माननीयों पर शिकंजे की तैयारी...सांसदों-विधायकों के खिलाफ मुकदमों की त्वरित सुनवाई के पक्ष में सुप्रीमकोर्ट - ROYAL BULLETIN (प्रेस विज्ञप्ति) (ब्लॉग)

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई की व्यवस्था किये जाने के पक्ष में है। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने भारतीय जनता पार्टी नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर आज सुनवाई के दौरान कहा कि वह ऐसे मामलों की सुनवाई छह माह के भीतर निपटाये जाने के पक्ष में है। श्री उपाध्याय ने माननीयों के हितों के टकराव के मुद्दे पर एक समान नीति बनाने के निर्देश देने की न्यायालय से मांग की है। याचिकाकर्ता ने दागी सांसदों और विधायकों, कार्यपालिका और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के खिलाफ ...

राम रहीम का हवाला दे दोषियों के चुनाव पर आजीवन प्रतिबंध की मांग - दैनिक जागरण

अगर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में सजा पूरी करके गुरुमीत राम रहीम भी चुनाव लड़ने आ सकता है। जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अदालत से दोषी करार सजायाफ्ता लोगों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाये जाने की मांग करते हुए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील ने दुष्कर्म के जुर्म में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अगर रोक नहीं लगी तो आने वाले समय में सजा पूरी करके गुरुमीत राम रहीम भी चुनाव लड़ने आ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा। मौजूदा कानून में सजा पूरी करने के छह साल बाद व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है।

आपराधिक सजा भुगतने वालों को आजीवन चुनाव से रखा जाए दूरः PIL - नवभारत टाइम्स

आपराधिक मामलों में सजा होने के बाद आजीवन चुनाव लड़ने पर बैन लगाए जाने की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी कि बैन आजीवन होना चाहिए नहीं तो राम रहीम जैसे लोग सजा काटने के बाद चुनाव लड़ेंगे। याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने बताया कि सुनवाई के दौरान उनकी ओर से सीनियर वकील दिनेश द्विवेदी ने दलील दी कि अगर दागी पर आजीवन बैन नहीं होगा तो सजा पूरी करने के बाद राम रहीम भी जेल से बाहर आकर चुनाव लड़ सकता है। ऐसे में इस मामले में कदम उठाने की जरूरत है कि ताकि ऐसे लोग राजनीति से बाहर रहें। उन्होंनने साथ ही दलील दी ...

क्या सजा पूरी होने के बाद राम रहीम चुनाव जीतकर मंत्री बन जाएगा? पाबंदी लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलील - NDTV Khabar

अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में मांग की है कि नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ चल रहे मुकदमों की सुनवाई एक साल में पूरा करने के लिये स्पेशल फास्ट कोर्ट बनाया जाये. Reported by: आशीष भार्गव, Updated: 31 अगस्त, 2017 6:15 PM. Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. क्या सजा पूरी होने के बाद राम रहीम चुनाव जीतकर मंत्री बन जाएगा? पाबंदी लगाने. सुप्रीम कोर्ट. नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई के दौरान दलील दी गई है कि राम रहीम सजा काटकर बाहर आने के बाद चुनाव लड़कर मंत्री भी बन सकते हैं. ऐसे में कानूनन उनके जैसे लोगों पर पाबंदी लगनी चाहिए. दरअसल भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ...

अभियुक्त सांसदों और विधायकों पर फास्ट ट्रैक ट्रायल के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट - Oneindia Hindi

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अभियुक्त सांसदों और विधायकों के लिए फास्ट-ट्रैक ट्रायल का समर्थन किया है। कोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त जनप्रतिनिधियों के लिए फास्ट ट्रैक ट्रायल क्यों नहीं बनाया जा सकता है। कोर्ट ने अभियुक्त सांसदों और विधायकों के ऊपर चल रहे मामलों की सुनवाई के लिए 6 महीने की डेडलाइन तय करने की बात कही है। अभियुक्त सांसदों और विधायकों पर फास्ट ट्रैक ट्रायल के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट राजनीति को अपराधमुक्त बनाने के लिए डाली गई याचिका पर सुनवाई कर रहा है। ये याचिका बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। पिछली ...

छह माह में हो दागी MPs व MLAs के आपराधिक मामलों का निपटारा, SC का सुझाव - EenaduIndia Hindi

नई दिल्ली। दागी सांसदों और विधायकों, कार्यपालिका और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के खिलाफ आपराधिक मामलों का निपटारा जल्द करने और एक बार दोषी होने पर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा तेजी से होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि छह महीने में मामले का निपटारा होना चाहिए। पिछले 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने जब निर्वाचन आयोग से कहा था कि दोषी सांसदों और विधायकों के दोषी होने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने पर उन्होंने कोई फैसला नहीं किया है, तो सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन ...

'दागियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगे नहीं तो राम रहीम भी किसी दिन मंत्री बन जाएगा' - inKhabar

नई दिल्ली : आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता होने पर आजीवन चुनाव लड़ने की पाबंदी लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से बड़ी दलील दी गई. याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर दागी लोगों पर आजीवन चुनाव लड़ने की रोक नहीं लगाई जाएगी तो अपनी सजा पूरी करने के बाद राम रहीम भी जेल से बाहर आ कर चुनाव लड़ सकता है. कोर्ट में कहा गया कि अगर राम रहीम चुनाव लड़ता है तो उसके खिलाफ कौन चुनाव लड़ सकता है और अगर वो चुनाव लड़ता है तो चुनाव जीत कर मंत्री भी बन जाएगा. 'लड़कियों से रेप के बाद ऐसे इंजेक्शन देकर विष कन्या बनाता था रेपिस्ट राम रहीम!' याचिकाकर्ता की ...

दागी सांसद और विधायकों पर आजीवन बैन मामले की सुनवाई करता रहेगा SC - अमर उजाला

जघन्य अपराधों के मामले में दोषी पाए गए विधायकों और दोषी सांसदों पर लाइफटाइम बैन लगाने के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई करेगा। कोर्ट ने ये भी कहा कि अच्छा होगा कि अगर दोषी सांसदों और विधायकों के मामलों को 6 महीने के भीतर निपटा लिया जाए। दरअसल अबतक किसी भी मामले में दोषी पाए जाने वाले सांसदों के 6 साल तक चुनाव लड़ने पर बैन लगा हुआ है। लेकिन शीर्ष अदालत में चल रहे मामले के अंतर्गत 2 साल से ज्यादा की सजा पाने वाले सांसदों पर आजीवन बैन लगाने की मांग की गई है। SC to continue hearing on plea seeking lifetime ban on convicted parliamentarians and convicted state MLAs of heinous ...