गरीबों के लिए देश में जगह नहीं : राहुल गांधी - Sabguru News

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि गरीबों के लिए देश में कोई जगह नहीं है और वे उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों से मुलाकात करने के बाद उन्होंने कहा कि आज की तारीख में हमारे देश में गरीबों तथा कमजोर तबके के लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में वे उत्पीड़न के शिकार हैं। राहुल ने ट्विटर पर कहा कि प्रशासन ने मुझे उत्तर प्रदेश की सीमा पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन मैं सहारनपुर के शाहजहांपुर चौकी तक पैदल आया, जहां मैंने पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात ...

शब्बीरपुर में राहुल की 'नो एंट्री' …..सुरक्षा कारणों का हवाला देकर प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को रोका - ROYAL BULLETIN

सहारनपुर। जातीय हिंसा का दंश झेल रहे उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में व्याप्त तनाव के मद्देनजर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आज गांव जाने से रोक दिया। श्री गांधी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार से पूछा, 'मुझे किस कानून के तहत रोका गया। आप मुझे यह बोलो कि हम आपको बार्डर पर रोक रहे हैं। मुझे बताओ कि किस कानून के तहत रोक रहे हो। श्री गांधी के काफिले को यमुना पुल पार करते ही सरसावा क्षेत्र में रोक लिया गया। वह कांग्रेस नेता गुलाम नवी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के साथ दिल्ली से सुबह चलकर ...

कार्यकर्ता फूलमालाएं लिए घंटो खडे़ रहे धूप में - अमर उजाला

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली से सहारनपुर का रास्ता का रास्त वाया पिपली तय किया। इस दौरान रास्ते में कई जगहों पर कांग्रेसी कार्यकर्ता फूल मालाएं लिए खड़े दिखाई दिए, मगर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को माल्यार्पण की उम्मीद घंटों गर्मी में खड़े होने के बाद भी पूरी नहीं हुई। कांग्रेसी कार्यकर्ता हाथ में फूल माला लिए घंटों कड़ी धूप में खड़े रह कर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का इंतजार करते रहे लेकिन राहुल गांधी बिना रुके ही लाडवा से सहारनपुर के लिए निकल गए। राहुल गांधी सहारनपुर में दलित-ठाकुरों के बीच हुए संघर्ष के बाद सहारनपुर के दौरे पर ...

हिंसा प्रभावित सहारनपुर में राहुल गांधी को प्रवेश से रोका - Webdunia Hindi

लखनऊ। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सहारनपुर जातीय हिंसा से प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए अधिकारियों से इजाजत नहीं मिलने के बाद शनिवार को पीड़ितों और उनके परिजनों से जिले की सीमा पर मुलाकात की। राहुल के साथ दौरे पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष ने हिंसा पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए काम करेंगे। ALSO READ: दलित-मुस्लिम गठजोड़ के लिए कराई गई थी सहारनपुर में जातीय हिंसा! ALSO READ: गृह सचिव ने कहा- सहारनपुर हिंसा किसी सुनियोजित षड्यंत्र का नतीजा. ALSO READ: बड़ी साजिश! ये हैं ...

पाकिस्‍तान को फायदा पहुंचा रहे मोदी: राहुल गांधी | RG @MODI - bhopal Samachar

सहारनपुर। सूबे में नई सरकार बनने के बाद सहारनुपर में भड़की जातीय हिंसा के शोले अभी थमे भी नहीं हैं कि इसपर राजनीति शुरू हो चुकी है। शनिवार को हरियाणा के यमुनानगर जिले के रास्‍ते सहारनपुर में घुसने से पहले ही राहुल गांधी को यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद राहुल ने बॉर्डर पर स्‍थित एक ढाबे पर घटना में पीड़ित दलित परिवारों से बातचीत की। पाकिस्‍तान को फायदा पहुंचा रहे मोदी. राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार जम्‍मू कश्‍मीर में हिंसा फैलाने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हमने 10 साल शासन किया और उस दौरान कश्‍मीर में शांति बहाल थी। राहुल ने ...

