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बहुत खतरनाक हैं बर्फ और बर्फ के ये प्रॉडक्ट्स - नवभारत टाइम्स;

बहुत खतरनाक हैं बर्फ और बर्फ के ये प्रॉडक्ट्स - नवभारत टाइम्स

नवभारत टाइम्सबहुत खतरनाक हैं बर्फ और बर्फ के ये प्रॉडक्ट्सनवभारत टाइम्सगर्मी से बचने के लिए अगर आप भी सड़क किनारे लगे ठेले या दुकानों से बर्फ के गोले, जूस, बर्फ का पानी आदि की ओर रुख करते हैं तो संभाल जाएं। हाल ही में बीएमसी स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी के दिनों में तेजी से बिकने वाले बर्फ के उत्पादों की गुणवत्ता जानने के लिए जूस की दुकान, रेस्तरां, गोले की दुकान आदि जगहों से बर्फ के सैम्पल लिए थे। जांच में 70 प्रतिशत सैंपल ई-कोलाय बैक्टीरिया से युक्त पाए गए। ये बैक्टीरिया पेट संबंधी कई बीमारियों के लिए जिम्मेदार हैं। लोगों को इन बीमारियों से दूर रखने के लिए बीएमसी ने ऐसे बर्फ के उत्पादों से दूर रहने की सलाह दी है। हर साल गर्मी आते ही मुंबई ...और अधिक »

एसटीएस व‌र्ल्ड स्कूल में मलेरिया की जानकारी दी - दैनिक जागरण;

एसटीएस व‌र्ल्ड स्कूल में मलेरिया की जानकारी दी - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणएसटीएस व‌र्ल्ड स्कूल में मलेरिया की जानकारी दीदैनिक जागरणएसटीएस व‌र्ल्ड स्कूल में मलेरिया की रोकथाम संबंधी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। सुबह की प्रार्थना सभा में स्कूल के को-आर्डिनेटर योगिता खुल्लर ने विद्यार्थियों को व‌र्ल्ड मलेरिया-डे के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को विश्व सेहत संगठन द्वारा पूरे संसार में मलेरिया जैसी बीमारी को खत्म करने का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी छात्रों को अपने आसपास की सफाई रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए हमें अपने घर के साथ-साथ अपने गली मोहल्ले की भी साफ सफाई रखनी जरूरी है । मलेरिया के कारणों और ...और अधिक »

बीएसएफ जवानों को मलेरिया के खात्मे संबंधी किया जागरुक - दैनिक जागरण;

बीएसएफ जवानों को मलेरिया के खात्मे संबंधी किया जागरुक - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणबीएसएफ जवानों को मलेरिया के खात्मे संबंधी किया जागरुकदैनिक जागरणशहीद सुख¨वदर ¨सह सैनी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर कलानौर में सीनियर मेडिकल अधिकारी डॉ.किशन चंद के नेतृत्व में सेहत कर्मियों की ओर से बुधवार को बीएसएफ जवानों को मलेरिया के खात्मे संबंधी जागरुक किया गया। इस मौके पर एसएमओ डा. किशन चंद और हेल्थ इंस्पेक्टर दिलबाग ¨सह ने बताया कि भारत में मच्छर की 200 किस्में हैं, जिनमें से चार मच्छर की जाति मानव सेहत के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया मच्छर साफ खड़े पानी में फैलता है। डा. किशन चंद ने कहा कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मलेरिया के खात्मे के लिए ठोस प्रंबंध किए गए है। इस मौके पर बीएसएफ जवानों को मलेरिया की ...मलेरिया और डेंगू मच्छर के खात्मे के लिए छप्पड़ों में छोड़ी जाएंगी मछलियांं : डीसीदैनिक भास्करसभी २ समाचार लेख »

इंजेक्शन से मोटे हो रहे हैं मुर्गे, सेहत बिगाड़ सकता है टेस्टी चिकन - Patrika;

