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विजयादशमी पर्व : रावण के दस सिर 10 बुराई के प्रतीक हैं - Webdunia Hindi

30 सितंबर को विजयादशमी पर्व है। असत्य पर सत्य की, बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। विजयादशमी के ही दिन मर्यादा पुरुषोत्तम् भगवान राम ने रावण का वध किया था। इसी दिन को स्मरण करने लिए प्रतिवर्ष हम विजयादशमी का उत्सव मनाते हैं जिसमें रावण के पुतले का दहन किया जाता है। रावण के पुतले के दहन के साथ हम यह कल्पना करते हैं कि आज सत्य की असत्य पर जीत हो गई और अच्छाई ने बुराई को समाप्त कर दिया। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा हो पाता है! सनातन धर्म की यह परम्पराएं केवल आंख मूंद कर इनकी पुनुरुक्ति करने के लिए नहीं हैं। बल्कि यह परम्पराएं तो हमें इनके पीछे छिपे गूढ़ उद्देश्यों को स्मरण रखने ...और अधिक »

बार-बार पैदा होने वाली अपनी बुराइयों के खात्मे का पर्व है दशहरा - नवभारत टाइम्स

विनोद कुमार यादव दशहरे का आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में भावार्थ है- व्यक्ति की दस प्रकार की दुष्प्रवृत्तियों- काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी को हरने वाला उत्सव। दरअसल, शारदीय नवरात्रों के समापन पर विजयादशमी का पर्व मनुष्य को उसकी इन दस बुराइयों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। नौ दिन तक व्रत-उपवास, सूक्ष्म व स्थूल कर्मेंद्रियों की शुचिता और आत्म-अनुशासन के माध्यम से विषय-विकारों पर विजय प्राप्ति के उपलक्ष्य में विजयादशमी का आयोजन स्वाभाविक उत्सव बन जाता है। हर साल हम रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन करके अपने भीतर रमण ...और अधिक »

उत्तर प्रदेश का ऐसा मंदिर जहां होती है रावण की पूजा - Firstpost Hindi

आम भारतीयों के मन में वैसे तो रावण एक खलनायक की तरह है, लेकिन उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक मंदिर ऐसा भी है जहां लंकेश की विधिवत पूजा की जाती है. दशहरा पर बुराई के प्रतीक को जलाने की तैयारियों की धूम के बीच यह एक दिलचस्प तथ्य है. बदायूं शहर के साहूकार मुहल्ले में रावण का बहुत प्राचीन मंदिर है. हालांकि दशहरे के दिन इस मंदिर के कपाट नहीं खोले जाते. इस मंदिर की स्थापना पंडित बलदेव प्रसाद ने लगभग 100 साल पहले की थी. बलदेव रावण को प्रकाण्ड विद्वान और अद्वितीय शिवभक्त मानकर उसकी पूजा करते थे. उनकी देखादेखी कई और लोगों ने भी मंदिर आकर पूजा शुरू कर दी. उत्तर भारत का एकमात्र ऐसा ...और अधिक »

Dussehra 2017: क्या आप जानते हैं दशहरे से जुड़ी ये रोचक बातें - Firstpost Hindi

देश भर में 30 सितंबर को दशहरा मनाया जाएगा. इस दिन भगवान राम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य को विजय दिलाई थी. दशहरा को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग रावण दहन करेंगे. माना जाता है कि इस दिन रावण के पुतले को जलाने के साथ ही समाज से बुराइयों का भी सफाया हो जाता है. जानें इस पावन पर्व से जुड़ी कुछ रोचक बातें... An artist dressed as demon King Ravana acts in a religious play during Vijaya Dashmi,. - भारत के अलावा नेपाल और बांग्लादेश में भी दशहरा बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. वहीं मलेशिया में तो इसके लिए ऑफिशियल छुट्टी भी है. - कुल्लू का दशहरा देश भर में ...और अधिक »

विजयदशमी 2017: रावण की पूजा के लिए साल में सिर्फ एक बार खुलता है ये मंदिर - Firstpost Hindi

बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा शनिवार को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. जहां आज यानी शनिवार के दिन भगवान श्रीराम की पूजा और आराधना हो रही है, वहीं कानपुर में एक ऐसा मंदिर भी जहां सुबह से ही लोग दशानन रावण की पूजा करते हैं. साल में एक बार ही खुलता है रावण का मंदिर. कानपुर के शिवाला इलाके में स्थित दशानन मंदिर में शनिवार सुबह से भक्त रावण की पूजा अर्चना करने के लिए उमड़ रहे हैं. ये मंदिर साल में एक बार विजयादशमी के दिन ही खुलता है और लोग सुबह-सुबह यहां रावण की पूजा करते हैं. शक्ति के रूप में रावण की होती है पूजा. दशानन मंदिर में शक्ति के प्रतीक के रूप ...और अधिक »

