यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने रद्द किए 6 बिल्डर्स के 17 प्रॉजेक्ट्स, सैकड़ों बायर्स को भी झटका - नवभारत टाइम्स

यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने 6 बिल्डर्स को तगड़ा झटका देते हुए 17 ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स को रद्द कर दिया है। ले-आउट अप्रूवल ना लेने की वजह से हुई इस कार्रवाई से सैकड़ों बायर्स भी फंस गए हैं, जो इन प्रॉजेक्ट्स में निवेश कर चुके हैं। जिन बिल्डर्स के प्रॉजेक्ट रद्द किए गए हैं, उनमें जेपी, गौड़ सन्स प्राइवेट लिमिटेड, वीजीए डिवलेपर्स, अजनारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, अरबेनिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। Yamuna Expressway Industrial Development Authority(Yamuna Expressway) cancels 17 layout plans of 6 builders as they sold it without approval. — ANI UP (@ANINewsUP) April ...

जेपी, गौरसंस सहित 5 बिल्‍डर्स के 12 प्रोजेक्‍ट का बिल्डिंग प्‍लान कैंसल, अथॉरिटी का बड़ा फैसला - मनी भास्कर

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्‍सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जेपी सहित 5 बिल्‍डर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने इन बिल्‍डर्स के 12 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्‍ट्स के बिल्डिंग प्‍लान कैंसल कर दिए हैं। इनमें जेपी ग्रुप के 7 प्रोजेक्‍ट, गौरसंस के 2 व अजनारा, ऑरिस ग्रुप और वीजीए डेवलपर्स के 1-1 प्रोजेक्‍ट शामिल हैं। इतना ही नहीं, अथॉरिटी इससे पहलेे जेपी एसोसिएटस के 5 प्रोजेक्‍ट कैंसल कर चुकी है। अथॉरिटी की इस कार्रवाई से वे होम बायर्स भी प्रभावित होंगे, जिन्‍होंने इन प्रोजेक्‍ट्स में पैसा लगा दिया है। ऑब्‍जेक्‍शन का नहीं दिया जवाब. अथॉरिटी के सीइओ अरुण वीर सिंह ने ...

ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेपी, गौड़ समेत 17 बिल्डरों के प्रोजेक्ट रद्द - Navodaya Times

Navodayatimes नई दिल्ली/टीम डिजिटल। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेपी,गौड़ सन्स, ओरिस इंफ्रा समेत 17 बिल्डर प्रोजेक्ट के बिल्डिंग प्लान रद्द कर दिए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक ये प्रोजेक्ट बिना नक्शे के बनाए जा रहे थे। इन प्रोजेक्ट पर फिर से निर्माण कार्य शुरु करने के लिए बिल्डर्स को प्राधिकरण से नक्शा मंजूर कराना होगा। सावधान! अगर आपके इलाके में भी दी जा रही है सस्ती इंटरनेट सुविधा तो... यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरूणवीर सिंह ने इन बिल्डरों की फाइल जांच कर इनके प्रोजेक्ट प्लान को रद्द करने के ...

घर खरीदारों को झटका, यमुना एक्सप्रेस-वे पर 6 बिल्डरों के 17 प्रोजेक्ट रद्द - India.com हिंदी

नई दिल्ली। घर खरीदारों को तगड़ा झटका लगा है. यमुना अथॉरिटी ने मंगलवार को फैसला किया है कि ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्स्प्रेस वे पर बन रहे प्रोजेक्ट रद्द होंगे. जानकारी के मुताबिक, एक्स्प्रेस वे पर बन रहे 6 बिल्डरों के 17 प्रोजेक्ट को यमुना अथॉरिटी ने रद्द कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बिल्डरों के प्रोजेक्ट रद्द हुए हैं उनमें गौड़ संस, अजनारा, ओरिस इंफ्रा के बिल्डिंग प्लान शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन बिल्डिंग प्लान का नक्शा ही पास नहीं कराया गया था. इन्हें गैरकानूनी रूप से बेचे गया था. Published Date: April 19, 2017 6:42 PM IST. comment ...

