सर्वार्थ और अमृत सिद्धि योग में मनेगा गंगा दशहरा - दैनिक भास्कर

लोगों में नवसंवत्सर से त्योहार को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। तिथियां अक्सर सूर्योदय के समय से बदल रही है। नवरात्रि, रामनवमी के बाद अब गंगा दशहरा को लेकर भ्रम है। गंगा दशहरा 4 जून को सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि योग के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के मुताबिक तीन जून को सुबह 6.52 बजे से दशमी लग जाएगी जो 4 जून को सुबह 8.02 मिनट तक रहेगी। गंगाजी हिमालय से हस्त नक्षत्र, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को अवतरित हुई थी। इस दिन पवित्र तीर्थ पर गंगा में स्नान कर दस प्रकार की वस्तुओं का दान करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य डॉ. एचसी जैन ने बताया कि गंगादशहरा के दिन ब्रह्म मुहूर्त ...

गंगा दशहरा पर विशेष - दैनिक जागरण

भारतीय जनमानस के मन-प्राण में बसी गंगा एक मां की तरह हमारे सभी दुख और कष्ट हर लेती है। यदि हम अपनी गौरवशाली सभ्यता को बचाना चाहते हैं तो हमे गंगा को सुरक्षित करना होगा। गंगा का धार्मिक महत्‍व. हम भारतीयों का नदी प्रेम जगजाहिर है। फिर गंगा तो आस्थावान भारतीय जनमानस के मन-प्राण में बसी है। हम गंगा को मां का दर्जा देते हैं। मान्यता है कि गंगा पतितपावनी है। गंगा के निर्मल जल में स्नान से हमारे सारे पाप धुल जाते हैं। जीवन के अंतिम क्षणों में मुंह में गंगा-जल डाल दिया जाए तो बैकुंठ मिल जाता है। गंगा का जल इतना पवित्र होता है कि महीनों बाद भी उसका प्रयोग किया जा सकता ...

स्‍नान-दान पुण्‍य लाभ : गंगा दशहरा पर हरिद्वार, प्रयाग, वाराणसी में विशेष आयोजन - दैनिक जागरण

गंगा दशहरा के दिन ही स्‍वर्ग से पृथ्‍वी पर मां गंगा का अवतरण हुआ था। भगीरथ कठोर तक कर मां गंगा को पृथ्‍वी पर लाने में सफल हुये। जिससे की उनके पूवर्जों को मुक्ति मिल सके। ज्येष्ठ शुक्ला दशमी को होता है गंगा दशहरा. गंगा दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। ज्येष्ठ शुक्ला दशमी को दशहरा कहते हैं। इसमें स्नान, दान, रूपात्मक व्रत होता है। स्कन्द पुराण में लिखा हुआ है कि ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है। इसमें स्नान और दान तो विशेष रूप से करें। किसी भी नदी पर जाकर अर्ध्य एवम् तिलोदक अवश्य करें। ऐसा करने वाला दस पापों से छूट जाता है। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी को ...