इंजेक्शन से मोटे हो रहे हैं मुर्गे, सेहत बिगाड़ सकता है टेस्टी चिकन - Patrika

Patrikaइंजेक्शन से मोटे हो रहे हैं मुर्गे, सेहत बिगाड़ सकता है टेस्टी चिकनPatrikaहोशंगाबाद. चिकन खाने का शौक रखने वाले और सेहत बनाने के लिए चिकन खाने वाले यदि आप होटल में चिकन खा रहे हैं और आपकी प्लेट में आना वाला चिकन मोटा है तो समझ जाएं कि आपकी प्लेट में आना वाला मुर्गे का चिकन किसी मोटे मुर्गे का नहीं वह इंजेक्शन से किया गया मोटे मुर्गे का है। क्योंकि पीजीआई के मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट की कुछ शहरों में कई पोल्ट्री फाम्र्स की चेकिंग के दौरान यह खुलासा हुआ है। टीम ने इसकी रिपोर्ट हेल्थ डिपार्टमेंट को सौंपी गई है। पोल्टी फाम्र्स संचालकों द्वारा मुर्गो को खिलाए जाने वाले आहार, मुर्गो की इंटेस्टाइन में इंफेक्शन से लेकर ...अगर आप भी चिकन खाने के शौंकीन हैं तो हो जाएं सावधानपंजाब केसरी25 लाख परिवारों के जीविका पर संकट, चिकन की बिक्री पर रोक से मुर्गीपालक परेशानGAON CONNECTIONसभी ४ समाचार लेख »

लेडी डॉक्टर ने प्रसूता को अस्पताल में नहीं किया भर्ती, पेड़ के नीचे जन्में जुड़वां बच्चों की मौत - Patrika;

लेडी डॉक्टर ने प्रसूता को अस्पताल में नहीं किया भर्ती, पेड़ के नीचे जन्में जुड़वां बच्चों की मौत - Patrika

Patrikaलेडी डॉक्टर ने प्रसूता को अस्पताल में नहीं किया भर्ती, पेड़ के नीचे जन्में जुड़वां बच्चों की मौतPatrikaमुरार अस्पताल में डॉक्टर व नर्स की लापरवाही का मामला सामने आया है। मुरार अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को एक प्रेग्नेंट महिला को लेडी डॉक्टर ने भर्ती करने से मना कर दिया। ग्वालियर। मुरार अस्पताल में डॉक्टर व नर्स की लापरवाही का मामला सामने आया है। मुरार अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को एक प्रेग्नेंट महिला को लेडी डॉक्टर ने भर्ती करने से मना कर दिया। उस महिला के परिजनों ने डॉक्टर से कई बार कहा,लेकिन वह नहीं मानी। अंत में रात को हॉस्पिटल परिसर में लगे पीपल के पेड़ के नीचे ही महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दे दिया। पेड़ के नीचे जन्म लेते ...पेड़ के नीचे जन्मे जुड़वां बच्चों की मौत, लेडी डॉक्टर ने नहीं किया था हॉस्पिटल में भर्तीदैनिक भास्करसभी २ समाचार लेख »

डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए बनेगी टास्क फोर्स - Navodaya Times;

डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए बनेगी टास्क फोर्स - Navodaya Times

Navodaya Timesडेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए बनेगी टास्क फोर्सNavodaya TimesNavodayatimes नई दिल्ली/ब्यूरो। डेंगू-चिकनगुनिया के इस साल अब तक 30 और 80 मामले दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में अब नगर निगमों ने एहतियात बरतते हुए कई तैयारियां की हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने फैसला किया है कि मच्छरों से होने वाली बीमारियों को नियंत्रीत करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जिसमें निगम के कई कर्मचारी कई कॉलोनियों में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा निगमों की तरफ से लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों के बारे में रोकथाम करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जागरूकता के लिए कार्याशाला का आयोजन किया जाएगा। LIVE एमसीडी चुनाव ...निगम आयुक्त की सलाह- एनसीडीसी द्वारा डिजाइन किए गए कूलर ही खरीदेंदैनिक भास्करमच्छरजनित बीमारियों के नियंत्रण को लोग रहें जागरूक: डॉ. पुनीत गोयलदैनिक जागरणसभी ३ समाचार लेख »

भारत से 2030 तक खत्म हो सकता है मलेरिया - Zee News हिन्दी;