नन्हे बादल ने राहुल गांधी से बस्ता और अपना मकान मांगा - Hindustan हिंदी

जय हिंद सर, मैं भी एक पीड़ित हूं, मेरा भी घर जला दिया, मेरा बस्ता और किताबें भी जल गई। मुझे, मेरे भाई को और अन्य लोगों को पीटा गया, यह शब्द है नौ साल के मासूम बादल के, जो राहुल गांधी की गोद में आकर उन्हें शब्बीरपुर में हो रही हिंसा की जानकारी दे रहा था। इसकी जानकारी देते-देते उसकी आंखों से आंसू बह निकले। मासूम बादल दर्द देखकर राहुल गांधी ने प्रदेश उपाध्यक्ष और इन पीड़ितों को लेकर आए इमरान मसूद को जिम्मेदारी सौंपी कि वह बादल का मकान बनवाएं और उसे बस्ता दिलवाकर उसकी पढ़ाई की भी व्यवस्था करें। ढाबे पर शब्बीरपुर के दलित परिवार राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे। वहां नौ ...

सहारनपुर में रोके जाने पर राहुल गांधी की यूपी पुलिस से तीखी झड़प - Quint Hindi

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस और जिला प्रशासन की इजाजत न मिलने के बावजूद शनिवार दोपहर यूपी के हिंसा प्रभावित जिले सहारनपुर पहुंचे. प्रशासन के रोकने पर राहुल हिंसाग्रस्त इलाके में नहीं गए और उन्होंने सरसावा गांव में पंचायत कर पीड़ितों से मुलाकात की. राहुल करीब आधा किलोमीटर पैदल चलकर सरसावा गांव तक पहुंचे. उन्होंने वहां प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की. वीडियो एडिटर: पूर्णेन्दु प्रीतम. कमेंट कीजिए. लॉग इन कीजिए. Download TheQuint App. About Us · Advertise With Us · Privacy Policy · Terms & Conditions · Powered by Quintype. 2017 © Copyright TheQuint.

सहारनपुर कैसे बना संहारनपुर? - Hindi Khabar

जब दुनिया को नामुमकिन लगे वही, मौका होता है हुनर दिखाने का। लगता है कि ट्रेजेडी टूरिस्ट राहुल गांधी पर इस संवाद की गहरी छाप पड़ी है। सहारनपुर में हालात ठीक नही हैं और उम्मीद की गई थी कि राहुल ये बात समझेंगे। लेकिन आज की घटना ने राहुल पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी को सच साबित कर दिखाया। आलम यह है कि वो तो धारा 144 के बारे में भी नही जानते, पूछ रहे थे क्यों रोका जा रहा है मुझे? ऐसा लग रहा था कि मायावती के दौरे के वक्त से चिर निद्रा में सो रहे थे। और जब नींद खुली तो सीधा सहारनपुर भागे। दरअसल इन दिनों नेताओं के लिए सहारनपुर मानो मोक्ष का द्वार बन गया है। सहारनपुर पर सियासत ...

राहुल को शहर में घुसने नहीं दिया गया, हिंसा प्रभावित लोगों से सहारनपुर की सीमा पर मुलाकात की - नवभारत टाइम्स

(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) भाषा | Updated: May 27, 2017, 09:25PM IST. लखनउ, 27 मई :भाषा: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सहारनपुर जातीय हिंसा से प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के लिए अधिकारियों से इजाजत नहीं मिलने के बाद आज पीडि़तों और उनके परिजनों से जिले की सीमा पर मुलाकात की। राहुल के साथ दौरे पर मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि पार्टी उपाध्यक्ष ने हिंसा पीडि़तों को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए काम करेंगे। राहुल ने एक ट्वीट में कहा, प्रशासन ने मुझे उप्र की ...

सहारनपुर हिंसा: राहुल का मोदी सरकार पर हमला-'पूरे देश में दलितों को दबाया जा रहा' - News18 इंडिया

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्‍होंने कहा कि पूरे भारत में दलितों को दबाया जा रहा है. राहुल उत्‍तर प्रदेश के हिंसाग्रस्‍त सहारनपुर जिले के शब्‍बीरपुर गांव में जा रहे थे. लेकिन उन्‍हें पुलिस और प्रशासन ने हरियाणा सीमा पर यमुना पुल पर ही रोक लिया. इसके विरोध में राहुल ने करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा की. पदयात्रा के बाद उन्‍होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि आज के हिंदुस्तान में गरीब, कमजोर के लिए जगह नहीं है. दलितों को दबाया जा रहा है. ये पूरे हिंदुस्तान में हो रहा है. केवल यूपी ही नहीं, पूरे हिंदुस्तान में डर फैलाया गया है. उन्होंने कहा ...

