दशहरा पर यूपी के इस गांव में नहीं होता रावण दहन, लोग धूम-धाम से करते हैं दशानन की पूजा - Patrika

वीरेंद्र शर्मा/ ग्रेटर नोएडा. दशहरा पर्व एक तरफ जहां देशभर में पूरे हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वहीं, दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा का एक ऐसा भी गांव है, जहां दशहरा नहीं मनाया जाता है। यहां दशहरा वाले दिन रावण की पूजा की जाती है। साथ ही बिसरख स्थित शिवलिंग पर दूर—दूर से आए भक्त जलाभिषेक करते हैं। दरअसल, मान्यता यह है कि इस शिवलिंग की स्थापना रावण के पिता विश्वरा ऋषि ने की थी। रावण ने भी इसी शिवलिंग की पूजा कर भगवान शिव से बुध्दिमता का वरदान हासिल किया था। दशहरा के अवसर पर रावण के इस मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाता है। भंडारे में आस-पास के गांव के लोग भी ...

कानपुर एक दिन को खुलता है रावण का ये मंदिर, सुबह बर्थडे-शाम को पुतला दहन - अखंड भारत

कानपुर (ब्यूरो)-विजयदशमी के दिन रावण दहन कर भले ही लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाते हों, लेकिन कानपुर में पिछले सौ साल से रावण को लेकर एक अलग ही परंपरा चली आ रही है। यहां के शिवालय इलाके में दशहरे के दिन सुबह रावण का बर्थडे मनाया जाता है। इसके बाद शाम को उसका पुतला दहन कर दशहरा मनाया जाता है। 1868 में रावण के मूर्ति को किया गया था स्थापित. कानपुर के शिवालय के फूल मंडी के बगल में रावण का छोटा सा मंदिर मौजूद है। फूल मंडी के बगल में मौजूद मां दुर्गा मंदिर के प्रांगण के बाहर मंदिर के एक तरफ दीवार में ही एक रैक नुमा छोटे से रूम में रावण के मूर्ति को स्थापित किया गया ...

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा - Pradesh Today

हिंन्दू कैलेंडर के अनुसार दशहरे के पर्व को बहुत ही अहम माना जाता है, इस त्योहार को विजयादशमी भी कहा जाता है. दशहरे का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. दशहरे का त्योहार 10 दिनों तक चलता है और दसवें दिन यानि दशमी वाले दिन यह पर्व समाप्त होता है. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार दशहरा अश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है जो आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर महीने के दौरान आती है. पूरे भारत में दशहरे का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है लेकिन विभिन्न राज्यों में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस पर्व को मनाएं जाने की प्रथा है. लोकप्रिय आस्था के अनुसार, भगवान राम ने 10 ...

यहां दशानन के दर्शन को उमड़ी भक्तों की भीड़, जयकारों के बीच खुलता है मंदिर का कपाट - EenaduIndia Hindi

कानपुर। आज दशहरा पर वैसे तो पूरे देश में रावण का पुतला जलाया जाता है। लेकिन कानपुर में आज दशहरे में सबसे पहले रावण के मंदिर में रावण की पूजा आरती कर दशहरे की शुरुआत की जाती है। यहां मंदिर के कपाट खोल रावट की पूजा की जाती और रावण दहने से पहले कपाट बंद कर दिया जाता है। पूरे देश में विजयदशमी में रावण का प्रतीक रूप में वध कर उसका पुतला जलाया जाता है। लेकिन, उत्तर प्रदेश में कानपुर एक ऐसी जगह है जहा दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं यहां पूजा करने के लिए रावण का मंदिर भी मौजूद है, जो केवल वर्ष में एक दिन के लिए दशहरे के मौके पर खोला जाता है। रावण जलने से पहले ...

दशहरा 2017 : जानिए किस समय करे रावण का दहन - Sanjeevni Today

जयपुर। दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्चिन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयदशमी या दशहरा का पर्व मनाया जाता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को 'विजयादशमी' के नाम से जाना जाता है (दशहरा = दशहोरा = दसवीं तिथि)। दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा। यह भी पढ़े: अनोखा स्कूल: यहां शिक्षक छूते हैं अपने छात्रों के पैर! इस बार ...

