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जानें रमजान महीने का महत्व - Hindustan हिंदी

रमजान रहमतों और बरकतों का महीना है। इसमें हर नेकी का कई गुना सवाब मिलता है। इबादत से राजी होकर खुदा बेपनाह रहमतें बरसाता है। इस्लाम में रमजान का बहुत महत्व है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग एक महीने रोजे रखते हैं। इन दौरान दिन में न ही कुछ खाया जाता है और न ही कुछ पिया जाता है। रमजान के पवित्र महीने के बारे में कुरान में लिखा है कि अल्लाह ने पैगम्बर साहब को अपने दूत के रूप में चुना था। रमजान महीने के आखिरी दस दिन बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दौरान व्यक्ति अपनी बुरी आदतों से दूर रहने के साथ-साथ खुद पर भी संयम रखता है। दिन में कुछ भी नहीं खाया जाता। लेकिन कहा ...और अधिक »

इस रमजान 15 घंटे लंबा होगा पहला रोजा, जानिए क्यों खाते हैं खजूर - Hindustan हिंदी

रविवार से रमजान का महीना शुरू ही होने वाला है। मजान को अरबी भाषा में 'रमादान' कहते हैं। रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। इस बार पहला रोजा 15 घंटे लंबा होगा। इस साल रमजान 28 मई से शुरू हो रहा है और 27 जून को खत्म होगा। चांद दिखाई देने पर रोजे शुरु होते हैं और जिस शाम को चांद दिखाई देता है उसकी अगली सुबह से रोजे शुरू हो जाते हैं। रमजान के समय में अक्सर रोजा रखने वाले खान-पान को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। रोजे के दौरान कुछ खाया-पिया नहीं जाता है। रोजे सुबह सहरी के साथ रखा जाता है और इफ्तार के साथ खत्म कर दिया जाता है। ऐसी मान्यता है कि पाक रमजान माह ...और अधिक »

रमजान में हो जाते हैं दोजख के दरवाजे बंद - नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद। रमजान में रोजा रखने के लिए लोगों ने शुक्रवार को सारी तैयारियां पूरी कर लीं। मस्जिदों में नमाज तरावीह में कुरआन सुनाने वाले हाफिजों की आमद शुरू हुई। नमाज अदा करने वाले रोजेदारों को दिक्कत न हो, इसके लिए मस्जिदों में खास इंतजाम किए जा रहे हैं। साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। शुक्रवार को चांद का दीदार करने के लिए देर शाम तक मुस्लिम समुदाय की महिलाएं, पुरुष व बच्चे घरों, दुकानों, मस्जिदों की छतों पर रहे, लेकिन चांद नहीं दिखा। अब पहला रोजा रविवार को होगा। सिटी के मौलानाओं का कहना है कि रमजान रविवार से शुरू ...और अधिक »

रमजान के पाक महीने से जुड़ी इन मान्यताओं के बारे में जानते हैं आप... - एनडीटीवी खबर

रहमतो और बरकतों का ये महीना अच्छे कामों का सबब देने वाला होता है. इसी वजह से इस माह को नेकियों का माह भी माना जाता है. इस माह को कुरान शरीफ के नाजिल का महीना भी माना जाता है. Written by: अनिता शर्मा, Updated: 26 मई, 2017 11:44 AM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. रमजान के पाक महीने से जुड़ी इन मान्यताओं के बारे में जानते हैं आप.. टिप्पणियां. रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है. रमजान का चांद दिखने के साथ ही मुकद्दस का रमजान इस शुरू माना जाएगा. इस साल पहला रोजा 27 या 28 मई को होगा. लेकिन भरी गर्मी में रोजा कर पाना किसी इम्तिहान से कम साबित नहीं होगा. इस बार पहला रोजा ही 15 घंटे ...और अधिक »

माह-ए-रमजान: जानें क्या है रमजान का महत्व और रोजे से जुड़े नियम - एनडीटीवी खबर

रमज़ान का मतलब होता है प्रखर. रमज़ान इस्‍लाम कैलेंडर का नौवां महीना होता है. माना जाता है कि सन् 610 में लेयलत उल-कद्र के मौके पर मुहम्‍मद साहब को कुरान शरीफ के बारे में पता चला था. Reported by: अनिता शर्मा, Updated: 20 मई, 2017 6:07 PM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. माह-ए-रमजान: जानें क्या है रमजान का महत्व और रोजे से जुड़े. Ramadan 2017: पाक महीने रमजान की शुरुआत 27 या 28 मई से होगी. टिप्पणियां. साल 2017 में पाक महीने रमजान की शुरुआत 27 या 28 मई से होगी. अगर चांद 26 मई को देखा गया, तो रमजान 27 मई से शुरू माना जाएगा. रमज़ान का मतलब होता है प्रखर. रमज़ान इस्‍लाम कैलेंडर का नौवां महीना ...और अधिक »

