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दाम पर लगाम : जीएसटी से पहले दवाएं सस्ती - Business Standard Hindi

औषधि उद्योग ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद दवाओं की कीमतें चढ़ने का अंदेशा जताया था क्योंकि उन पर 12 फीसदी जीएसटी लगाया जाना है। लेकिन दवाएं महंगी होने का खटका दूर करने के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) हरकत में आ गया है ताकि कीमतों पर काबू रखा जा सके। एनपीपीए ने औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ), 2013 की प्रथम अनुसूची में शामिल 761 दवाओं की अधिकतम मूल्य सीमा में तब्दीली कर दी है और इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। संशोधित मूल्य सूची के मुताबिक ज्यादातर दवाओं के दाम कम कर दिए गए हैं और कुछ दवाओं के दाम ही पहले जितने रहे हैं। इन सभी दवाओं पर 12 फीसदी कर लगना है। इस अधिसूचना के बाद एचआईवी की दवा, रेबीज ...और अधिक »

जीएसटी लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य तय - NDTV Khabar

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने कहा कि दवाओं की कीमत अंतिम तौर पर नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद तय की जाएगी. भाषा, Updated: 27 जून, 2017 10:53 PM. 18 Shares. ईमेल करें. टिप्पणियां. जीएसटी लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य तय. प्रतीकात्मक चित्र. नई दिल्ली: राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने से पहले 761 दवाओं के अस्थायी अधिकतम मूल्य की घोषणा कर दी है. इनमें कैंसर-रोधी, एचआईवी-एड्स, मधुमेह और एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हैं. एनपीपीए ने कहा कि दवाओं की कीमत अंतिम तौर पर नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू होने के बाद तय की जाएगी. इसमें हर राज्य के आधार पर दो से तीन ...और अधिक »

GST के बाद महंगी होंगी दवाइयां: जानें दवाइयों पर कितना बढ़ा टैक्स - ABP News

नई दिल्लीः नए टैक्स सिस्टम GST में दवाइयों पर टैक्स बढ़ने वाला है. कई तरह की दवाइयां महंगी होने वाली है. लेकिन इससे पहले ही बाजार में दवाइयों की कमी होने लगी है. एबीपी न्यूज ने पड़ताल की तो पता चला की दवाइयों के दुकानदार GST के बाद नुकसान की आशंका की वजह से स्टॉक्स कम रख रहे हैं. और मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. कल आधी रात में लॉन्च होगा जीएसटी, यहां पढ़ें मिनट टू मिनट प्रोग्राम. जीएसटी की वजह से दवा बाजार पर क्या असर होगा. इसका जवाब दिल्ली में दवा की दुकान पर लगे एक नोटिस से मिल सकता है जिसमें लिखा है कि जीएसटी की वजह से दवाइयों की कमी है. खरीदी गई दवाई वापस भी नहीं ली जाएगी. ये है GST के बाद महंगे होने वाले सामान की सारी लिस्ट ...और अधिक »

GST से कैंसर, HIV दवाइयों की कीमत पर नहीं पड़ेगा असर, जाने कितना लगा टैक्स - News State

जीएसटी के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा। 1 जुलाई से देश में नई कर व्यवस्था के लागू होने के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा। डायबिटीज. दुनिया भर में करीब 35 करोड़ लोग मधुमेह का शिकार हैं। इनमें से करीब 6.3 करोड़ लोग अकेले भारत में डायबिटीज से ग्रस्त हैं। WHO के अनुसार 2030 तक डायबिटीज लोगों की मौत का सातवां सबसे बड़ा कारण होगा। डायबिटीज चेक करने की मशीन. दुनियाभर में 422 मिलियन व्यस्क मधुमेह से ग्रस्त है। 2012 में 1.5 मिलियन लोगों की मधुमेह के कारण मौत हुई। जीएसटी के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा। कैंसर सेल. भारत में करीब 14.5 लाख लोग कैंसर से ग्रस्त है। हर साल 7 लाख ...और अधिक »

दवाओं पर जीएसटी की मार! - मनी कॉंट्रोल (प्रेस विज्ञप्ति)

