GST से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली 78% दवा की कीमतों पर असर नहीं: NPPA - मनी भास्कर

NPPA ने GST से पहले 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया था। (सिम्बॉलिक इमेज). GST से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली 78% दवा की कीमतों पर असर नहीं: NPPA. NPPA ने GST से पहले 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया. नई दिल्ली. ड्रग रेग्युलेटर एनपीपीए का कहना है कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद रेग्युलर इस्तेमाल होने वाली करीब 78% दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके पहले एनपीपीए ने जीएसटी से पहले 761 जरूरी दवाओं का सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया था। सभी 761 दवाओं की अधिकतम कीमत घटाई गई थी, जिसमें एचआईवी, कैंसर और डायबिटीज ...

GST से एंटी कैंसर, HIV, एंटी डायबिटीज और एंंटीबायोटिक्स समेत 761 दवाएं नहीं होंगी महंगी - News State

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा। दवा की कीमतों की निगरानी करने वाली संस्था एनपीपीए ने कहा है कि 1 जुलाई से देश में नई कर व्यवस्था के लागू होने के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा, जिनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। एनपीपीए जीएसटी के लागू होने से पहले ही एंटी कैंसर, एचआईवी, डायबिटीज और एंटीबायोटिक्स समेत 761 दवाओं की कीमतों की घोषणा कर चुकी है। हालांकि अभी तक कीमतों को लेकर हुई बदलाव के बारे में अधिसूचना नहीं जारी नहीं की गई है। एनपीपीए ने कहा कि जीएसटी के लागू ...

GST के बाद महंगी होंगी दवाइयां: जानें दवाइयों पर कितना बढ़ा टैक्स - ABP News

नई दिल्लीः नए टैक्स सिस्टम GST में दवाइयों पर टैक्स बढ़ने वाला है. कई तरह की दवाइयां महंगी होने वाली है. लेकिन इससे पहले ही बाजार में दवाइयों की कमी होने लगी है. एबीपी न्यूज ने पड़ताल की तो पता चला की दवाइयों के दुकानदार GST के बाद नुकसान की आशंका की वजह से स्टॉक्स कम रख रहे हैं. और मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. कल आधी रात में लॉन्च होगा जीएसटी, यहां पढ़ें मिनट टू मिनट प्रोग्राम. जीएसटी की वजह से दवा बाजार पर क्या असर होगा. इसका जवाब दिल्ली में दवा की दुकान पर लगे एक नोटिस से मिल सकता है जिसमें लिखा है कि जीएसटी की वजह से दवाइयों की कमी है. खरीदी गई दवाई ...

जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाएं - दैनिक जागरण

जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) लागू होने से पहले देशभर के फार्मा उद्योगों में जबरदस्त हलचल है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने मंगलवार को 761 दवाओं के सूची जारी करते हुए बताया कि इनके दाम जीएसटी लागू होने के बाद कम होंगे। इससे आम आदमी को खासी राहत मिलेगी। इससे भारत के फार्मा उद्योगों में निर्मित होने वाली दवाएं पहले की अपेक्षा काफी सस्ती हो गई हैं। इनमें कैंसर, टीबी, पागलपन और एचआइवी के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं प्रमुख हैं। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने बताया है कि ...

GST के लिए तैयार हुआ NPPA, 761 दवाओं का अधिकतम मूल्य जारी - नवभारत टाइम्स

नैशनल फ़ार्मासूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी NPPA ने GST लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य की घोषणा कर दी है। इनमें कैंसर-रोधी, HIV-एड्स, डायबीटीज और ऐंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं। NPPA ने कहा कि दवाओं की कीमत अंतिम तौर पर नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद तय की जाएगी। इसमें हर राज्य के आधार पर 2-3 प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है। प्राइसिंग अथॉरिटी के चेयरपर्सन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कंपनियों के लिए जीएसटी में स्थानांतरण को आसान बनाने के लिए 761 दवाओं का अस्थायी तौर पर अधिकतम मूल्य घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू ...

दाम पर लगाम : जीएसटी से पहले दवाएं सस्ती - Business Standard Hindi

औषधि उद्योग ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद दवाओं की कीमतें चढ़ने का अंदेशा जताया था क्योंकि उन पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया जाना है। लेकिन दवाएं महंगी होने का खटका दूर करने के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) हरकत में आ गया है ताकि कीमतों पर काबू रखा जा सके। एनपीपीए ने औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ), 2013 की प्रथम अनुसूची में शामिल 761 दवाओं की अधिकतम मूल्य सीमा में तब्दीली कर दी है और इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। संशोधित मूल्य सूची के मुताबिक ज्यादातर दवाओं के दाम कम कर दिए गए हैं और कुछ दवाओं के दाम ही पहले जितने ...

जीएसटी लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य तय - NDTV Khabar

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कहा कि दवाओं की कीमत अंतिम तौर पर नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद तय की जाएगी. भाषा, अंतिम अपडेट: मंगलवार जून 27, 2017 10:53 PM IST. 1Share. ईमेल करें. टिप्पणियां. जीएसटी लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य तय. प्रतीकात्मक चित्र. नई दिल्ली: राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य की घोषणा कर दी है. इनमें कैंसर-रोधी, एचआईवी-एड्स, मधुमेह और एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं. एनपीपीए ने कहा कि दवाओं की कीमत ...

NPPA ने जारी किए 761 जरूरी दवाओं के दाम, GST में 3% तक महंगी होंगी दवाएं - मनी भास्कर

नई दिल्ली। ड्रग रेग्युलेटर एनपीपीए ने जीएसटी लागू होने को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। जीएसटी लागू होने के पहले एनपीपीए ने 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस जारी कर दी है। इसमें कैंसर, एचआईवी और डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी इस्तेमाल होने वाली दवाएं है। एनपीपीए का कहना है कि सीलिंग प्राइस पहले से कम हुआ है, हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद इन दवाओं की कीमत 3 फीसदी तक बढ़ या घट भी सकती है, जो अलग-अलग राज्यों पर डिपेंड है। फिलहाल नई कीमत पर अगर मैन्युफैक्चरर्स को कोई आपत्ति है तो वे 29 जून तक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बता दें कि जीएसटी पर ड्रग मैन्युफैक्चरर्स की ...