यमुना एक्सप्रेसवे पर 6 बिल्डर्स के 17 प्रोजेक्ट्स रद्द, हजारों परिवार प्रभावित - आज तक

यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रि‍यल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने यमुना एक्सप्रेसवे पर बनने वाले 6 बिल्डर के 17 प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है. इनमें गौर सन्स, अजनारा, जेपी ग्रुप और ओरिस इंफ्रा जैसे बिल्डर्स के प्रोजेक्ट शामिल हैं. इससे बड़ी संख्या में निवेशकों में घबराहट और आशंका घर कर गई है. प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर बिना नक्शा मंजूर कराए अवैध तरीके से इन प्रोजेक्ट का निर्माण करा रहे थे. इन प्रोजेक्ट्स को सपा-बसपा के शासन में मंजूरी मिली थी. बिल्डरों को अब नए सिरे से बिल्डिंग प्लान का नक्शा मंजूर करने के लिए आवेदन करना होगा. कुछ बिल्डरों ने तो बिना निर्माण कार्य के ...

बंद होगी प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी - नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा : बिल्डरों और बायर्स को राहत देने के लिए लाई गई प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी को अच्छा रेस्पांस नहीं मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा में इस पॉलिसी के तहत सिर्फ 6 आवेदन आए हैं, जबकि यमुना अथॉरिटी में किसी भी बिल्डर ने आवेदन नहीं किया। अथॉरिटी अफसरों ने शासन को इस तथ्य से अवगत करा दिया है। अब इसकी जगह दूसरी पॉलिसी लाने पर विचार किया जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बिल्डर प्रोजेक्ट्स में पजेशन न मिलने से तीन-चार साल से हंगामा मचा हुआ है। बिल्डरों का तर्क था कि उनके पास फंड की कमी है, इसलिए वे निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। इसे देखते हुए तीनों अथॉरिटी ने मिलकर ...

6 बिल्डर प्लॉट होंगे कैंसल - नवभारत टाइम्स

वस, ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के 6 बिल्डरों के प्लॉट का आवंटन जल्द निरस्त हो सकता है। इसके लिए अथॉरिटी के बिल्डर डिपार्टमेंट ने फाइल तैयार कर सीईओ को भेज दी है। बिल्डर डिपार्टमेंट के अफसरों ने बताया कि बिल्डरों को प्लॉट का आवंटन निरस्त करने से संबंधित नोटिस भेजा जा चुका है। कुछ बिल्डरों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। कुछ बिल्डरों के जवाब से अथॉरिटी संतुष्ट नहीं है। इनमें से किसी भी बिल्डर ने मौके पर काम शुरू नहीं किया है। सीईओ के अप्रूवल के बाद प्लॉट का आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। डाउनलोड करें Hindi News APP और रहें हर खबर से अपडेट। Web Title: 6 builder plot will be canceled.

ग्रेटर नोएडा में 17 प्रोजेक्ट के बिल्डिंग प्लान निरस्त - Samay Live

दस्तावेज पूरे न करने पर यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 17 प्रोजेक्ट के बिल्डिंग प्लॉन निरस्त कर दिए हैं. बिल्डिंग प्लॉन निरस्त होने से हजारों निवेशकों का पैसा फंस सकता है. ज्यादातर बिल्डर्स व डेवलपर्स ने प्राधिकरण से बिना नक्शा पास कराए ही फ्लैटों, दुकानों व भूखंडों की बुकिंग कर दी है. अब प्राधिकरण ऐसे बिल्डर्स के खिलाफ कार्रवाई करने का जा रहा है. बिल्डिंग प्लॉन निरस्त होने वालों में सबसे ज्यादा 11 प्रोजेक्ट जेपी ग्रुप के हैं. सभी 17 डेवलपर्स करीब 400 एकड़ में अपने प्रोजेक्ट बना रहे थे. जांच में पता चला है कि कई बिल्डर्स ने तो अभी तक भूखंड की ...

यमुना में जेपी, गौर समेत 17 बिल्डरों की योजनाएं रद्द - देशबन्धु

ग्रेटर नोएडा ! बसपा व सपा सरकार में मनमानी करने वाले बिल्डरों पर गाज गिरना शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने बड़े स्तर पर बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ... देशबन्धु ब्यूरो. April 19,2017 05:13. Share: यमुना में जेपी, गौर समेत 17 बिल्डरों की योजनाएं रद्द. Follow @deshbandhunews. ग्रेटर नोएडा ! बसपा व सपा सरकार में मनमानी करने वाले बिल्डरों पर गाज गिरना शुरू हो गया है। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने बड़े स्तर पर बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेपी, गौर, अजनारा समेत 17 बिल्डर प्रोजेक्ट के बिल्डिंग प्लान को रद्द कर दिया है। इन बिल्डरों के मौके पर हुआ निर्माण कार्य ...