Dussehra 2017: कानपुर का ये मंदिर नहीं नकारता ज्ञान, रावण को मानता है भगवान - Oneindia Hindi

कानपुर। अधर्म पर धर्म की और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक रावण का व्यक्तित्व शायद ऐसा ही है कि हम सरेआम रावण को दोषी मानते हैं। साथ ही उसका पुतला तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जलाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रावण का यही व्यक्तित्व उसकी पूजा भी कराता है। पूरे देश में विजयदशमी में रावण के पुतले को जलाया जाता है। वहीं उत्तर प्रदेश में कानपुर एक ऐसी जगह है जहां दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं यहां पूजा करने के लिए रावण का मंदिर भी मौजूद है जो केवल दशहरे के मौके पर खोला जाता है। कानपुर का ये मंदिर रावण को मानता है भगवान. रावण का ये मंदिर उद्दोग ...

दशहरे के दिन यूपी के एकलौते रावण मंदिर में पूजे गए दशानन - अमर उजाला

बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरे के दिन रावण का दहन किया जाता है, लेकिन देश में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां रावण की पूजा होती है। ऐसा ही एक मंदिर है कानपुर में जो साल में एक बार केवल दशहरे के दिन ही खुलता है। AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to Twitter Share to WhatsApp Share to Email Share to Pinterest. LiveConversation. Login to comment. Showing 0 of 0 comments. Also View. मैसूर का शाही दशहरा जिसमें न तो राम होते हैं न ही रावण. मैसूर का शाही दशहरा जिसमें न तो राम होते हैं न ही रावण. मैसूर का दशहरा पूरे भारत में मशहूर है। यहां दशहरा के आयोजन की 500 साल पुरानी परम्परा है। मैसूर के दशहरे में रावण का पुतला ...

दशहरा पर खुलता है ये दशानन मंदिर, रावण की पूजा-अर्जना के बाद मनाया जाता है उसका जन्मदिन - RNews1 Hindi

कानपुर। आज विजयदशमी यानि दशहरा है और देशभर में आज रावण के बड़े-बड़े पुतलों का दहन किया जाएगा। आज देशभर में असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरा मनाया जा रहा है, जिसमें लोग देर शाम को रावण का दहन करेंगे। दशहरा के दिन भले ही लोग रावण के पुतले को बुराई के प्रतीक के रूप में जलाते हैंं, लेकिन एक जगह ऐसी भी है, जहां दशहरा के दिन रावण की पूजा-अर्चना की जाती है। खास बात ये है कि ये पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है और वो भी खुद रावण के ही मंदिर में। जी हां, उत्तर प्रदेश में कानुपर में कानपुर के शिवाला इलाके में स्थित यह मंदिर देश में इकलौता रावण का ...

कानपुर के शिवाले पहुंचा दशानन, प्रजा की समस्याओं का कर रहा निराकरण - Patrika

कानपुर. पूरे देश में दशहरे के पर्व पर शाम को रावण के पुतले को दहन किया जाएगा और लोग असत्य पर सत्य की जीत का जश्न मनएंगे, लेकिन कानपुर के शिवाले में 365 दिन बाद दशानन अपने लाव-लश्कर के साथ मंदिर पर बैठा और अपनी प्रजा की समस्याओं का निराकाण कर रहा है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उसके अनुयायी देर रात से मंदिर के बाहर जमा हो गए और सुबह 9 बजे जैसे रावण के घर का दरवाजा खुला, वैसे भक्तगण जयकारे लगाने लगे। भक्त विधि-विधान से रावण की पूजा अर्चना करने के साथ मन्नत मांग रहे हैं। बता दें यूपी में रावण का इकलौता मंदिर है, जहां उसे पूजा जाता है। मंदिर के पट साल में एक बार आज के ही ...