भारत से 2030 तक खत्म हो सकता है मलेरिया - Zee News हिन्दी

Zee News हिन्दीभारत से 2030 तक खत्म हो सकता है मलेरियाZee News हिन्दीविश्व मलेरिया दिवस के मौके पर 19 देशों के एक क्षेत्रीय समूह ने कहा है कि भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से 2030 तक मलेरिया का खात्मा किया जा सकता है. (फाइल फोटो). लंदन: विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर 19 देशों के एक क्षेत्रीय समूह ने कहा है कि भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र से 2030 तक मलेरिया का खात्मा किया जा सकता है. 'एशिया पैसेफिक लीडर्स मलेरिया अलायंस' (अपलमा) ने कहा कि 2015 में भारत में मलेरिया के करीब 1.3 करोड़ मामले सामने आए और इससे 24,000 से अधिक मौतें भी दर्ज की गईं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की मलेरिया रिपोर्ट-2016 के अनुसार मलेरिया भारत में महामारी की स्थिति ...2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लिए विशेष कार्ययोजना तैयारदैनिक भास्करविश्व मलेरिया दिवस-2030 तक मलेरिया उन्मूलन योजनानवसंचार समाचार .कॉमसभी ४ समाचार लेख »

गर्मियों में शरीर के लिए फायदेमंद है तरबूज लेकिन इसके नुकसान भी हैं… - PuriDunia.Com | Hindi News & Features;

गर्मियों में शरीर के लिए फायदेमंद है तरबूज लेकिन इसके नुकसान भी हैं… - PuriDunia.Com | Hindi News & Features

PuriDunia.Com | Hindi News & Featuresगर्मियों में शरीर के लिए फायदेमंद है तरबूज लेकिन इसके नुकसान भी हैं…PuriDunia.Com | Hindi News & Featuresतरबूज खाने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है और ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है। इसीलिए तरबूज को गर्मियों का फल भी कहते हैं। जैसे हर चीज का अधिक सेवन हानिकारक होता है उसी तरह तरबूज का अधिक सेवन भी आपको बीमार बना सकता है। तरबूज का जरूरत से ज्यादा खाने में इस्तेमाल करने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है और कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी दूर करता है तरबूज लेकिन ज्यादा खाने से ये होते हैं नुकसान. तरबूज में पोटेशियम होता है और इसे ज्यादा खाने से दिल की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रेग्नेंसी में जरूरत से ज्यादा तरबूज खाने से ...गर्मियों में तरबूज खाने के होते हैं ये कमाल के फायदेYouthens Newsसभी २ समाचार लेख »

विश्व मलेरिया दिवसः अब पौधों से निकलेगी मच्छरों को मारने की दवा - दैनिक जागरण;

विश्व मलेरिया दिवसः अब पौधों से निकलेगी मच्छरों को मारने की दवा - दैनिक जागरण

दैनिक जागरणविश्व मलेरिया दिवसः अब पौधों से निकलेगी मच्छरों को मारने की दवादैनिक जागरणनीम, सिट्रोनेला आदि से ऐसी दवाएं विकसित करने की कोशिश की जा रही है, जिससे मच्छरों को मारा जा सके। यह देखा गया है कि इसकी खुशबू से मच्छर भाग जाते हैं। नई दिल्ली (जेएनएन)। बाजार में मौजूद लिक्विड व क्वायल मच्छरों पर बेअसर हो रहे हैं। विभिन्न शोधों में यह साबित हो चुका है कि मच्छरों में प्रतिरोधकता उत्पन्न हो जाने के चलते वर्तमान समय में उपलब्ध लिक्विड व क्वायल से मच्छर नहीं मर पाते। ऐसे में मच्छरों से होने वाली बीमारी मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि की रोकथाम चुनौती बनी हुई है। इसके मद्देनजर द्वारका स्थिति राष्ट्रीय मलेरिया शोध संस्थान मच्छर मारने की नई दवा ...खड़े पानी में ही पनपता है डेंगू का लारवादैनिक भास्करबुखार के प्रत्येक मरीज की मलेरिया जांच करेगा विभागदैनिक भास्करविश्व मलेरिया दिवस 2017: मलेरिया में हर बार ठंड लगना जरूरी नहीं, जानें क्यों!Patrikaप्रभात खबर -खास खबरसभी ७५ समाचार लेख »