राहुल गांधी को सहारनपुर सीमा पर पुलिस ने रोका, हुई बहस - पलपल इंडिया

नई दिल्ली. अनुमति नहीं मिलने और पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार दोपहर को सहारनुपर पुहंचे. इस दौरान उनकी पुलिसवालों से बहस भी हुई. राहुल एक अधिकारी को यहां तक कह दिया कि ऐसा मत बोलना कि तुम मुझे सहारनपुर की सीमा पर रोक सकते थे. राहुल के आने की खबर के चलते सहारनपुर और हरियाणा की सीमा सील कर दी गई थी और भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी. इसके बावजूद राहुल यहां पहुंचे और कुछ देर ढाबे पर बच्चों के साथ बिताने के बाद सहारनपुर पहुंचे. उनके साथ कांग्रेस नेता राज बब्बर भी थे. बता दें कि राहुल को पुलिस ने सहारनपुर आने की ...

9 साल का बच्चा राहुल से बोला, मेरा मकान बनवा दोगे क्या? - नवभारत टाइम्स

राहुल गांधी जब शब्बीरपुर के पीड़ित दलितों से ढाबे पर मिल रहे थे, तब उनके सामने कक्षा 4 में पढ़ने वाला 9 साल का बादल भी आया। उसे देखकर राहुल ने गोद में बिठाया, दुलारा और गांव और घर का हाल जाना। राहुल के लाड़ से बच्चे की आंखें भर आईं और बड़ी ही मायूमियत से वह बोला, 'सर, हमारा घर जल गया, उसको बनवा दोगे? मेरा बस्ता और ड्रेस भी नहीं रही, वह दिला दोगे?' बच्चे को टकटकी लगाए देख रहे राहुल ने फौरन कांग्रेस नेता इमरान मसूद से कहा, 'इस बालक का मकान जरूर बनवा देना।' शाहजहांपुर में ढाबे पर शब्बीरपुर के साथ दलित राहुल गांधी से मिलने पहुंचे थे। दलितों में दल सिंह भी थे। दल सिंह के घर 23 मई को ...

सहारनपुर में सियासी संग्राम ! - आज तक

यूपी के सहारनपुर में जिंदगी पटरी पर लौटना चाहती है. सरकार और प्रशासन हालात काबू करने में जुटे हैं. इस बीच आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी वहां पहुचने के लिए निकले लेकिन उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया गया. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपी के सहारनपुर और हरियाणा के यमुनानगर बॉर्डर पर बने पंजाब ढाबे पर पीड़ित दलितों से मुलाकात की. क्योंकि राहुल गांधी को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव जाने की मंजूरी नहीं दी गई. Comment; Embed; Light Off. Share; Tweet; Google Plus. Advertisement ...

आखिर राहुल माने नहीं, पहुंच ही गए सहारनपुर - अमर उजाला

पिछले एक महीने से सुलग रहे सहारनपुर जाने की इजाजत न मिलने के बावजूद राहुल गांधी सड़क के रास्ते सहारनपुर पहुंचे। हालांकि उन्हें शब्बीरपुर गांव में घुसने नहीं दिया गया। सहारनपुर बॉर्डर पर ही राहुल गांधी ने हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की। वहीं, राहुल गांधी के दौरे की वजह से मेरठ- करनाल, दिल्ली- सहारनपुर और पानीपत- खटीमा हाइवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा रहा। इस बीच अब इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्म हो गई है। सरकार पक्ष के लोगों ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया है। AddThis Sharing Buttons. Share to Facebook Share to Twitter Share to WhatsApp Share to Email Share to Pinterest ...