दशहरा पर्व 2017: भारत में इन मंदिरो में की जाती है रावण की पूजा - Rochakkhabare (कटूपहास) (प्रेस विज्ञप्ति) (पंजीकरण) (ब्लॉग)

ज्योतिष डेस्क। रावण को बुराई का प्रतीक समझकर दशहरे के दिन पूरे देश-भर में उसका पुतला बड़े उत्साह के साथ जलाया जाता है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कुछ ऐसे मंदिर भी हैं जहां पर रावण की पूजा की जाती है। रावण के भक्त रावण को एक महान विद्वान मानकर उनकी पूजा करते हैं। क्या आप जानते हैं इन मंदिरों के बारे में… Related image. राजस्थान. जोधपुर जिले के मन्दोदरी क्षेत्र में रावण एवं मन्दोदरी के विवाह स्थल पर आज भी रावण की चवरी नामक एक छतरी मौजूद है, इसी परिसर में अब रावण का मंदिर बनाया गया है। यहां लोग रावण की पूजा करते है। Related image मध्य प्रदेश. इंदौर का परदेशी पुरा और दमोह ...

दशहरा 2017 : क्या आप जानते हैं विजयादशमी से जुड़े ये 10 तथ्य ? - inKhabar

नई दिल्ली : बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा हर साल पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. दशहरा के दिन ही भगवान राम ने रावण का वध किया था इसलिए इस दिन 'रावण दहन' भी किया जाता है. रावण एक ज्ञानी ब्राह्मण था उस वक्त उसकी तुलना कोई नहीं कर सकता था. लेकिन क्या आपको पता है रावण ने लक्ष्मण को ज्ञान से जुड़ी तीन अहम बातें बताईं थी. आज इस दशहरा के अवसर पर हम आपको रावण से जुड़ी तीन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका पालन आप अपनी जिंदगी में भी कर सकते हैं. आपको बता दें कि रावण ने भगवान शिव की कठिन तपस्या करके रावण को अमर रहने का वरदान मिला था. लेकिन वरदान मिलने के बाद रावण ...

उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां होती है दशानन 'रावण' की पूजा-अर्चना, ये है वजह - Special Coverage News

विजयादशमी विशेष: उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां लोग दशानन रावण की विधिवत पूजा-अर्चना करते है, जानिए क्या है वजह... Vikas Kumar | 30 Sep 2017 12:33 AM | नई दिल्ली. उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां होती है दशानन. Tweet. नई दिल्ली : बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा पूरे देश में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि नवरात्र के दसवें दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था, इसलिए इस विजयदशमी मनाई जाती है। और इसके ठीक 20 दिन बाद भगवान राम अयोध्या लौटे थे तब दीवाली मनाई गई थी। आज के दिन भगवान श्रीराम की पूजा और आराधना हो रही है, वहीं कानपुर में एक ऐसा ...

दशहरा 2017 : इस जगह पूरे ढाई महीने तक मनाया जाता है दशहरा का पर्व - Times Bull

दशहरा 2017 : छत्तीसगढ़ के बस्तर में 75 दिनों तक लगातार दशहरा मनाया जाता है। यहां रथ खींचने की एक प्रथा चलती है। जिसका अधिकार केवल किलोपाल के माडिय़ा लोगों को ही है। रथ खींचने के लिए जाति का कोई बंधन नहीं होता। हर गांव से परिवार के एक सदस्य को रथ खींचना ही पड़ता है। इसकी अवहेलना करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति देखते हुए जुर्माना भी लगता है। दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। हिंदू धर्म का यह पर्व देशभर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इससे पहले नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, जिसके बाद दसवीं को दशहरा या विजयदश्मी के रूप में मनाया जाता है।

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कानपुर: दशहरे के दिन इस मंदिर में होती है रावण की पूजा - डाइनामाइट न्यूज़

आज देशभर में दशहरा का त्योहार काफी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन रावण का दहन किया जाता है, लेकिन कानपुर के एक मंदिर में दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है। रावण का पूजा करते भक्त. कानपुर: आज दशहरा है इस दिन रावण का दहन किया जाता है, लेकिन देश में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां रावण की पूजा की जाती है। ऐसा ही एक मंदिर है कानपुर में जो साल में एक बार केवल दशहरे के दिन ही खुलता है और इस दिन मंदिर में रावण की पूजा की जाती है। सैकड़ों वर्ष पुराना दशानन का इकलौता मन्दिर शिवाला के फूल मंडी में स्थित है जहां रावण की पूजा की जाती है। इस मन्दिर के पट केवल साल में दशहरा के खास ...