जेनेरिक दवाइयों को बढ़ावा देगी एम्स आरडीए - दैनिक भास्कर;

जेनेरिक दवाइयों को बढ़ावा देगी एम्स आरडीए - दैनिक भास्कर

अमर उजालाजेनेरिक दवाइयों को बढ़ावा देगी एम्स आरडीएदैनिक भास्करनई दिल्ली | एम्सके रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने जेनेरिक मेडिसिन को सपोर्ट करने का फैसला किया है। इस बाबत आरडीए के पदाधिकारियों ने एम्स में खोली गई जेनेरिक मेडिसिन स्टोर के इंचार्ज के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्टोर इंचार्ज से अपील की कि स्टोर में दवाइयों की मात्रा बढ़ाई जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.विजय गुर्जर ने कहाकि डॉक्टरों ने 53 आवश्यक दवाओं के लिए एम्स प्रशासन को पत्र भी लिखा है, इसके बावजूद मेडिसिन स्टोर में नहीं हैं। इन्हें जल्द से जल्द स्टोर में शामिल किया जाए। सभी डिपार्टमेंट से आवश्यक दवाइयों की सूची भी तैयार की जाएगी। Hindi News से जुड़े अन्य ...तमाम कोशिशों के बावजूद मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं जेनेरिक दवाएंअमर उजालाइरादा नेक, दवा आपूर्ति भी सुनिश्चित हो(डॉ.संजीव गुप्ता)Patrikaएम्स के मेडिकल स्टोर में केवल 230 जेनेरिक दवा उपलब्धHindustan हिंदीदैनिक जागरण -आईचौक -ABP News -GAON CONNECTIONसभी ५५ समाचार लेख »

बच्चों को मोटापे से बचाता है समय पर सोना - Patrika;

बच्चों को मोटापे से बचाता है समय पर सोना - Patrika

Patrikaबच्चों को मोटापे से बचाता है समय पर सोनाPatrikaन्यूयॉर्क। छोटी उम्र से ही नियमित दिनचर्या का पालन करने के बहुत से फायदे हैं। एक नए शोध में सामने आया है कि नियमित रूप से समय पर सोने, खाना समय पर खाने और एक निश्चित समय पर मनोरंजन हो जाने से प्री-स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। उनमें मोटापे की संभावना भी कम रहती है। अमेरिका के ओहियो स्टेट विश्वविद्यालय की प्रमुख लेखक सारा एंडरसन ने कहा, इस शोध से ज्यादा साक्ष्य मिलते हैं कि प्री-स्कूली आयु वाले बच्चों में दिनचर्या उनके बेहतर स्वास्थ्य विकास से जुड़ी होती है। यह इन बच्चों के मोटापाग्रस्त होने की संभावना को भी कम करती है। शोधकर्ताओं ने तीन साल की ...ये छोटा सा उपाय बचा सकता है बच्चों को मोटापे से!ABP Newsसभी ३ समाचार लेख »

वर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया जीसीपीएल ने - नवभारत टाइम्स;

वर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया जीसीपीएल ने - नवभारत टाइम्स

Jansattaवर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का संकल्प लिया जीसीपीएल नेनवभारत टाइम्स(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे नवभारतटाइम्स.कॉम की टीम ने एडिट नहीं किया है।) | Updated: Apr 25, 2017, 03:00PM IST. भोपाल, 25 अप्रैल :भाषा: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आज गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड :जीसीपीएल: ने वर्ष 2030 तक भारत को मलेरिया मुक्त बनाने के अपने संकल्प की घोषणा की है। जीसीपीएल के प्रबंध निदेशक विवेक गंभीर ने यहां संवाददाताओं को बताया, जीसीपीएल वर्ष 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाएगी। हमारी कंपनी ने इसका संकल्प लिया है। कंपनी अपने कारोबार के साथ-साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी निभायेगी। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2016 में ...वर्ल्ड मलेरिया डे: इस बीमारी से छुटकारा पाने से भारत कितना दूर?Quint Hindiसभी २ समाचार लेख »

