में हड़ताल हुई तो आमजन को परेशानी झेलना पड़ सकती है। प्रशासन भी इसे लेकर चिंतित है। मावता निवासी पिपलौदा जनपद उपाध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष श्यामसिंह ...और अधिक »

कल शहर में दूध आएगा न ही सब्जी, आज ही खरीद लें - दैनिक भास्कर

कल शहर में दूध आएगा न ही सब्जी, आज ही खरीद लेंदैनिक भास्करआपको कल सब्जी, दूध, मवा आदि के लिए परेशान होना पड़ सकता है। वजह फसलों के कम दाम मिलने से किसानों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है गुरुवार को वे सब्जी, अनाज, दूध सहित कोई भी उत्पाद शहर में नहीं भेजेंगे। इसलिए जरूरत की चीजों का संग्रह आज ही कर लें। युवा किसान संघ के के संरक्षक डीपी धाकड़ ने बताया प्याज 20 पैसे से 4 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है जबकि लागत 5.90 रुपए प्रतिकिलो आती है। तरबूज, टमाटर व अन्य फसलों की भी स्थिति यही है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के वादे किए जा रहे हैं लेकिन यहां तो लागत निकलाना मुश्किल हो रहा है। वस्तुओं का समर्थन मूल्य तय करने ...और अधिक »

उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान कल से करेंगे आंदोलन - दैनिक भास्कर

उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान कल से करेंगे आंदोलनदैनिक भास्करअपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से आक्रोशित किसान 1 से 10 जून तक आंदोलन करने जा रहे हैं। आंदोलन के दौरान किसान अनाज, सब्जी, दूध शहरी क्षेत्र में विक्रय नहीं करेंगे। ग्राम पंचायत करनावद के पूर्व सरपंच फतेहसिंह आंजना ने बताया किसान आंदोलन कर संगठित होंगे। तभी शासन को झुकना पड़ेगा। समय से पहले किसान जागरूक नहीं होंगे तो शासन व जनप्रतिनिधि भी किसान के दुख दर्द नहीं सुनेंगे। आंजना ने किसानों से अनुरोध किया है वे संगठित होकर आंदोलन करें। भारतीय किसान संघ 1 जून से हड़ताल पर तराना | भारतीय किसान संघ 1 जून से 10 जून तक हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल फसलों के उचित भाव नहीं ...और अधिक »

किसानों को उपज का लाभ मूल्य दिलाये सरकार - Hindustan हिंदी;

किसानों को उपज का लाभ मूल्य दिलाये सरकार - Hindustan हिंदी

Hindustan हिंदीकिसानों को उपज का लाभ मूल्य दिलाये सरकारHindustan हिंदीअखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष सरदार त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मंडी समिति परिसर में धरना दिया। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से चार सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को भेजा।मंगलवार को मंडी समिति परिसर में धरनास्थल पर सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि हर वर्ष किसानों को सरकार की ओर से लाभकारी मूल्य दिये जाने की घोषणा की जाती है। लेकिन किसान को उसकी फसल की उपज का समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता है। इससे किसानों को औने-पौने कीमतों पर अपनी फसल बेचनी पड़ती है। किसान कर्ज में डूबा हुआ है। वक्ताओं ने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग ...और अधिक »

हड़ताल की तैयारी में किसान- कहा शहर में सब्जी, दूध नहीं आने देंगे - Nai Dunia

हड़ताल की तैयारी में किसान- कहा शहर में सब्जी, दूध नहीं आने देंगेNai Duniaफसलों का लागत मूल्य से भी कम भाव मिलने को लेकर जिले के किसान 1 जून को हड़ताल पर रहेंगे। किसानों ने चेतावनी दी है कि इस दिन गांव से सब्जी व दूध शहर में नहीं जाने देंगे। जो भी लाने की कोशिश भी करेगा उसे वापस बीच रास्ते में से लौटा दिया जाएगा। इसके लिए प्रमुख गांवों में कार्यकर्ताओं की तैनाती भी की जाएगी। जो कि गांव से आने वाले किसानों पर नजर रखेंगे। किसानों के इस आंदोलन में कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। सोमवार को जिले के किसानों व जिला कांग्रेस कमेटी की अलग-अलग बैठक हुई। दोनों ने 1 जून को सैलाना बस स्टैंड मंडी से अलग-अलग समय रैली निकालने की घोषणा की।और अधिक »

कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से कम दामों में उपज बेच रहे किसान - Nai Dunia

कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से कम दामों में उपज बेच रहे किसानNai Duniaजिले में फल और सब्जियां पैदा करने वाले किसानों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण आदिवासी भी अब सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं लेकिन आर्थिक तौर पर असक्षम है। हर बार सब्जियां और फलों को शर्तों के विरूद्घ कम दामों में व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं। कारण यह है कि क्षेत्र में कहीं भी कोल्ड स्टोरेज नहीं है। कोल्ड स्टोरेज नहीं होने के कारण किसान फसल की खपत ही नहीं निकाल पा रहे हैं। क्षेत्र में करीब एक लाख टन से भी अधिक देशी आम होता है और करीब 5 हजार टन सीताफल होता है, दूसरे फल और सब्जियां अलग। इतना उत्पादन होने के बाद भी किसानों के लिए कोई सुविधा ...और अधिक »