प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी के लिए बिल्डर नहीं आ रहे आगे - दैनिक जागरण

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा: मुश्किल में फंसे बिल्डरों को उबारने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी लाया था। लेकिन इसके प्रति बिल्डरों ने ही रुचि नहीं दिखाई। इसकी समय सीमा समाप्त होने को है। इसके बाद बिल्डरों के लिए रास्ते बंद हो जाएंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दर्जनों बिल्डरों को ग्रुप हाउ¨सग के लिए भूखंड आवंटित किए थे। बिल्डरों ने प्रोजेक्ट लांच के साथ ही बड़े पैमाने पर फ्लैट की बु¨कग की। निवेशकों से मिली रकम को बिल्डरों ने दूसरी जगह निवेश कर दिया। इसके चलते बिल्डर न तो प्राधिकरण को किस्तों का भुगतान कर पाए और न निर्माण कार्य को आगे ...

योगी सरकार आते ही बदला नोएडा अथॉरिटी के अधिाकरियों का रवैया - ABP News

नई दिल्ली: यूपी में योगी सरकार आते ही नोएडा के अधिकारियों रवैये में भी बदलाव दिख रहा है. माहौल का असर ही है कि सालों से अपने घर के हक के लिए लड़ रहे लोगों की समस्या बिल्डरों के सामने बैठाकर पूछी जा रही है. एबीपी न्यूज़ ने अपनी खास मुहिम 'मेरा घर मेरा हक' के जरिये ऐसे बिल्डरों के खिलाफ मुहिम छेड़ी थी. उस वक़्त कुछ बिल्डर्स ने फ्लैट तो दे दिए लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट्स का हाल अभी भी बुरा है. खरीददारों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द फ्लैट का पजेशन मिले, पानी और बिजली मिले. सोसाइटी तक जाने वाली अप्रोच सड़कें बने और रजिस्ट्री मिले. इस पूरी समस्या पर नोएडा अथॉरिटी के ...

इस विभाग में हो सकता है बड़े घोटाले का खुलासा - Patrika

ग्रेटर नोएडा। योगी सरकार ने भले ही यूपी की डेवलपमेंट अथॉरिटी के खिलाफ नजर टेढी कर ली है, लेकिन पिछली सरकारों पर बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं। बायर्स की मानें तो ग्रेनो अथॉरिटी के अफसरों ने सांठगांठ कर बिल्डर्स को फायदा पहुंचाया है। बायर्स की मांग के बावजूद भी अथॉरिटी ने बिल्डर्स का आॅडिट कराने की जहमत नहीं उठाई। बॉयर्स की मानें तो बिल्डस्र आॅडिट होने पर अथॉरिटी अफसर कटघरे में खड़े हो सकते हैं। यहां तक की बायर्स आॅडिट कराने को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। आॅडिट हुआ तो नप सकते है अथॉरिटी अफसर. योगी सरकार ने अथॉरिटी का आॅडिट ...

यूपी सरकार ने कसा शिकंजा, जेपी-आम्रपाली सहित इन डेवलपर्स पर हो सकता है बड़ा एक्‍शन - मनी भास्कर

नई दिल्‍ली। पैसा लेने के बावजूद लोगों को उनका घर न देने वाले उत्‍तर प्रदेश के रियल एस्‍टेट डेवलपर्स पर शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले एक माह के दौरान डेवलपर्स के खिलाफ अथॉरिटी और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दायरे में अब तक जेपी और आम्रपाली जैसे डेवलपर्स आ चुके हैं और कई बड़े बिल्‍डर्स पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जेपी के खिलाफ पुलिस एफआईआर हो चुकी है तो अथॉरिटी जेपी के पांच प्रोजेक्‍ट कैंसल भी कर चुकी है इसके अलावा आम्रपाली के प्रोजेक्‍ट कैंसल करने का नोटिस जारी किया है। वहीं, अथॉरिटी ने बायर्स और डेवलपर्स के बीच बातचीत का सिलसिला भी शुरू कराया है।