जीएसटी लागू होने के बाद पहला झटका महंगी दवाओं के रूप में लग सकता है, क्योंकि कई जरूरी दवाओं के दाम बढ़ सकते हैं। दवाओं की कीमतें तय करने वाली संस्था एनपीपीए ने जरूरी दवाओं की नई सीलिंग प्राइस जारी की है। दवा निर्माताओं का कहना है कि इसके बाद कई दवाओं की कीमत बढ़ानी पड़ेगी। एनपीपीए ने जीएसटी के बाद सीलिंग प्राइस की घोषणा की है। 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी हुई है। दरअसल पहले सीलिंग प्राइस में एक्साइज ड्यूटी जुड़ी होती थी, लेकिन नई सीलिंग प्राइस में एक्साइज ड्यूटी नहीं जोड़ी गई है। लिहाजा इन जरूरी दवाओं पर पहले के 9 फीसदी टैक्स बजाय अब 12 फीसदी जीएसटी देना होगा। इससे कई जरूरी दवाओं की कीमतें 2-2.5 फीसदी तक बढ़ सकती हैं ...और अधिक »

GST से एंटी कैंसर, HIV, एंटी डायबिटीज और एंंटीबायोटिक्स समेत 761 दवाएं नहीं होंगी महंगी - News State

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा। दवा की कीमतों की निगरानी करने वाली संस्था एनपीपीए ने कहा है कि 1 जुलाई से देश में नई कर व्यवस्था के लागू होने के बाद भी करीब 78 फीसदी दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं होगा, जिनका सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। एनपीपीए जीएसटी के लागू होने से पहले ही एंटी कैंसर, एचआईवी, डायबिटीज और एंटीबायोटिक्स समेत 761 दवाओं की कीमतों की घोषणा कर चुकी है। हालांकि अभी तक कीमतों को लेकर हुई बदलाव के बारे में अधिसूचना नहीं जारी नहीं की गई है। एनपीपीए ने कहा कि जीएसटी के लागू होने के बाद वह इन कीमतों को लेकर अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। Prices of ...और अधिक »

जीएसटी से सस्ती होंगी 761 दवाएं - दैनिक जागरण

देशभर के फार्मा उद्योगों में निर्मित दवाओं पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का असर होने से दवा बाजार में जबरदस्त हलचल हुई है। हजारों में बिकने वाली दवाओं पर जीएसटी ने कैंची चलाकर बड़ी राहत दी है। भारत के फार्मा उद्योगों में निर्मित होने वाली दवाएं पहले की अपेक्षा काफी सस्ती हो गई हैं। कई तरह के कैंसर, टीबी, पागलपन और एचआइवी के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमती दवाओं को सस्ता बना दिया है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) प्राधिकरण ने देशभर में निर्मित होने वाली 761 दवाओं की सूची मंगलवार को जारी कर दी है। इसमें जीएसटी के लागू होने के बाद उनके मूल्य पर होने वाले बदलाव का जिक्र है। सूची में महत्वपूर्ण दवाएं ...और अधिक »

GST से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली 78% दवा की कीमतों पर असर नहीं: NPPA - मनी भास्कर

NPPA ने GST से पहले 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया था। (सिम्बॉलिक इमेज). GST से ज्यादा इस्तेमाल होने वाली 78% दवा की कीमतों पर असर नहीं: NPPA. NPPA ने GST से पहले 761 जरूरी दवाओं की सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया. नई दिल्ली. ड्रग रेग्युलेटर एनपीपीए का कहना है कि 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद रेग्युलर इस्तेमाल होने वाली करीब 78% दवाओं की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके पहले एनपीपीए ने जीएसटी से पहले 761 जरूरी दवाओं का सीलिंग प्राइस नए सिरे से जारी किया था। सभी 761 दवाओं की अधिकतम कीमत घटाई गई थी, जिसमें एचआईवी, कैंसर और डायबिटीज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल थीं। इस सीलिंग प्राइस पर जीएसटी के तहत 12% टैक्स ...और अधिक »