नहीं दिखा चांद, अब रविवार से शुरू होगा रमजान का महीना - Firstpost Hindi

रमजान का पवित्र महीना रविवार से शुरू होगा. दरअसल, शनिवार को चांद नहीं दिखा. अगर चांद दिखता तो फिर रमजान शनिवार से ही शुरू होता. दिल्ली के जामा मस्जिद के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक चांद नहीं दिख पाया है इसलिए 'रोजा' कल से शुरू नहीं होगा. वहीं, रोजा रखने वाले लोगों के लिए 'सहरी' (सूर्योदय से पहले का भोजन) कल रात से शुरू होगा. गौरतलब है कि रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है जब मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजन-पानी के बिना रहते हैं और मस्जिदों में सामूहिक नमाज में शामिल होते हैं. यह महीना इस्लाम के सबसे पाक महीनों में शुमार किया जाता है. रमजान ...और अधिक »

माह-ए-रमजान: पहला रोजा रविवार को, जानें किस देश में होगा इस साल का सबसे लंबा रोजा... - एनडीटीवी खबर

रमजान को अरबी भाषा में रमादान कहा जाता है. इस मौके पर दुनियाभर के मुसलमान रोजे रखते हैं. दुनिया भर के मुसलमान पहली बार कुरान के उतरने की याद में रमजान के पूरे माह रोजे रखते हैं. Reported by: अनिता शर्मा, Updated: 27 मई, 2017 8:51 PM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. माह-ए-रमजान: पहला रोजा रविवार को, जानें किस देश में होगा. Ramadan 2017: रमजान के माह की तारीख हर साल अमूमन 11 दिन आगे बढ़ जाती हैं. रमजान का पका माह शुरू हो गया है. मुस्ल‍िम धर्म के कैलेंडर के नौवे माह को रमजान कहा जाता है. मु‍स्लिम धर्म में इसे सबसे पाक माह माना जाता है. रमजान को अरबी भाषा में रमादान कहा जाता है. इस मौके पर ...और अधिक »

शुरू हुआ रहमतों और बरकतों का महीना रमजान, इन खास बातों का रखें ध्‍यान... - आज तक

रमजान शुरू हो गया है, चांद दिखने के बाद से रोजे रखने की परंपरा है. आने वाले एक महीने में मुस्लिम समुदाय रोजे रखकर अल्‍लाह की इबादत करेगा. रमजान के पूरे महीने कुछ खास बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं कौन सी बातों को ध्‍यान में रखकर रोजे रखने चाहिए: 1. इंसान रमजान की हर रात उससे अगले दिन के रोजे की नियत कर सकता है. बेहतर यही है कि रमजान के महीने की पहली रात को ही पूरे महीने के रोजे की नियत कर लें. रमजान मुबारक: साफ दिल से इबादत का महीना शुरू, आसमां से उतरी थी कुरान. 2. अगर कोई रमजान के महीने में जानबूझ कर रमजान के रोजे के अलावा किसी और रोजे की नियत करे तो वो रोजा ...और अधिक »

रोजे क्यों रखते हैं मुसलमान? - Deutsche Welle

इस्लाम में रमजान को आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से शुद्ध होने का महीना माना जाता है. इससे आप संयम और अनुशासन भी सीखते हैं. चलिए जानते हैं रमजान के बारे में कुछ अहम बातें. Palästina Gebet in Al Aqsa Mosche (REUTERS). कब आता है रमजान. इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीने रमजान है जिसे अरबी भाषा में रमादान कहते हैं. यह दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना है. इसे सब्र यानी संयम को मजबूत करने और बुरी आदतों को छोड़ने का जरिया भी माना जाता है. Bangladesch Kind lernt den Koran in Dhaka (picture alliance/dpa/NurPhoto/H. क्यों रखते हैं रोजे. लूनर कैलेंडर के अनुसार नौवें महीने यानी रमजान को 610 ...और अधिक »

मुकद्दस रमजान का पहला रोजा मुकम्मल - Hindustan हिंदी

माह-ए-रमजान का पहला रोजा मुकम्मल हो गया। मोमिनों ने मुकददस महीने का पहला दिन इबादतों में गुजारा। जिले की तमाम मस्जिदों में नमाजियों की तादाद में इजाफा देखा गया। रमजान के चांद का दीदार होते ही इबादत का सिलसिला शुरू हो गया। मुसलमान अपने परवर दिगार के हुक्म के मुताबिक सहरी से लेकर तराबीह तक इबादत में मशगूल दिखे। सभी मस्जिदों में बच्चों से लेकर जवानों और बूढ़ों की भीड़ उमड़ने लगी। घरों में इफ्तार के लिए लोगों ने तरह-तरह के पकवान बनाए। मगरिब की अजान से पहले मस्जिदों में इफतार के लिए रोजादार कतार में बैठ गए। सामने रखे पकवान और रोजादार अल्लाह से दुआ में मसरूफ ...और अधिक »