सहारनपुर बॉर्डर पर पुलिस से बोले राहुल गांधी-ये मत बोलो कि तुम मुझे रोक सकते थे - Jansatta

सहारनपुर में मौजूद अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आदित्य मिश्रा ने कहा था कि राहुल से अनुरोध किया जाएगा कि वह शहर न आएं और अगर उन्होंने जिद की तो उनके खिलाफ धारा 144 के तहत कार्रवाई की जाएगी। Author जनसत्ता ऑनलाइन May 27, 2017 20:11 pm. 1.6K. Shares. Facebook · Twitter · Google Plus · Whatsapp. सहारनपुर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात करते कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी। (Photo-PTI). कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सहारनपुर के हिंसा से प्रभावित लोगों के परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीएल ...

क्या शांत होते सहारनपुर को भड़का रहे हैं नेता? - आज तक

हिंसा से सुलगता सहारनपुर धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है. लेकिन नेताओं के दौरे एक बार फिर चिंगारी को हवा देने जैसे नजर आते हैं. कुछ दिन पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती के दौरे के बाद हिंसा भड़की थी तो आज कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहारनपुर पहुंचे. हालांकि उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया गया लेकिन उन्होंने एक ढाबे में ही दलित परिवार से मुलाकात की. सवाल ये है कि क्या सहारनपुर को इंसाफ के नाम पर इसी तरह सियासी आग में झुलसाया जाता रहेगा. आखिर सहारनपुर को सियासत से कैचे बचाया जाए. हल्ला बोल में देखिए ऐसे ही कई सवालों पर चर्चा. Comment; Embed; Light Off. Share; Tweet; Google Plus.

सहारनपुर: योगी की पुलिस देखती रह गई, पीड़ितों को मिलने राहुल निकल लिए पैदल - Outlook Publishing (पंजीकरण)

“प्रशासन से अनुमति न मिलने के बावजूद शनिवार को राहुल गांधी ने सहारनपुर पहुंचकर हिंसा पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर बताया कि वे पैदल चलकर शहांजहांपुर चौकी पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मिले।” इसे भी पढ़ें. अनुमति नहीं मिलने के बाद भी सहारनपुर पहुंचे राहुल गांधी · बिना अनुमति सहारनपुर रवाना हुए राहुल गांधी · राहुल गांधी को नहीं मिली 'सहारनपुर' जाने की अनुमति. प्रशासन ने शुक्रवार को ही साफ कर दिया था कि राहुल गांधी को हिंसाग्रस्त क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शनिवार सुबह राहुल गांधी सड़क मार्ग से सहारनुर के लिए रवाना हुए।

सहारनपुर में बोले राहुल गांधी, 'देश में दलितों को दबाया जा रहा है' - Khabar IndiaTV

उत्तर प्रदेश में हिंसाग्रस्त सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव में पीड़ितों से मिलने जाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पुलिस और प्रशासन ने हरियाणा बोर्डर पर यमुना पुल पर ही रोक लिया। IANS [Updated:27 May 2017, 8:24 PM]. सहारनपुर में बोले राहुल गांधी, 'देश में दलितों को दबाया जा रहा है'. ×. लखनऊ/सहारनपुर: उत्तर प्रदेश में हिंसाग्रस्त सहारनपुर जिले के शब्बीरपुर गांव में पीड़ितों से मिलने जाने की कोशिश कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पुलिस और प्रशासन ने हरियाणा बोर्डर पर यमुना पुल पर ही रोक लिया। इस दौरान राहुल ने कहा कि दलितों को पूरे हिंदुस्तान ...

राहुल से मिलने पहुंचे कार्यकर्ताओं को सुरक्षाकर्मियों ने दिए धक्के - पंजाब केसरी

कुरुक्षेत्र (आयुष गुप्ता): एक समय था जब नेता जनता के बीच जाकर घंटो बैठा करते थे और कार्यकर्ताओं के साथ सुख-दु:ख की बाते सांझा करते थे। पार्टी के कार्यकर्ता को रीढ़ मानकर हर नेता अपने कार्यकर्ता का आदर करता था और हर कार्यकर्ता को नेता से मिलने के लिए समय दिया जाता था, परंतु जैसे-जैसे देश आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, राजनीति में आने वाले नेताओं का रवैया भी बदलने लगा है। अब कार्यकर्ता के लिए नेता जी से मिलना आसान नहीं रहा, जनता को नेता जी से मिलाना तो दूर बल्कि सुरक्षाकर्मियों उन्हें धक्के देकर दूर करने लगे है। ताजा मामला लाडवा का है, जहां पर आज पार्टी कार्यकर्ता ...