गोवा में 'मंकी फीवर' का कहर, एक महिला की मौत - एनडीटीवी खबर;

गोवा में 'मंकी फीवर' का कहर, एक महिला की मौत - एनडीटीवी खबर

एनडीटीवी खबरगोवा में 'मंकी फीवर' का कहर, एक महिला की मौतएनडीटीवी खबरपणजी: गोवा में सत्तारी तालुका के एक सुदूरवर्ती क्षेत्र में 'मंकी फीवर' के चलते 45 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई. स्वास्थ्य सेवा निदेशालय से संबद्ध एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में उपचार करा रही गुलाबी गावस की कल मौत हो गई.'' अधिकारी ने बताया कि बेहद तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी, दस्त के चलते महिला को जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच में महिला को 'मंकी फीवर' की पुष्टि हुई थी. राज्य के उत्तरी क्षेत्र में यह बीमारी प्रचलित है. महिला की मौत ''श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी'' के कारण हुई. इस बीमारी की वजह से ...गोवा : 'मंकी फीवर' की चपेट में आने से महिला की मौतinKhabarसभी २ समाचार लेख »

Video : ब्रैस्ट कैंसर के Ad में ब्रैस्ट दिखाने का निकाला अनोखा तरीका, जो नहीं होगा Ban - News Track;

Video : ब्रैस्ट कैंसर के Ad में ब्रैस्ट दिखाने का निकाला अनोखा तरीका, जो नहीं होगा Ban - News Track

News TrackVideo : ब्रैस्ट कैंसर के Ad में ब्रैस्ट दिखाने का निकाला अनोखा तरीका, जो नहीं होगा BanNews Trackब्रैस्ट का नाम सुनते ही लोग अचानक से अपने दिमाग में एक अलग ही छवि बनाने लगते हैं। इसे लोग शरीर का हिस्सा ना समझ कर ये बता देते है कि उनकी सोच कहाँ तक जा सकती है। ब्रैस्ट को हमेशा से ही एक सेक्सुअल पार्ट माना गया है। जिसके लिए हर किसी की सोच एक जैसी ही होती है। कई बार सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें भी शेयर होती हैं जिसमे माँ अपने बच्चे को दूध पिलाती हुई दिखाई देती हैं। लेकिन ऐसे पोस्ट को अक्सर सोशल मीडिया अश्लील बता आकर बैन कर देता है। और इसके कंटेंट को एडल्ट कंटेंट में जोड़ दिया जाता है। खासकर बात करें फेसबुक की, तो इस पर हमेशा ही ब्रैस्ट फीडिंग को लेकर बहस चलती ही रहती ...ऐसा क्या था इस Ad में कि Breast दिखाने पर भी Ban नहीं किया गया इसेAzab Gazabसभी २ समाचार लेख »

भारत इलाज कराने आई दुनिया की सबसे वजनी महिला की बहन ने भारतीय डॉक्टरों पर लगाए सनसनीखेज आरोप! - Patrika;

भारत इलाज कराने आई दुनिया की सबसे वजनी महिला की बहन ने भारतीय डॉक्टरों पर लगाए सनसनीखेज आरोप! - Patrika

Patrikaभारत इलाज कराने आई दुनिया की सबसे वजनी महिला की बहन ने भारतीय डॉक्टरों पर लगाए सनसनीखेज आरोप!Patrikaवजन कम करने और अपने मोटापे का इलाज़ कराने भारत आई इजिप्ट की निवासी दुनिया की सबसे वजनी महिला ईमान अहमद का वजन कम करने में मुंबई के सैफी अस्पताल के डॉक्टर्स को लेकर इमान की बहन ने बयान देकर हर किसी को हैरानी में डाल दिया है... मुंबई: वजन कम करने और अपने मोटापे का इलाज़ कराने भारत आई इजिप्ट की निवासी दुनिया की सबसे वजनी महिला ईमान अहमद का वजन कम करने में मुंबई के सैफी अस्पताल के डॉक्टर्स को लेकर इमान की बहन ने बयान देकर हर किसी को हैरानी में डाल दिया है। इमान की बहन ने डॉक्टर पर आरोप लगाए हैं कि वो झूठ बोल रहे हैं। शाइमा ने डॉ. लकड़ावाला को झूठा बताते हुए कहा कि ...नहीं घटा सबसे मोटी महिला का वजन, डॉक्टर पर लगाए आरोपआज तकडॉक्टर्स बेवकूफ बना रहे हैं: इलाज करा रहीं 500 kg की इमान की बहन ने कहादैनिक भास्करइमान के स्वास्थ्य में सुधार से बहन का इंकार, कहा- हमें मूर्ख बना रहे डॉक्टरदैनिक जागरणJansatta -पंजाब केसरी -News Track -inKhabarसभी २४ समाचार लेख »