Happy Dussehra 2017: इन SMS के जरिए अपने प्रियजनों को फेसबुक और व्हॉट्सएप पर भेजें दशहरा की बधाई - NDTV Khabar

देश में मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक त्योहार दशहरा भी है. असत्य पर सत्य की विजय के तौर पर जाना जाने वाला ये त्योहार पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान राम ने बुराई के प्रतीक माने जाने वाले रावण का वध किया था. Written by: Himanshu Kothari, Updated: 30 सितम्बर, 2017 1:35 PM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. Happy Dussehra 2017: इन SMS के जरिए अपने प्रियजनों को फेसबुक और व्हॉट्सएप पर भेजें. दशहरा 2017: दशहरा का त्‍योहार पूरे देश में मनाया जाता है. देश में मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक त्योहार दशहरा भी है. असत्य पर सत्य की विजय के तौर पर जाना ...और अधिक »

विजयदशमी 2017 : बुराई पर अच्छाई का दिन दशहरा पर जानें कब है विजय मुहूर्त और पूजन विधि - दैनिक जागरण

दशहरा पूजन का मुहूर्त एवं तिथि. दशहरा हिंदूओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को विजयदशमी अथवा दशहरे के रुप में देशभर में मनाया जाता है। इस दिन ब्राह्मण सरस्वती पूजन और क्षत्रिय शस्त्र पूजन करते हैं। इस दिन ब्राह्मण शास्त्रों का पूजन करता है। व्यापार से जुड़े लोग अपने प्रतिष्ठान आदि का पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो भी काम किया जाता है उसमें जीवनभर निराशा नहीं मिलती। दशहरा पर विजय मुहूर्त 14:08 से 14:55 बजे तक है। अपराह्न पूजा समय का समय 13:21 से 15:42 तक है। दशमी तिथि 29 सितंबर को 23:49 बजकर आरंभ होगी और 1 अक्‍टूबार को 01:35 मिनट ...और अधिक »

दशहरे से जुड़ा है श्रीराम के नेत्र निकालने का किस्सा - दैनिक भास्कर

दशहरा यानि विजयादशमी का त्योहार जल्द ही आने वाला है। जहां 21 सितंबर यानि गुरुवार से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं वहीं 30 सितंबर को विजयादशमी है। हिंदू धर्म में दशहरे के त्योहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ये त्योहार 9 दिनों तक चलता है और 10वें दिन रावण का पुतला जलाया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है। दशहरा को आखिर बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में क्यों मनाया जाता है ? ऐसी क्या मान्यता है ? इसके पीछे कई कहानियां प्रचलित हैं, लेकिन सभी का सार एक ही है - बुराई पर अच्छाई की जीत। दशहरा को भगवान श्रीराम की विजय के रूप में मनाया जाता ...और अधिक »

Dussehra 2017: नवरात्रि के दसवें दिन की पूजा विधि, एेसे करें दशमी पूजा मिलेगा लाभ - Patrika

दशहरा त्यौहार पूरे देश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है दशहरा देश में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। मुरादाबाद। शनिवार को पूरे देश में दशहरा यानि विजयदशमी का पर्व पूरे हर्षोंल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसके लिए पिछले काफी दिनों से तैयारियां भी चल रही है। वैसे दशहरा त्यौहार पूरे देश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है दशहरा देश में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। जैसे विजय नवमी, माह नवम, दुशहेरा और दशैं और भी बहुत से नाम हैं। इसी दौरान पूरे देश में मेलों का भी आयोजन किया जाता है। जहां पर रावण के बड़े बड़े पुतले जलाए जाते हैं। हिन्दू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक दशहरा के दिन ...और अधिक »

यहां भगवान श्रीराम की नहीं बल्कि महापंडित रावण की होती है पूजा - Patrika

दशहरा पर्व पर छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक जगह ऐसी है जहां पर भगवान राम की नहीं बल्कि रावण की पूजा की जाती है। एसएन शुक्ला भिलाई. दशहरा पर्व पर पूरे छत्तीसगढ़ में रावण का पुतला जलाया जाता है और भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है। हमारे छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक जगह ऐसी है जहां पर भगवान राम की नहीं बल्कि रावण की पूजा की जाती है। यहां रावण की पूजा क्यों की जाती है आइए जानते हैं। इस स्थान का नाम भी रावणा भाठा. दशहरा पर बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर भगवान राम की पूजा की जाती है और अहंकार के प्रतीक रावण का पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन ...और अधिक »