कानपुरः 127 साल पुराने दशानन मंदिर के खुले पट, शुरू हुई लंकाधिराज की पूजा-अर्चना - Hindustan हिंदी

1 / 3कानपुर के शिवाला में 127 साल पुराने दशानन मंदिर के पट खुलते ही शुरू लंलेश की पूजा-अर्चना। कानपुर में 127 साल पुराने दशानन मंदिर के पट खुले। 2 / 3कानपुर के शिवाला में स्थित 127 साल पुराने दशानन मंदिर के पट खुलते ही लंकेश की अारती उतारतीं महिलाएं। कानपुर में 127 साल पुराने दशानन मंदिर के पट खुले। 3 / 3कानपुर के शिवाला में स्थित प्राचीन दशानन मंदिर में पट खुलने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे पुजा-अर्चना करने। PreviousNext. विजयादशमी के मौके पर कानपुर में रावण दहन से पूर्व शक्ति के प्रतीक के रूप में शनिवार सुबह से लंकाधिराज रावण की पूजा-अर्चना और आरती हो रही है तथा ...

दशहरा 2017: इन जगहों पर बेहद अलग तरीके से मनाया जाता है दशहरा - अमर उजाला

आज पूरे देश में दशहरा का त्योहार पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व हिन्दू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए विशेष महत्व रखता है। दशहरा असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में देश के कई हिस्सो में दशहरा का त्योहार अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। आइए जानते हैं इन जगहों पर कैसे मनाया जाता है दशहरे का पर्व। पढ़ें- दशहरा 2017: जानिए पांच ऐसे स्थान जहां पर होती है रावण की पूजा. कैसा लगा. AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to Twitter Share to WhatsApp Share to Email Share to Pinterest. Comments. Login to comment. Showing 0 of 0 comments ...

दशहरा 2017: इस बार 47 मिनट का है विजय मु‌हूर्त, इस खास विधि से पूजा करने पर मिलेगी समृद्धि - inKhabar

नई दिल्ली: पूरे देश में दशहरा की धूम मची हुई है. दशहरा या विजयादशमी एक ऐसा दिन जब रावण के पुतले को जलाया जाता है और उसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है. देश को हर कोने में लोग अपने-अपने अंदाज में दशहरा मनाते हैं. ऐसा माना जाता है कि दशहरे के दिन शमी के पेड़ की पूजा और नीलकंठ पक्षी के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. ये त्योहार नवरात्रि के दसवें दिन मनाया जाता है. यह त्योहार श्री राम और रावण की कहानी के लिए को जाना ही जाता है इसके अलावा इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था इसलिये भी इसे विजयदशमी के रुप में मनाया जाता है. Dussehra ...

विजयदशमी 2017: रावण की पूजा के लिए साल में सिर्फ एक बार खुलता है ये मंदिर - Firstpost Hindi

बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा शनिवार को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जहां आज यानी शनिवार के दिन भगवान श्रीराम की पूजा और आराधना हो रही है, वहीं कानपुर में एक ऐसा मंदिर भी जहां सुबह से ही लोग दशानन रावण की पूजा करते हैं. साल में एक बार ही खुलता है रावण का मंदिर. कानपुर के शिवाला इलाके में स्थित दशानन मंदिर में शनिवार सुबह से भक्त रावण की पूजा अर्चना करने के लिए उमड़ रहे हैं. ये मंदिर साल में एक बार विजयादशमी के दिन ही खुलता है और लोग सुबह-सुबह यहां रावण की पूजा करते हैं. शक्ति के रूप में रावण की होती है पूजा. दशानन मंदिर में शक्ति के प्रतीक के रूप ...