मलेरिया की 1st वैक्सीन तैयार: अफ्रीका में होगी लॉन्च, वहां 68% बच्चे इससे मरते हैं - दैनिक भास्कर;

मलेरिया की 1st वैक्सीन तैयार: अफ्रीका में होगी लॉन्च, वहां 68% बच्चे इससे मरते हैं - दैनिक भास्कर

दैनिक भास्करमलेरिया की 1st वैक्सीन तैयार: अफ्रीका में होगी लॉन्च, वहां 68% बच्चे इससे मरते हैंदैनिक भास्करइस वैक्सीन को 3 अफ्रीकी देशों घाना, केन्या और मलावी में 2018 में लॉन्च किया जाएगा। (फाइल). नई दिल्ली/लंदन. दुनिया में पहली बार मलेरिया की रोकथाम के लिए वैक्सीन बना ली गई है। आरटीएस, एस या मॉस्क्विरिक्स (RTS, S or Mosquirix) वैक्सीन को इंजेक्ट किया जा सकेगा। इसे 3 अफ्रीकी देशों घाना, केन्या और मलावी में 2018 में लॉन्च किया जाएगा क्योंकि वहां 68% बच्चों की मौत मलेरिया से होती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने 'वर्ल्ड मलेरिया डे' के ठीक एक दिन पहले ये जानकारी दी। 2015 में वर्ल्ड में 4 लाख मौतें हुई थीं... - न्यूज एजेंसी के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि इन 3 ...तीन अफ्रीकी देशों से की जाएगी मलेरिया के टीकाकरण की शुरुआतदैनिक जागरणदुनिया का पहला मलेरिया टीका मिलेगा 3 अफ्रीकी देशों कोABP Newsमलेरिया का वैक्सीन! अगले साल से 3 देशों मेंPatrikaBBC हिंदी' -India.com हिंदीसभी ६ समाचार लेख »

निमोनिया वैक्सीन लॉन्चिंग पर अाज से होगा मंथन - दैनिक भास्कर;

निमोनिया वैक्सीन लॉन्चिंग पर अाज से होगा मंथन - दैनिक भास्कर

Patrikaनिमोनिया वैक्सीन लॉन्चिंग पर अाज से होगा मंथनदैनिक भास्करनवजातशिशुओं में होने वाली जानलेवा बीमारी निमोनिया के बचाव को लेकर प्रदेश में नई वैक्सीन लॉन्च होगी। इसे लेकर आज स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए आज से दो दिवसीय वर्कशॉप आयोजित होगी। इसमें सभी एमओएच स्वास्थ्य अधिकारियों को इस वैक्सीन के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं स्वास्थ्य अधिकारी जिला लेवल पर आशा वर्करों को इसके बारे में जानकारी देंगे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत यह वैक्सीन लॉन्च होगी। मई माह में यह वैक्सीन लॉन्च होगी। सभी अस्पतालों में शिशुओं को यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जाएगी। इससे शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी, निमोनिया के लिए बनाई गई ...पत्रिका विशेषः योगी जी सावधान! यूपी में कुपोषण से रोज मर रहे 650 बच्चेPatrikaमरीजों को राहत, अब इस जानलेवा बीमारी का अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त टीकापंजाब केसरीबच्चों के लिए सेहत का बीमा है टीकाकरणअमर उजालाNews Stateसभी ९ समाचार लेख »

अध्ययन में पाया कि स्ट्रेस बोलते ही शरीर में एपीनेफ्रिन और कोर्टिसोल केमिकल का लेवल बढ़ जाता है - दैनिक भास्कर;

अध्ययन में पाया कि स्ट्रेस बोलते ही शरीर में एपीनेफ्रिन और कोर्टिसोल केमिकल का लेवल बढ़ जाता है - दैनिक भास्कर

अमर उजालाअध्ययन में पाया कि स्ट्रेस बोलते ही शरीर में एपीनेफ्रिन और कोर्टिसोल केमिकल का लेवल बढ़ जाता हैदैनिक भास्करएक रिसर्च के मुताबिक भारत में करीब 46% कर्मचारी ऑफिस में स्ट्रेस्ड होकर काम करते हैं। वहीं, डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा सुसाइड स्ट्रेस के चलते होते हैं। हर 40 सेकंड में दुनिया में एक व्यक्ति सुसाइड करता है। भारत में हर साल करीब एक लाख व्यक्ति सुसाइड करते हैं। दुनिया में पिछले पांच सालों में युवाओं में 2 से 12% तक स्ट्रेस बढ़ा है। जबकि 77% लोग रोमांटिक रिलेशनशिप को लेकर स्ट्रेस में रहते हैं। ब्रिटिश वैज्ञानिकों का दावा; तनाव से बचना है तो तनाव शब्द बोलने से भी बचें, क्योंकि इसे बोलते ही होता है केमिकल लोचा, बिगड़ती है सेहत ब्रिटिश ...तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो जुबान पर भी ना लाएं इसका नामअमर उजालास्ट्रेस के बारे में बात करोगे तो ये हो जाएगी गड़बड़, जानिए क्यों!Nai Duniaसभी ३ समाचार लेख »

गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने फोन पर भेजेंगे मैसेज और जिंगल्स - दैनिक भास्कर

गर्भवती महिलाओं को जागरूक करने फोन पर भेजेंगे मैसेज और जिंगल्सदैनिक भास्करजागरुकताजानकारी के अभाव में गर्भवती महिलाओं को रही दिक्कत को दूर करने के लिए अब सरकार उन्हें ऑडियो मैसेज जिंगल्स के जरिये जागरूक करने की योजना बना रही है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में केवल 19.5 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं को ही पूरी जांच देखभाल मिल पाती है। शहरी इलाके में भी केवल 21.4 प्रतिशत महिलाएं ही जागरूक हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में यह दर केवल 18.3 प्रतिशत है। ऐसे में सरकार अब महिलाओं को सीधे जागरूक करने के लिए किलकारी नाम की योजना ला रही है। गर्भवती महिलाओं को उनके रजिस्टर्ड फोन नंबर पर ऑडियो मैसेज जिंगल्स भेजे जाएंगे।और अधिक »

मौसमी बीमारियों के चलते सिम्स व जिला अस्पताल पैक - दैनिक भास्कर;

मौसमी बीमारियों के चलते सिम्स व जिला अस्पताल पैक - दैनिक भास्कर

दैनिक भास्करमौसमी बीमारियों के चलते सिम्स व जिला अस्पताल पैकदैनिक भास्करबढ़ती गर्मी में मौसमी बीमारियों के चलते सिम्स व जिला अस्पताल के सभी वार्ड तथा इमरजेंसी फुल हो गए हैं। इसके चलते अब नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। अस्पताल से मरीजों को बिना इलाज के ही लौटाया जा रहा है। गरीब प्राइवेट अस्पतालों में अपने खर्च पर इलाज कराने को मजबूर हैं। बढ़ते तापमान का लोगों की सेहत पर विपरीत असर पड़ने लगा है। सर्दी-खांसी के साथ बुखार और डायरिया पीड़ित लोग हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। मरीजों के बढ़ने से बिस्तरों की संख्या भी कम पड़ने लगी है। शनिवार की रात सिम्स में 50 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें से 37 लोगों को इलाज के लिए भर्ती करना पड़ा। अस्पताल ...गर्मी ने किया बीमार, अस्पताल भी छुड़ा रहा पसीनादैनिक जागरणगर्मी की मार, बढ़ रहे बीमारInext Liveलू और डायरिया के बढ़े मरीज, अस्पताल फुलNai Duniaसभी ७ समाचार लेख »